UP Election 2027: समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने इशारा किया कि वह विधानसभा चुनाव लड़े बिना भी मुख्यमंत्री बन सकते हैं। वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनसे पूछा गया कि सपा शहर की कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी और क्या वह खुद भी चुनाव लड़ेंगे। इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “काशी के लोग बहुत धार्मिक हैं और सब कुछ समझते हैं, जिसमें शुभ और अशुभ भी शामिल है। हम मुख्यमंत्री तब बनते हैं, जब हम चुनाव नहीं लड़ते। हम वही करेंगे जो हमारे लिए शुभ होगा। हम सीधे लोकसभा से शपथ लेंगे।”
UP Election 2027: अखिलेश यादव का बड़ा दावा, BJP के 200 विधायकों का कट सकता है टिकट
पार्टी की चुनावी रणनीति पर यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी उम्मीदवारों को उनके जीतने की क्षमता के आधार पर चुनेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी जानती है कि अलग-अलग लोगों और ग्रुप को साथ लेकर कैसे आगे बढ़ना है। BJP पर निशाना साधते हुए यादव ने दावा किया कि सत्ताधारी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में करीब 200 मौजूदा MLAs को टिकट देने से मना करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि BJP ने शुरू में 100 MLAs को टिकट देने का प्लान बनाया था, लेकिन MLC चुनाव में हार के बाद अब यह संख्या बढ़ाकर 200 करने पर विचार कर रही है। उन्होंने आगे दावा किया कि काशी के मंत्री सबसे पहले अपना टिकट खो देंगे।
अखिलेश यादव का BJP पर तीखा हमला, बोले- भाजपा खुद है अराजकता
भारतीय जनता पार्टी के देश भर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च पर निशाना साधते हुए, अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा खुद अराजकता है। विपक्ष के मार्च की BJP की आलोचना पर सवाल उठाते हुए यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा पेपर बैलेट वोटिंग की वकालत की है, और कहा कि अगर वह उत्तर प्रदेश में सभी 80 लोकसभा सीटें EVM से जीत भी जाती है, तो भी वह EVM का विरोध करती रहेगी। (UP Election 2027)
उन्होंने कहा, “यह अराजकता का मार्च नहीं है। भारतीय जनता पार्टी खुद अराजकता है। और सिर्फ़ एक संकट है – BJP। इस संकट को हल करने के लिए BJP को भगाओ, BJP को हटाओ। समाजवादी पार्टी का हमेशा से यही रुख रहा है कि हम पेपर बैलेट से वोटिंग चाहते हैं और हम EVM को हटाना चाहते हैं। अगर समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में EVM से 80 में से सभी 80 सीटें जीत भी जाती, तो भी हम EVM का विरोध करते। हमारा मानना है कि वोटिंग तभी संवैधानिक है जब पेपर बैलेट से हो। अगर वोट EVM से डाले जाते हैं, तो यह गैर-संवैधानिक है। अमेरिका में भी चुनाव हो रहे हैं। अमेरिका दुनिया का नंबर एक देश है। मुझे बताइए, क्या वहां पेपर बैलेट से वोट नहीं डाले जा रहे हैं?”
अखिलेश यादव का वाराणसी पर तंज, बोले- PM के क्षेत्र में सड़कें बनीं स्विमिंग पूल
निषाद पार्टी के चीफ संजय निषाद और समाजवादी पार्टी के निषाद वोट बैंक पर उनके कथित असर के बारे में एक सवाल के जवाब में यादव ने हाल की चुनावी हार का ज़िक्र किया और वाराणसी की हालत की आलोचना की। उन्होंने कहा, “जिसे मां गंगा ने बुलाया था, वो अब मां गंगा को भूल गया है। और यह दोहरी हार 2027 के लिए साफ़ संकेत है। अगर वे वाराणसी को क्योटो नहीं बना सकते थे, तो कम से कम यहां तस्वीरें या होर्डिंग्स तो लगा ही सकते थे! और ज़रा सोचिए। (UP Election 2027)
वाराणसी को देश के प्रधानमंत्री रिप्रेजेंट करते हैं। उनकी सरकार दिल्ली और लखनऊ में इतने लंबे समय से है, फिर भी आप यहां ट्रैफिक जाम से बच नहीं सकते। आपके पास न तो ठीक से ट्रैफिक मैनेजमेंट है, न पीने का साफ पानी, और सड़कें कचरे से भरी हैं। जिस सड़क पर मैं अभी गया था। मैंने सुना है कि वह लगभग स्विमिंग पूल बन गई है। क्या आप सोच भी सकते हैं कि प्रधानमंत्री के अपने चुनाव क्षेत्र की सड़कें ऐसी हालत में हैं?”
अखिलेश यादव का PDA फॉर्मूला, बोले- पीड़ित ब्राह्मण भी इसका हिस्सा
PDA का फुल फॉर्म बताते हुए समाजवादी पार्टी के चीफ ने कहा कि इसका मतलब पिछड़े वर्ग, दलित और माइनॉरिटी है, साथ ही इसमें जुल्म, बेइज्जती और तकलीफ झेल रहे लोग भी शामिल हैं। यादव ने कहा, “PDA का फुल फॉर्म है- पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक, जिसमें हमारे मुस्लिम भाई, साथ ही जैन, बौद्ध, पारसी, सिख, ईसाई और माइनॉरिटी की कैटेगरी में आने वाले दूसरे लोग शामिल हैं। इसमें कोई भी शामिल है जो पीड़ित है भले ही वह व्यक्ति ब्राह्मण हो; अगर वे पीड़ित हैं, तो वे इस ग्रुप का हिस्सा हैं।”
बता दें, अखिलेश यादव 15 मार्च 2012 को पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे, जब वे कन्नौज से लोकसभा MP थे। पद संभालने के बाद, उन्होंने लोकसभा से इस्तीफा दे दिया और बाद में उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य बन गए। (UP Election 2027)
SIR के विरोध में विपक्ष के खिलाफ BJP का शक्ति प्रदर्शन, निकाला जवाबी मार्च
वहीं, चुनाव आयोग के वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ विपक्ष के विरोध के जवाब में BJP ने एक काउंटर-मार्च निकाला। इस मार्च में BJP कार्यकर्ताओं और समर्थकों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखी गई, और पूरे जुलूस में राष्ट्रीय झंडे खास तौर पर दिखाए गए। यह मार्च लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के उस बयान के बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने नई दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक द्वारा आयोजित एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाकर जेल भेजा जाएगा। साथ ही, उन पर देश में कथित वोट चोरी में मदद करने का आरोप भी लगाया था।









