Pawan Khera: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा गुरुवार को गुवाहाटी के क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन पहुंचे। वे असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुयान सरमा से जुड़े पासपोर्ट विवाद के सिलसिले में आए थे। इस दौरान खेड़ा ने कहा कि वह जांच में सहयोग कर रहे हैं।
इस बीच, जब कांग्रेस नेता पवन खेड़ा (Pawan Khera) गुवाहाटी के क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन पहुंचे, तो असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने उन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि असम के पेड़े का स्वाद अच्छा है। मुख्यमंत्री ने गुवाहाटी के कामाख्या मंदिर में दर्शन और देवी कामाख्या की पूजा-अर्चना के दौरान ये टिप्पणियां कीं।
मुख्यमंत्री शर्मा ने अगले पांच वर्षों में राज्य के विकास पर भी भरोसा। उन्होंने कहा, ‘मुझे पूरा विश्वास है कि महामाया मां कामाख्या के आशीर्वाद से हमारा राज्य अगले 5 वर्षों में प्रगति करेगा। असम के पेड़े का स्वाद लाजवाब है।’
Pawan Khera के आरोपों पर सरमा का पलटवार, बताया ‘AI-जनित कहानी’
यह विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस नेता पवन खेड़ा (Pawan Khera) ने अप्रैल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री शर्मा की पत्नी, रिनिकी भुयान शर्मा के पास भारत, यूएई और मिस्र के तीन पासपोर्ट हैं और दुबई में उनकी अज्ञात आलीशान संपत्तियां हैं, साथ ही अमेरिका के व्योमिंग में एक कंपनी भी है। सरमा परिवार ने इन दावों का पुरजोर खंडन करते हुए इन दस्तावेजों को पाकिस्तानी सोशल मीडिया समूहों द्वारा प्रसारित ‘एआई-जनित मनगढ़ंत कहानियां’ बताया है।
आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने पहले कड़ी कार्रवाई की कसम खाते हुए कहा था, ‘आरोप लगाने से पहले उन्हें विदेश मंत्री से पूछना चाहिए था। खरगे जी बूढ़े हो गए हैं, फिर भी पागलों की तरह बोलते हैं। असम पुलिस पाताल से भी लोगों को ढूंढकर ला सकती है। मुझे शक है कि राहुल गांधी ने उन्हें ये दस्तावेज दिए हैं। इसलिए यह मामला राहुल गांधी तक भी पहुंचेगा। हमें डराने की कोशिश मत करो। यह असम है, और हमने इस्लामी आक्रमण के खिलाफ 17 बार लड़ाई लड़ी है।’
मुख्यमंत्री शर्मा ने यह भी दावा किया कि तलाशी के बाद खेड़ा (Pawan Khera) हैदराबाद भाग गए। उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे मीडिया के माध्यम से पता चला है कि पुलिस उसके दिल्ली स्थित आवास पर गई थी, लेकिन वह हैदराबाद भाग गया है। कानून अपना काम करेगा।’
सुप्रीम कोर्ट से Pawan Khera को मिली अग्रिम जमानत
इससे पहले, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुयान शर्मा के खिलाफ झूठे बयान देने के आरोपों के संबंध में खेरा (Pawan Khera) को अग्रिम जमानत दी थी। यह मामला इस आरोप से संबंधित है कि खेरा ने शर्मा को बदनाम करने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था।
न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने पाया कि आरोप और प्रति-आरोप प्रथम दृष्टया राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रतीत होते हैं और इस स्तर पर हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है। न्यायालय ने कहा कि दावों की सत्यता की जांच मुकदमे के दौरान की जा सकती है।
सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि गिरफ्तारी की स्थिति में खेरा (Pawan Khera) को कुछ शर्तों के अधीन अग्रिम जमानत पर रिहा किया जाए, जिनमें जांच में पूर्ण सहयोग करना और आवश्यकतानुसार अधिकारियों के समक्ष पेश होना शामिल है। न्यायालय ने उन्हें गवाहों को प्रभावित करने, सबूतों से छेड़छाड़ करने या न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना देश छोड़ने से भी प्रतिबंधित किया।
अदालत ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री के बयानों सहित दोनों पक्षों द्वारा की गई कुछ टिप्पणियां विवाद के राजनीतिक स्वरूप को दर्शाती हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि उसकी टिप्पणियां जमानत याचिका तक ही सीमित हैं और मामले की खूबियों को प्रभावित नहीं करेंगी।
गुवाहाटी उच्च न्यायालय द्वारा 24 अप्रैल को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद खेड़ा (Pawan Khera) ने सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया था। मामले की जांच जारी है और आरोपों की वैधता निर्धारित करने के लिए आगे की कार्यवाही की जा रही है।









