Uttar Pradesh Financial Fraud: कानपुर नगर कमिश्नरेट पुलिस ने गुरुवार को वित्तीय धोखाधड़ी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए इसके मास्टरमाइंड महफूज अली उर्फ ‘पप्पू छुरी’ को गिरफ्तार कर लिया है। जाजमऊ इलाके से पकड़ा गया यह आरोपी फर्जी कंपनियां बनाकर 146 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन और टैक्स चोरी के इस खेल का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है।
Uttar Pradesh Financial Fraud: कैसे मजदूरों के पैन कार्ड से खड़ी की गईं फर्जी कंपनियां
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह कम पढ़े-लिखे मजदूरों को झांसा देकर के पैन कार्ड का इस्तेमाल करके फर्जी कंपनियां बनाकर काम करता था। इस ऑपरेशन को चकेरी पुलिस, साइबर सेल और निगरानी इकाई की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया।
कबाड़ और बूचड़खाने के कारोबार से जुड़ा काला धन
पुलिस के मुताबिक, महफूज़ ने अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर लगभग 68 बैंक खाते खोले थे। इन खातों के ज़रिए कुल 146 करोड़ रुपये का लेन-देन सिर्फ एक कंपनी, ‘अफीसा एंटरप्राइजेज’ के माध्यम से किया गया था। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इसमें शामिल धनराशि कबाड़ और बूचड़खानों के व्यापार से प्राप्त हुई थी। महफूज़ इन पैसों को निकालता था और कमीशन के बदले में, उसी कंपनी को नकद में वापस कर देता था जहां से ये पैसा आया था। (Uttar Pradesh Financial Fraud)
वकील फिरोज खान की भूमिका पर पुलिस की बड़ी जांच
पुलिस की गहन जांच से इस गिरोह के असली सरगना का भी पर्दाफाश हुआ है। फिरोज खान नाम का एक वकील, जो इन फर्जी जीएसटी-पंजीकृत फर्मों के गठन में मदद करता था। फिलहाल, महफूज के खिलाफ छह आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब वकील फिरोज समेत बाकी सहयोगियों की सक्रिय रूप से तलाश कर रही है। (Uttar Pradesh Financial Fraud)
साइबर सेल और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई कैसे बनी कामयाब
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया, ‘स्क्रैप डीलर और कसाईखाने के कारोबार में शामिल लोग धन के लेन-देन में लिप्त थे। इसमें जीएसटी चोरी, फर्जी कंपनियां, आयकर धोखाधड़ी और हवाला लेनदेन शामिल थे। कई फर्जी फर्मों की पहचान कर ली गई है और लाभार्थियों के नाम सामने आए हैं, जिनमें ताहिर, अजमेरी, रुस्तम और उनसे जुड़े सहयोगी शामिल हैं। नोटिस जारी कर जांच जारी है। पांच लोगों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है और आगे के नोटिस जारी किए जा रहे हैं।’ (Uttar Pradesh Financial Fraud)
यूपी से पंजाब तक फैला फर्जी GST फर्मों का जाल
आयुक्त ने कहा, ‘लेन-देन और लाभार्थियों के सत्यापन पर ध्यान केंद्रित करते हुए जांच जारी है। 1 फरवरी को हुई एक डकैती की घटना में अवैध नकद लेनदेन से जुड़े मामले सामने आए। पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 11 लाख रुपये बरामद किए गए। फर्जी तरीके से खाते खोले गए, फर्जी जीएसटी पंजीकरण किए गए और 68 खातों का पता लगाया गया। यह रैकेट पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में फैला हुआ है। जीएसटी और आयकर अधिकारी सहयोग कर रहे हैं। कई बैंकों में लेनदेन हुए हैं।’ (Uttar Pradesh Financial Fraud)









