Uttarakhand: गर्मी शुरू होते ही उत्तराखंड के जंगलों में आग की घटनाएं एक बार फिर बढ़ने लगी हैं। नैनीताल के गेठिया क्षेत्र समेत आसपास के जंगलों में पिछले 24 घंटे से भीषण आग धधक रही है। आग ने देखते ही देखते कई हेक्टेयर वन क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है।
Uttarakhand: नैनीताल से रुद्रप्रयाग तक फैलता खतरा
जंगल में लगी इस आग से वन्यजीवों पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। कई पशु-पक्षियों के प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहे हैं। उनकी जान पर भी बन आई है। आग की लपटों और धुएं के कारण आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में भी चिंता का माहौल है।
इस बीच, रुद्रप्रयाग के वन विभाग ने इस मौसम में अब तक जिले भर में जंगल में आग लगने की 20 घटनाओं की सूचना दी है, जिससे आरक्षित वनों, वन पंचायत क्षेत्रों और राजस्व वन क्षेत्रों में लगभग 15 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई है। अधिकारियों ने बढ़ती घटनाओं का कारण लंबे समय तक शुष्क मौसम और मानवीय लापरवाही को बताया। (Uttarakhand)

आग के पीछे मानवीय लापरवाही या साजिश?
संभागीय वन अधिकारी (DFO) रजत सुमन ने कहा कि इनमें से कई आगजनी की घटनाएं व्यक्तियों द्वारा जानबूझकर की जा रही हैं, जिससे घटनाओं में वृद्धि हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि कुछ मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। गंभीर मामलों में दोषियों को आर्थिक दंड, दो साल तक की कैद और अन्य कानूनी सजाओं का सामना करना पड़ सकता है। (Uttarakhand)
DFO ने कहा कि वन में आग लगने की घटनाओं में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ हम कड़ी से कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं। भारतीय वन अधिनियम के तहत 6 महीने तक की कैद का प्रावधान है और हम उसे लागू कर रहे हैं। हाल ही में हमने दक्षिण चमोली रेंज से भागे कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके खिलाफ भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें 2 साल तक की कैद का प्रावधान है, साथ ही बीएनएस की धाराओं के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। वन में आग लगने और अन्य घटनाओं में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। (Uttarakhand)
प्रशासन की कार्रवाई और कानूनी प्रावधान
विभागाध्यक्ष ने आगे बताया कि अब तक 20 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनसे लगभग 15 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। उन्होंने आगे कहा कि जैसा कि हम देख रहे हैं, हालिया सूखा काफी समय से जारी है। इसके चलते यहां तापमान काफी बढ़ रहा है और इस दौरान लोग कई जगहों पर आग लगा रहे हैं, जिससे हमारे लिए भी बेहद चिंताजनक स्थिति पैदा हो गई है। (Uttarakhand)
इस दौरान हमने देखा है कि लगभग 20 ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें हमारे आरक्षित वनों, राजस्व वनों और वन पंचायत वनों में आग लगी है, जिससे 15 हेक्टेयर से अधिक का क्षेत्र प्रभावित हुआ है।









