Twisha Sharma Death Case: मॉडल और एक्टर ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में 10 दिनों से फरार चल रहे उनके पति समर्थ सिंह ने शुक्रवार को जबलपुर जिला अदालत में सरेंडर कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय से अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस लेने के ठीक एक घंटे बाद समर्थ सिंह भेष बदलकर अदालत पहुंचे थे।
पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए समर्थ सिंह ने सर्जिकल मास्क, काला चश्मा और नीली टोपी पहन रखी थी ताकि पहचान छुपाई जा सके। जैसे ही उनके आने की खबर फैली, मीडिया कर्मियों, वकीलों और पुलिस के बीच तीखी बहस, धक्का-मुक्की और नारेबाजी शुरू हो गई। जबलपुर अदालत ने उन्हें संबंधित क्षेत्राधिकार वाली भोपाल की स्थानीय अदालत या कटारा हिल्स पुलिस स्टेशन में सरेंडर करने का निर्देश दिया, जिसके तुरंत बाद परिसर में मौजूद पुलिस टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
Twisha Sharma Death Case: ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकी मिलीं ट्विशा
नोएडा की रहने वाली 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा का शादी दिसंबर 2025 में भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी। शादी के महज 5 महीने बाद, 12 मई 2026 को ट्विशा भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। ट्विशा शर्मा के परिवार ने ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया है। वहीं, समर्थ के परिवार का दावा है कि वह नशे की आदी थी।
इसी बीच, पीड़ित पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि आरोपियों को ट्रायल कोर्ट या भोपाल के जांच अधिकारी के समक्ष आत्मसमर्पण कर देना चाहिए था। उन्होंने कहा, ‘ट्रायल कोर्ट भोपाल में है और जांच अधिकारी भी भोपाल में ही हैं, उन्हें (द्विशा के पति और आरोपी समर्थ सिंह को) उनके सामने आत्मसमर्पण करना चाहिए… अगर वह आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, तो उन्हें ट्रायल कोर्ट में या जांच अधिकारी के सामने ऐसा करना चाहिए।’ (Twisha Sharma Death Case)
उच्च न्यायालय ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत पर नोटिस जारी किया, अगली सुनवाई 25 मई को
इससे पहले दिन में, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने द्विशा शर्मा के पिता और राज्य सरकार द्वारा दायर याचिकाओं पर नोटिस जारी किया, जिसमें निचली अदालत द्वारा 33 वर्षीय महिला की सास गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत का विरोध किया गया था, जो 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थी। द्विशा शर्मा के परिवार के वकील, एडवोकेट अंकुर पांडे ने कहा कि इस मामले की अगली सुनवाई 25 मई को होगी।
अंकुर पांडे ने बताया, ‘इस मामले में उच्च न्यायालय में कुल चार याचिकाएं दायर की गईं। एक याचिका सरकार द्वारा निचली सत्र न्यायालय द्वारा गिरिबाला सिंह को दी गई जमानत को चुनौती देते हुए दायर की गई थी। इसके बाद, पीड़िता के पिता ने भी निचली सत्र न्यायालय द्वारा गिरिबाला सिंह को दी गई जमानत को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर की। आज इन दोनों याचिकाओं की सुनवाई करते हुए, उच्च न्यायालय ने नोटिस जारी किया है और अगली सुनवाई 25 तारीख को निर्धारित की है। इस सुनवाई में इस बात पर बहस होगी कि पीड़िता की सास की जमानत रद्द क्यों नहीं की जानी चाहिए, जिसमें चुनौती के बिंदुओं और कानूनी खामियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इन सभी पर 25 तारीख को सुनवाई होगी।’ (Twisha Sharma Death Case)
दूसरी पोस्टमार्टम की मंजूरी, दिल्ली के विशेषज्ञ एम्स भोपाल भेजे जाएंगे
पांडे ने बताया कि उच्च न्यायालय ने द्विशा शर्मा के दूसरे पोस्टमार्टम की भी अनुमति दे दी है। वकील ने बताया कि मृतक महिला के परिवार की याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने एम्स दिल्ली के निदेशक को एक समिति गठित करने और चिकित्सा विशेषज्ञों की एक टीम को एम्स भोपाल भेजने का निर्देश दिया, जो द्विशा शर्मा का दूसरा पोस्टमार्टम करेगी। निचली अदालत द्वारा दूसरे पोस्टमार्टम की याचिका खारिज किए जाने के दो दिन बाद परिवार ने उच्च न्यायालय का रुख किया था।
अंकुर पांडे ने बताया, ‘इसके अलावा, दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए एक तीसरी याचिका दायर की गई थी। सरकार द्वारा प्रस्तुत दलीलों और पीड़िता के पिता द्वारा दायर याचिका पर विचार करने के बाद, अदालत ने दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट की अनुमति दे दी है। हालांकि शव को यहां से दिल्ली स्थानांतरित करने पर प्रारंभिक चर्चा हुई थी, लेकिन इसे सुविधाजनक नहीं समझा गया। इसलिए, सभी की सहमति से, एम्स, दिल्ली के निदेशक को जल्द से जल्द विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टर दिल्ली से भोपाल जाएंगे और एम्स [भोपाल] में रखे गए द्विशा शर्मा के शव का दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट करेंगे।’ (Twisha Sharma Death Case)
ट्विशा के परिवार ने लगाया दहेज उत्पीड़न का आरोप
वकील ने कहा कि द्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह, जो 12 मई से गिरफ्तारी से बच रहे हैं, उन्होंने उच्च न्यायालय से अपनी जमानत याचिका वापस ले ली है और कहा है कि वह या तो जांच एजेंसी के सामने या अदालत के सामने आत्मसमर्पण करेंगे। अधिवक्ता अंकुर पांडे ने कहा,
‘इसके अलावा, चौथी याचिका समर्थ सिंह के लिए दायर की गई थी, जो इस मामले में आरोपी है और 12 तारीख से फरार है। वह द्विशा शर्मा का पति है। उसके वकील ने आज इसे वापस ले लिया… उन्होंने इस शर्त के साथ याचिका वापस ली कि वह या तो जांच एजेंसी या अदालत के सामने आत्मसमर्पण कर देगा, और अदालत या जांच अधिकारी तदनुसार उचित कार्रवाई करेंगे।’
ट्विशा के परिवार (पिता और सेना में मेजर भाई) ने ससुराल पक्ष पर हत्या, गंभीर शारीरिक-मानसिक प्रताड़ना और दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पुलिस ने समर्थ और उनकी मां गिरिबाला सिंह (सेवानिवृत्त जिला जज) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और दहेज निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। दूसरी ओर, सिंह परिवार ने दावों को खारिज करते हुए ट्विशा पर मानसिक बीमारी (स्किज़ोफ्रेनिया) और नशीले पदार्थों की लत का आरोप लगाया था। (Twisha Sharma Death Case)
मध्य प्रदेश सरकार ने CBI जांच की सिफारिश की, SIT ने शुरुआती जांच में कमियां पाईं
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने औपचारिक रूप से इस केस की CBI जांच कराने की सिफारिश की है और केंद्रीय एजेंसी को जांच सौंपने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जांच कर रही एसआईटी (SIT) ने माना कि पहली बार पोस्टमार्टम के दौरान पुलिस कर्मी उस बेल्ट/रस्सी को डॉक्टरों के पास ले जाना भूल गए थे जिससे शव लटका था, जिससे जांच पर सवाल उठे थे।
पुलिस ने समर्थ और गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85 और 3(5) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम के प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की थी। जैसे-जैसे जांच तेज हुई, पुलिस ने समर्थ की गिरफ्तारी की जानकारी देने वाले को 30,000 रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की और साथ ही अदालत में उसका पासपोर्ट रद्द करने की मांग भी की। (Twisha Sharma Death Case)









