Varanasi Manikarnika Ghat: समाजवादी पार्टी के सांसदों ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मणिकर्णिका घाट के पुनर्निर्माण के दौरान मराठा रानी अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति कथित रूप से तोड़े जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना करते हुए उस पर राज्य की विरासत को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।
Varanasi Manikarnika Ghat: सांसद रामगोपाल यादव की प्रमुख बातें
सपा सांसद ने कहा कि उन्होंने मणिकर्णिका घाट में तोड़फोड़ की। अन्य मूर्तियों के साथ-साथ अहिल्या बाई की मूर्ति को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। वाराणसी की संस्कृति प्राचीन है। प्रधानमंत्री वाराणसी से सांसद हैं। वाराणसी की संस्कृति को संरक्षित रखने के लिए वहां की जनता यह सुनिश्चित करती है कि वहां इस तरह का कोई बदलाव न हो, ताकि उनकी पुरानी पहचान और संस्कृति को कोई नुकसान न पहुंचे। वे विरासत की रक्षा नहीं कर रहे हैं, बल्कि उसे नुकसान पहुंचा रहे हैं।
मणिकर्णिका घाट के जीर्णोद्धार को लेकर राज्य सरकार की आलोचना
विपक्ष ने मणिकर्णिका घाट के जीर्णोद्धार को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की है। सौंदर्गीकरण और सुदृढ़ीकरण परियोजना के तहत मणिकर्णिका घाट पर तोड़फोड़ और सफाई अभियान के बाद विवाद खड़ा हो गया, जिसमें अतिक्रमण और पुरानी संरचनाओं को हटाने के लिए भारी मशीनों का इस्तेमाल किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया के दौरान मिली कई प्राचीन मूर्तियों और कलाकृतियों को संस्कृति विभाग ने सुरक्षित कर लिया है और निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इन्हें पुनः स्थापित कर दिया जाएगा। (Varanasi Manikarnika Ghat)
पिछले महीने, उत्तर प्रदेश पुलिस ने वाराणसी के चौक पुलिस स्टेशन में एआई द्वारा निर्मित छवियों और पुनर्विकास कार्य से संबंधित कथित भ्रामक जानकारी के खिलाफ आठ अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। पुलिस के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता (BNS) के संबंधित प्रावधानों के तहत आपत्तिजनक सामग्री साझा करने या उस पर टिप्पणी करने वाले आठ व्यक्तियों और अन्य लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।
CM योगी ने विकास कार्यों का किया बचाव
इस बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास कार्यों का बचाव किया और वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर दाह संस्कार से जुड़ी चुनौतियों को उजागर करते हुए इस बात पर जोर दिया कि दाह संस्कार एक पवित्र अनुष्ठान है, जिसके लिए सम्मान और स्वच्छता की आवश्यकता होती है।
पिछले महीने मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने मानसून के मौसम में दाह संस्कार से जुड़ी कठिनाइयों पर जोर दिया, जिनमें अधजले शव, प्रदूषण और दाह संस्कार प्रक्रिया के दौरान गरिमा और पर्यावरण सुरक्षा बनाए रखने का संघर्ष शामिल है। (Varanasi Manikarnika Ghat)









