Venezuela Earthquake: दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए विनाशकारी ‘डबल सिस्मिक इवेंट’ (दोहरे भूकंप) में कम से कम 32 लोगों की मौत हो गई है और 700 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने इस भीषण त्रासदी के बाद देशभर में आपातकाल घोषित कर दिया है। यह आपदा स्थानीय समयानुसार बुधवार (24 जून 2026) की शाम को आई, जब देश में राष्ट्रीय अवकाश होने के कारण अधिकांश लोग अपने घरों में ही मौजूद थे।
Venezuela Earthquake: 39 सेकंड में दो बड़े झटके, देशभर में मची तबाही
रिपोर्ट्स के मुताबिक, याराकुई राज्य को केंद्र बनाकर महज 39 से 40 सेकंड के अंतराल पर दो भीषण झटके आए। पहला झटका 7.2 तीव्रता का था और दूसरा मुख्य झटका 7.5 तीव्रता का मापा गया। भूवैज्ञानिकों के अनुसार, यह पिछले 125 से अधिक वर्षों में वेनेजुएला में आया सबसे शक्तिशाली और विनाशकारी भूकंप है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने चेतावनी दी है कि इस आपदा में मलबे के नीचे दबने से मौतों का आंकड़ा 10,000 से लेकर 1 लाख तक पहुंच सकता है।
काराकास समेत कई शहरों में इमारतें जमींदोज, संचार व्यवस्था ठप
राजधानी काराकास के चकाओ, अल्तामिरा और पालोस ग्रांडेस जैसे घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों में कई बहुमंजिला इमारतें और अपार्टमेंट ताश के पत्तों की तरह जमींदोज हो गए हैं। सड़कों पर मलबे और धूल का गुबार छाया हुआ है। तटीय राज्य ला गुएरा को राष्ट्रपति ने ‘डिजास्टर जोन’ घोषित किया है, जहाँ दर्जनों इमारतें पूरी तरह ढह चुकी हैं। वर्तमान टोल में इस क्षेत्र के आंकड़े शामिल नहीं हैं क्योंकि वहाँ पूरी तरह संचार ठप है। (Venezuela Earthquake)
अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बंद, बिजली और इंटरनेट सेवाएं प्रभावित
देश का सबसे बड़ा सिमोन बोलिवार अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने के बाद बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही मेट्रो सेवाएं, बिजली आपूर्ति और इंटरनेट कनेक्टिविटी पूरी तरह बाधित हैं। मलबे में दबी जिंदगियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सेना, नागरिक सुरक्षा दल और स्वयंसेवक लगातार कटर और भारी मशीनों की मदद से अभियान चला रहे हैं।
भारत, अमेरिका और चीन समेत कई देशों ने मदद का बढ़ाया हाथ
घायलों की बढ़ती तादाद को देखते हुए सभी डॉक्टरों और नर्सों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। स्कूलों और कॉलेजों को शेल्टर होम और डोनेशन सेंटर में तब्दील कर दिया गया है। आपदा की इस घड़ी में भारत, अमेरिका, चीन और कोलंबिया समेत दुनिया के कई देशों ने अपनी बचाव टीमें और मानवीय सहायता भेजने की घोषणा की है। अधिकारियों ने नागरिकों से मजबूत आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटके) के खतरे के मद्देनजर इमारतों के अंदर न जाने और खुले मैदानों में रहने की अपील की है। (Venezuela Earthquake)









