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UP Minister touched Commissioner’s feet: यूपी सरकार में मंत्री ‘मन्नू कोरी’ नें झांसी मंडल के कमिश्‍नर के आखिर क्यों छुए पैर,? देखिए वीडियो , जानिए पूरा सच

उत्तर प्रदेश की सियासत में ‘झांसी मंडल’ (Jhansi Division) की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गई है। यूपी सरकार के राज्य मंत्री मन्नू कोरी (Mannu Kori) का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह झांसी के मंडलायुक्त (Commissioner) के पैर छूते नजर आ रहे हैं। इस घटना ने “विधायक/मंत्री बनाम नौकरशाही” की पुरानी बहस को एक बार फिर जन्म दे दिया है।

“सत्ता के गलियारों में जब एक मंत्री किसी अधिकारी के सामने झुकता है, तो सवाल उठना लाजमी है। झांसी मंडल के दौरे पर पहुंचे यूपी सरकार के श्रम एवं सेवायोजन राज्य मंत्री मन्नू कोरी का एक वीडियो इंटरनेट पर बवाल मचा रहा है, जिसमें वह कमिश्नर विमल कुमार दुबे ( Vimal Kumar Dubey) के चरण स्पर्श करते दिख रहे हैं। जहां एक ओर विपक्ष इसे ‘लोकतंत्र का अपमान’ और ‘अफसरशाही का दबदबा’ बता रहा है, वहीं दूसरी ओर मंत्री जी का अपना ही तर्क है। क्या यह बुंदेलखंड के संस्कारों की विनम्रता है या फिर योगी सरकार के मंत्रियों पर हावी होती ब्यूरोक्रेसी का संकेत? आइए, इस वायरल वीडियो के पीछे की असली कहानी को डिकोड करते हैं।”

यूपी के राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ उर्फ मन्नू कोरी ललितपुर के दौरे पर पहुंचे। इस दौरान वह झांसी मंडल के कमिश्नर बिमल कुमार दुबे का पैर छूने के लिए झुक गए। मंत्री को यह करते देख कमिश्नर ने रोका और दोनों हाथ जोड़ दिए। इस दौरान मंत्री ने जो माला अपने हाथ में कमिश्नर को पहनाने के लिए ले रखी थी, वह कमिश्नर ने मंत्री से लेकर उन्हें पहना दी। आसपास खड़े प्रशासनिक अमले के अफसर और नेतागण यह नजारा देखकर मुस्कुराते दिखे। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वीडियो में क्या है?: वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही झांसी के मंडलायुक्त विमल कुमार दुबे मंत्री जी का स्वागत करने आते हैं, मंत्री मन्नू कोरी झुककर उनके पैर छू लेते हैं। इसके बाद कमिश्नर असहज होकर उन्हें रोकने की कोशिश करते हैं।

प्रोटोकॉल की बहस: प्रोटोकॉल के अनुसार, मंत्री का पद संवैधानिक रूप से किसी भी प्रशासनिक अधिकारी से ऊपर होता है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि मंत्री का यह व्यवहार कार्यकर्ताओं के मनोबल को गिरा सकता है, क्योंकि अक्सर विधायक और मंत्री अधिकारियों पर ‘अनदेखी’ का आरोप लगाते रहते हैं।

झांसी की प्रतिक्रिया: स्थानीय लोगों और विपक्षी नेताओं (विशेषकर सपा और कांग्रेस) ने इसे लेकर तंज कसा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जब सरकार के मंत्री ही अधिकारियों के पैरों में गिरेंगे, तो जनता की सुनवाई कैसे होगी?

https://x.com/i/status/2012071010426597501

निर्माणाधीन ओवरब्रिज का निरीक्षण

निरीक्षण के पहले कमिश्नर के स्वागत के दौरान यह दिलचस्प तस्वीर देखने को मिली जिसमें मंत्री मनोहर लाल पंथ कमिश्नर बिमल कुमार दुबे के पैर छूने को झुके। इस दौरान कमिश्नर बिमल कुमार दुबे ने बताया कि एक दो दिन में यह पुल शुरू कर दिया जाएगा। यह एक लंबित परियोजना थी, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। एनएचएआई के अफसरों ने जो वादा किया था, उसे पूरा किया। डीएम लगातार सक्रिय रहे। मंत्री जी ने निरंतर दौरा किया। जनता को नए साल में यह बड़ा तोहफा दिया जा रहा है।

“यह पहली बार नहीं है जब यूपी में किसी मंत्री और अधिकारी के बीच के तालमेल ने सुर्खियां बटोरी हों, लेकिन ‘चरण स्पर्श’ का यह मामला शिष्टाचार और प्रोटोकॉल के बीच की महीन रेखा को धुंधला कर देता है। मन्नू कोरी इसे अपने ‘संस्कार’ बता रहे हैं, जबकि राजनीतिक पंडित इसे ‘अधिकारी राज’ का बढ़ता असर मान रहे हैं। सच जो भी हो, लेकिन इस एक छोटे से वीडियो ने यूपी की राजनीति में ‘कद’ और ‘पद’ की एक नई बहस छेड़ दी है।”

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