देश जबसे SIR की प्रक्रिया शुरू हुई है तबसे देश के अंदर रह रहे घुसपैठियों पर सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में नज़र आ रही है। फिर चाहे वो यूपी हो, वेस्ट बंगाल हो,असम हो हर जगह से घुसपैठियतों को खदेड़ने का काम जारी है। अब इसी सिलसिले में आज देश के गृह मंत्री अमित शाह असम के दौरे पर थे। जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। उसी को लेकर बीजेपी ने अपनी कमर कसना शुरु कर दिया है। अपने असम के दौरे पर गृह मंत्री अमित शाह ने घुसपैठियों के मुद्दे पर कांग्रेस को आड़े हाथो लिया है।
अमित शाह ने राज्य में बीजेपी सरकार की 11 साल की उपलब्धियां गिनाई
शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने असम के विकास पर 15 लाख करोड़ खर्च किए। 11 साल से विकास पर काम हो रहा है। कांग्रेस ने कभी असम का विकास नहीं किया। अमित शाह ने आगे कहा कि कांग्रेस ने घुसपैठियों को देश में बसाया। घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई मोदी सरकार की प्राथमिकता है। पूर्वोत्तर की शांति के लिए मोदी सरकार ने कई अहम कदम उठाए। उग्रवादी संगठनों के साथ शांति समझौते किए। घुसपैठियों को बाहर किया जा रहा है। शाह ने कहा कि पूरे देश से घुसपैठियों को निकालेंगे।

एक लाख बीघा जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई
बोरदुरवा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव ने ‘एक भारत’ का आह्वान किया था, जिसका अब पीएम नरेंद्र मोदी पालन कर रहे हैं। अमित शाह ने दावा किया कि असम में हिमंत बिस्वा सरमा सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों से 1 लाख बीघा से ज्यादा जमीन खाली करवाई है। हम न सिर्फ असम से बल्कि पूरे भारत से सभी बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करेंगे। उन्होंने कहा, हमने उग्रवादी संगठनों के साथ शांति समझौते किए, इन समझौतों की 92% शर्तें पूरी हो चुकी हैं।

कांग्रेस ने घुसपैठियों को अपना ‘वोट बैंक’ बनाया
शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने घुसपैठियों को अपना ‘वोट बैंक’ बनाकर असम में बसाया और यहां की संस्कृति के साथ खिलवाड़ किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने असम आंदोलन के शहीदों का कभी सम्मान नहीं किया। पूर्वोत्तर में शांति बहाली के लिए केंद्र सरकार ने कई उग्रवादी संगठनों के साथ ऐतिहासिक शांति समझौते किए हैं। इन समझौतों की 92 फीसदी शर्तों को लागू किया जा चुका है। लगभग 10,500 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा का रुख किया है।









