कांग्रेस सांसद शशि थरूर पिछले कई समय से चर्चा का विषय बने हुए हैं।शशि थरूर के कुछ ऐसे बयान आये हैं,जो कि पार्टी लाइन से हटकर हैं। जिससे उनकी पार्टी खुद असहज महसूस कर रही हैं। शशि थरूर पीएम नरेंद्र मोदी के काम की सराहना कई बार कर चुके हैं। जिसके बाद कांग्रेस उनसे खफा चल रही है।अब बांग्लादेश घुसपैठियों को लेकर थरूर का एक और बयान सामने आया हैं।
SIR को लेकर देश में घुसपैठियों पर सरकार का हंटर लगातार चल रहा है। जिसपर अभी तक कांग्रेस समेत और भी जितने विपक्षी दल है, उन्होंने इसका खुलकर विरोध किया है। लेकिन इन सबके बीच शशि थरुर का बयान सामने आया है।

घुसपैठियों को लेकर शशि थरूर का बयान
देश में गैरकानूनी तरीके से रहने वाले लोगों (अवैध प्रवासियों) के खिलाफ सरकार के एक्शन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा और इमिग्रेशन व्यवस्था को ठीक से संभालना सरकार की जिम्मेदारी है। थरूर ने कहा कि अगर भारत में घुसपैठ हो रही है या लोग वीज़ा खत्म होने के बाद भी रह रहे हैं, तो यह सिस्टम की नाकामी और बॉर्डर व इमिग्रेशन कंट्रोल में कमियों को दिखाता है। सरकार के पास गैरकानूनी तरीके से रहने वालों को कानून के तहत बाहर निकालने का पूरा अधिकार है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि अगर लोग अवैध तरीके से देश में घुस रहे हैं, तो क्या यह हमारी नाकामी नहीं है? इसलिए सरकार को बॉर्डर पर और ज्यादा सख्ती करनी चाहिए। सरकार के पास नियम तोड़ने वालों पर एक्शन लेने का पूरा हक है।
शेख हसीना को भारत में रहने देना सही फैसला-थरूर
कांग्रेस सांसद ने कहा कि कानून का पालन जरूरी है, लेकिन बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत में रहने देने का फैसला इंसानी सोच दिखाता है। उन्होंने बताया कि उन्हें जबरदस्ती वापस न भेजना सही कदम था, क्योंकि भारत के साथ उनके पुराने और भरोसेमंद रिश्ते रहे हैं। किसी को देश से निकालने (डिपोर्टेशन) या किसी दूसरे देश को सौंपने (एक्सट्रैडिशन) के फैसले आसान नहीं होते, क्योंकि इनमें कई कानूनी नियम, अंतरराष्ट्रीय समझौते और अपवाद शामिल होते हैं। बहुत कम लोग इन कानूनी बातों और अंतरराष्ट्रीय समझौतों को पूरी तरह समझते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में सरकार को सोच-समझकर फैसला लेने का अधिकार दिया जाना चाहिए।
जब तक कानूनी मामलों की जांच हो रही है, तब तक किसी को सुरक्षा देना एक सही और जिम्मेदारी भरा कदम है। भारत एक अच्छे दोस्त की मेहमाननवाजी कर रहा है, इसलिए सरकार को पूरी जांच होने तक उसे सुरक्षित रहने देना चाहिए।

मानवीय पहलू के बारे में भी सोचने की ज़रूरत
वहीं, कानून के पालन पर जोर देते हुए शशि थरूर ने मानवीय दृष्टिकोण और संतुलित तरीके को अपनाने की जरूरत भी बताई, खासकर उन सेंसटिव सीमा-पार मामलों में, जिनमें मानवीय और राजनीतिक दोनों पहलू जुड़े होते हैं।









