दुनिया के सबसे ताकतवर शख्सियत और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में छिपे हमास के लड़ाकों को चेतावनी दी है, जिससे मध्य-पूर्व के रेगिस्तान में सिहरन दौड़ गई है। ट्रंप ने बिना किसी लाग-लपेट के, अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में हमास को ‘डेडलाइन’ दे दी है। यह केवल एक बयान नहीं, बल्कि युद्ध के मैदान से आया वो ‘फतवा’ है, जो हमास के वजूद पर अंतिम प्रहार साबित हो सकता है।

ट्रंप का आखिरी अल्टीमेटम
सोशल मीडिया पर अपनी ‘अग्नि-वर्षा’ करते हुए ट्रंप ने साफ कर दिया कि अमेरिका अब और इंतजार नहीं करेगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि, ”अगर मेरे पदभार संभालने से पहले बंधकों को रिहा नहीं किया गया, तो हमास और उसे शह देने वालों को ऐसी कीमत चुकानी होगी, जो अमेरिका के लंबे इतिहास में किसी ने नहीं चुकाई होगी। बंधकों को छोड़ो, वरना नरक भोगने के लिए तैयार रहो!”

ट्रंप की इस चेतावनी ने कूटनीति की मेज पर रखे ‘शांति प्रस्तावों’ को एक तरफ कर दिया है। इसे ट्रंप का ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप का यह बयान महज धमक नहीं, बल्कि एक युद्ध-घोष (War Cry) है। ट्रंप ने जिस “नतीजे” शब्द का इस्तेमाल किया है, उसके पीछे छिपे गहरे संकेतों को दुनिया समझ रही है। इसका मतलब है—पूरी तरह से सैन्य घेराबंदी, आधुनिक हथियारों का बेरोक-टोक इस्तेमाल और हमास के नेतृत्व का समूल विनाश।
एक तरफ इजरायल ने इस कड़े रुख का स्वागत किया है, वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बात से हैरान है कि क्या ट्रंप वास्तव में मध्य-पूर्व के समीकरणों को हमेशा के लिए बदलने वाले हैं? 2026 की शुरुआत से पहले ट्रंप का यह ‘ट्रेलर’ बता रहा है कि पूरी फिल्म कितनी विध्वंसक होने वाली है।









