West Bengal Election 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) के तहत मतदाता सूची से 91 लाख नाम हटाए जाने को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। शाह ने ममता के चुनाव आयोग (ECI) और न्यायपालिका पर आरोपों को अनुचित बताते हुए कहा कि टीएमसी नेता हर संस्था को निशाना बना रही हैं।
West Bengal Election 2026: चुनाव आयोग और न्यायपालिका पर उठते सवाल
दुर्गापुर में अपने रोड शो के दौरान मीडिया से बात करते हुए अमित शाह ने विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत पर भरोसा जताया और कहा कि परिणाम घोषित होने के बाद 5 मई को भाजपा के मुख्यमंत्री शपथ लेंगे। उन्होंने कहा, ‘यह हिंदू-मुस्लिम मुद्दा नहीं है। मैं चुनाव आयोग के खिलाफ ममता बनर्जी के आरोपों को समझता हूं, लेकिन अब वह न्यायपालिका को दोषी ठहरा रही हैं, क्योंकि पूरी एसआईआर प्रक्रिया न्यायपालिका के तहत ही चल रही है।’
मतदाता सूची से नाम हटने पर क्यों मचा बवाल?
अमित शाह से तृणमूल कांग्रेस के उन आरोपों के बारे में पूछा गया कि SIR प्रक्रिया के दौरान हिंदू मतदाताओं के नाम भी हटा दिए गए थे। ममता बनर्जी SIR मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी पर हमला कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया, ‘SIR एक बहुत बड़ा घोटाला है। यह SIR नहीं बल्कि भाजपा को सत्ता में लाने का प्रयास है। यह नाम मिटाने का घोटाला है। 90 लाख नाम मिटा दिए गए हैं।’ अमित शाह ने यह भी कहा कि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद राज्य में भाजपा के मुख्यमंत्री शपथ लेंगे। (West Bengal Election 2026)
‘सोनार बांग्ला’ बनाम ‘सिंडिकेट राज’ की बहस
अमित शाह, ने इससे पहले पश्चिम बर्धमान और बीरभूम में रैलियों को संबोधित किया, उन्होंने ममता बनर्जी पर सोनार बांग्ला को सिंडिकेट राज में बदलने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा गुरु रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा परिकल्पित सोनार बांग्ला के निर्माण पर काम करेगी। अमित शाह ने ममता बनर्जी पर ‘मां, माटी, मानुष’ के नारे को माफिया, बाहुबलियों और धनबल गिरोह में बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘भाजपा गुरु रवींद्रनाथ टैगोर की कल्पना के अनुसार सोनार बांग्ला के निर्माण पर काम करेगी।’
घुसपैठ, सीमा सुरक्षा और राजनीतिक आरोप
शाह ने ममता बनर्जी सरकार पर सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरा करने के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध न कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीएसएफ को सीमा पर बाड़ लगाने के लिए 600 एकड़ जमीन की जरूरत है। हालांकि, ममता दीदी जमीन देने से इनकार कर रही हैं, जिससे घुसपैठ हो रही है। ममता जी घुसपैठियों को शरण देती हैं, और वे बदले में उन्हें चुन लेते हैं। उन्होंने आगे कहास कि 4 मई को भाजपा सरकार का गठन होने जा रहा है और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि घुसपैठियों की पहचान करके उन्हें देश से बाहर निकाल दिया जाए। (West Bengal Election 2026)
रोजगार, उद्योग और विकास पर टकराव
अमित शाह ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में हजारों कारखाने बंगाल से बाहर चले गए थे। उन्होंने आगे कहा कि ममता दीदी ने बंगाल के युवाओं को जिसे कभी पूरे भारत का औद्योगिक केंद्र माना जाता था – बेरोजगार बना दिया है। उन्होंने समान नागरिक संहिता और सातवें वेतन आयोग को लागू करने के भाजपा के वादों को भी दोहराया।
शाह ने कहा, ‘ममता सरकार को अलविदा कहने का समय आ गया है। ममता सरकार को हटाने का मतलब है घुसपैठियों से मुक्त बंगाल बनाना। अगर आप बंगाल से घुसपैठियों को हटाना चाहते हैं, तो यह काम सिर्फ और सिर्फ भाजपा ही कर सकती है।’ (West Bengal Election 2026)
बंगाल चुनाव 2026: किसके पक्ष में माहौल?
पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों के लिए चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे और वोटों की गिनती 4 मई को पूरी होगी। 2021 के चुनावों में, टीएमसी ने 213 सीटें और भाजपा ने 77 सीटें जीती थीं।









