China Taiwan Tension: साल 2025 के अंतिम दिनों में वैश्विक भू-राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। चीन ने आज, 30 दिसंबर को ताइवान के बेहद करीब अपने सबसे आक्रामक युद्धाभ्यासों में से एक ‘जस्टिस मिशन 2025’ (Justice Mission 2025) की शुरुआत कर दी है।
इस मिशन के तहत चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) लाइव-फायर ड्रिल असली गोला-बारूद का इस्तेमाल कर रही है, जिसने पूरे क्षेत्र में युद्ध की आहट तेज कर दी है। चीनी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस युद्धाभ्यास का उद्देश्य क्षेत्रीय संप्रभुता की रक्षा करना और विदेशी हस्तक्षेप व अलगाववादी ताकतों को कड़ा संदेश देना है।
China Taiwan Tension: ‘जस्टिस मिशन 2025’
चीन की इस उकसावे वाली कार्रवाई के जवाब में ताइवान ने अपनी सेना को ‘हाई अलर्ट’ पर रख दिया है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है। फिलहाल ताइवान ने अपने मिसाइल सिस्टम को सक्रिय कर दिया है और चीनी जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए निगरानी विमान तैनात किए हैं।
हैरानी कि बात तो यह है कि ‘जस्टिस मिशन 2025’ ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका और चीन के बीच पहले से ही व्यापारिक और कूटनीतिक तनातनी चरम पर है। पेंटागन ने चीन की इस ड्रिल को अनावश्यक तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया है। (China Taiwan Tension)
अमेरिकी नौसेना के बेड़े (7th Fleet) को भी क्षेत्र में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। इस लाइव-फायर ड्रिल के कारण ताइवान जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों और विमानों को अपने रास्ते बदलने पड़ रहे हैं, जिससे वैश्विक व्यापार पर भी असर पड़ने की आशंका है।
चीन द्वारा ‘जस्टिस’ (न्याय) शब्द का इस्तेमाल करना यह दर्शाता है कि वह ताइवान पर अपने दावे को “न्यायोचित” मानता है। 2026 की शुरुआत से ठीक पहले यह सैन्य प्रदर्शन दक्षिण चीन सागर में एक बड़े संघर्ष की नींव रख सकता है। (China Taiwan Tension)









