लखनऊ: Up Govt Operation Clean: क्या आपके घर की गैस बुकिंग के हफ्ते भर बाद भी सिलेंडर नहीं पहुँच रहा? क्या आपको भी एजेंसी से ‘पीछे से सप्लाई कम है’ वाला घिसा-पिटा बहाना सुनने को मिलता है? अगर हाँ, तो आप एक बहुत बड़े धोखे का शिकार हैं। असलियत यह है कि आपके हिस्से का सस्ता घरेलू सिलेंडर (Domestic Cylinder) आप तक पहुँचने से पहले ही ‘गैस माफियाओं’ द्वारा होटलों और फैक्ट्रियों में ‘Divert’ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर हुए एक सनसनीखेज खुलासे के बाद अब यूपी की सड़कों पर माफियाओं के खिलाफ ‘हंटर’ चलना शुरू हो गया है।
कैसे होता है आपके हक का ‘डायवर्जन’? समझिए काला खेल
इस पूरे खेल की जड़ है—घरेलू (लाल) और कमर्शियल (नीले) सिलेंडर के बीच कीमतों का बड़ा अंतर। गैस माफिया गोदामों से आपके नाम का सिलेंडर निकालते हैं, लेकिन उसे आपके घर भेजने के बजाय अवैध अड्डों पर ले जाते हैं। वहां नोजल लगाकर घरेलू सिलेंडर की सस्ती गैस चोरी की जाती है और उसे महंगे कमर्शियल सिलेंडरों में भर दिया जाता है। कई मामलों में तो सीधे आपके हिस्से का लाल सिलेंडर ही ऊंचे दामों पर ढाबों और कमर्शियल यूनिट्स को ‘ब्लैक’ में बेच दिया जाता है। आप लाइन में खड़े रहते हैं और आपका हक पीछे के दरवाजे से बिक जाता है। (Up Govt Operation Clean)
‘ऑपरेशन क्लीन’: 12,732 ठिकानों पर छापेमारी और जेल भेजे गए माफिया
जब डेटा एनालिसिस से पता चला कि सरकार रिकॉर्ड गैस भेज रही है फिर भी किल्लत है, तो 12 मार्च से यूपी में ‘ऑपरेशन क्लीन’ (Up Govt Operation Clean) शुरू हुआ। पुलिस और खाद्य रसद विभाग की टीमों ने प्रदेश भर में 12,732 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस महा-अभियान का असर यह रहा कि:
- 25 गैस एजेंसियों पर सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है।
- 16 बड़े माफिया सलाखों के पीछे भेजे जा चुके हैं।
- 185 लोगों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जा रही है और 152 मास्टरमाइंड चिन्हित किए गए हैं। यह सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि जमीन पर उतरकर माफियाओं के साम्राज्य को ध्वस्त करने वाली एक बड़ी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ है।
सरकार का मास्टरस्ट्रोक: 20% अतिरिक्त सप्लाई और ‘वॉर रूम’
सिर्फ छापेमारी से समस्या खत्म नहीं होती, इसलिए सरकार ने 23 मार्च 2026 से एक बड़ा ‘इकोनॉमिक हिट’ दिया है। भारत सरकार के सहयोग से यूपी में कमर्शियल गैस की सप्लाई में 20% का इजाफा कर दिया गया है। अब बाजार में नीले सिलेंडर इतनी मात्रा में होंगे कि किसी होटल वाले को चोरी-छिपे आपका लाल सिलेंडर खरीदने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। इसके अलावा, लखनऊ में एक हाई-टेक ‘War Room’ बनाया गया है, जो डिजिटल मैप के जरिए हर जिले के स्टॉक और ट्रकों की आवाजाही पर 24 घंटे नजर रख रहा है। (Up Govt Operation Clean)
सावधान! अब ‘बहाना’ नहीं चलेगा; प्रशासन की पैनी नजर
यूपी के सभी 4,108 डिस्ट्रीब्यूटर्स को सख्त चेतावनी दी गई है कि अगर स्टॉक छुपाया या जनता को परेशान किया, तो लाइसेंस तुरंत रद्द होगा। जिला पूर्ति अधिकारियों (DSO) को फील्ड में तैनात किया गया है और हर जिले में लोकल कंट्रोल रूम शिकायतों का निपटारा कर रहे हैं। खाद्य आयुक्त कार्यालय के मुताबिक, अब पेट्रोल-डीजल और गैस की निर्बाध आपूर्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनता को सलाह दी गई है कि वे ‘सप्लाई कम है’ जैसी अफवाहों पर ध्यान न दें, क्योंकि अब सारा डेटा ऑनलाइन और पारदर्शी (Transparent) है। (Up Govt Operation Clean)









