UP Politics: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया है। विपक्षी दलों की तरफ से चुनाव प्रक्रिया, ईवीएम और संवैधानिक संस्थाओं पर उठाए जा रहे सवालों के जवाब में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन शुरू किया है। इसी कड़ी में गोरखपुर में आयोजित भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के दौरान राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया। रैली को संबोधित करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला।
UP Politics: ‘अखिलेश-राहुल की राजनीति परिवार तक सीमित’- गोरखपुर में बोले नितिन नवीन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृहक्षेत्र गोरखपुर में भाजपा की तीन दिवसीय शांति पदयात्रा ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ की शुरुआत के दौरान विपक्ष पर चौतरफा हमले किए गए। इस रैली में पहुंचे भाजपा नेता नितिन नवीन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इन दोनों नेताओं की राजनीति केवल अपने परिवारों के हितों और सत्ता के संरक्षण तक ही सीमित रह गई है। उन्होंने दोनों नेताओं को ‘हार का बहानेबाज’ और भारतीय राजनीति को दूषित करने वाला करार दिया।
राहुल गांधी पर तीखा प्रहार- ‘विदेशी टूलकिट और फुस्स रॉकेट’
नितिन नवीन ने जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी की तुलना भारतीय राजनीति के ‘राहू’ से कर दी, जो देश के लोकतांत्रिक माहौल को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जमीन पर काम करने के बजाय विदेशी ताकतों के एक ‘टूलकिट’ के रूप में काम कर रहे हैं और देश के भीतर अराजकता फैलाना चाहते हैं। (UP Politics)
रैली में मौजूद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सुर में सुर मिलाते हुए राहुल गांधी को दिवाली का ‘फुस्स रॉकेट’ बताया, जिसका धुंआ निकल चुका है। नितिन नवीन ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा, “राहुल गांधी कांग्रेस को ही मुबारक हों। यदि वे इसी तरह पार्टी का नेतृत्व करते रहे, तो आने वाले समय में देश में कांग्रेस का नाम लेने वाला भी कोई नहीं बचेगा।”
अखिलेश यादव पर निशाना- ‘हार के बाद बहानेबाजी’
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि जब भी विपक्ष चुनाव हारता है, तो वह जनता की सेवा में अपनी कमियों को देखने के बजाय चुनाव प्रणाली, मतदाता सूचियों (SIR) और ईवीएम पर ठीकरा फोड़ना शुरू कर देता है। नितिन नवीन ने कहा कि यदि इन नेताओं ने जमीन पर जनता के सुख-दुख में भागीदारी की होती, तो आज इन्हें चुनाव दर चुनाव हार का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के पास उत्तर प्रदेश में विकास का कोई विजन नहीं है और उनका पूरा जोर केवल अपने परिवारवाद के गढ़ को बचाने पर है।
2027 के चुनावी समर का शंखनाद
यह पदयात्रा महज एक रैली नहीं, बल्कि 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के अभियान का शंखनाद मानी जा रही है। गोरखपुर के इस शक्ति प्रदर्शन में 50,000 से अधिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। स्थानीय सांसद रवि किशन ने भी इस मौके पर दावा किया कि 2027 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा 2017 से भी शानदार प्रदर्शन दोहराएगी और विपक्ष की जमानतें जब्त हो जाएंगी। (UP Politics)

राजनीतिक विश्लेषकों का नजरिया
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने विपक्ष के ‘संवैधानिक खतरे’ वाले नैरेटिव को काटने के लिए ही ‘लोकतंत्र बचाओ’ यात्रा का दांव खेला है। जहां एक तरफ अखिलेश यादव पूर्वांचल में ब्राह्मणों और व्यापारी वर्ग को साधने के लिए ‘गोरखपुर बनाम काशी’ का नैरेटिव गढ़ रहे हैं, वहीं भाजपा ने राष्ट्रवाद, कानून व्यवस्था और ‘परिवारवाद बनाम राष्ट्रवाद’ के अपने पुराने और परखे हुए एजेंडे को धार देना शुरू कर दिया है।
गोरखपुर में नितिन नवीन और सीएम योगी का यह संयुक्त हमला साफ संकेत देता है कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की सियासत में जुबानी जंग और तीखी होने वाली है। भाजपा जहां विपक्ष को ‘अराजक और परिवारवादी’ साबित करने में जुटी है, वहीं कांग्रेस और सपा एकजुट होकर सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति बना रहे हैं। (UP Politics)









