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“डर का संगम, प्यार का नहीं”: ठाकरे ब्रदर्स के गठबंधन पर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कुछ ऐसा

महाराष्ट्र की राजनीति की बात करें तो काफी लम्बे समय तक बाला साहब ठाकरे के इर्द-गिर्द घूमती रही है. बाला साहब हमेशा से राजनीति तो की लेकिन वो किंग मेकर की भूमिका में नज़र आये. महाराष्ट्र में सरकार किसी की भी हो बाला साहब हमेशा किंग मेकर बने रहे. बाला साहब के निधन के बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच विरासत की लड़ाई शुरू हुई और आखिरकार इस लड़ाई में बेटा उद्धव ने बाला साहब की विरासत को  अपने नाम कर लिया और उसको आगे बढ़ाने में लग गए और भतीजे राज ने अपनी अलग पार्टी बना ली MNS, फिर क्या था यही से उद्धव और राज के रास्ते अलग हो गए और राजनितिक टकराव इतना बढ़ गया कि  एक दूसरे से मिलना-जुलना बातचीत सब खत्म हो गई।

उद्धव और राज ठाकरे आये साथ

लेकिन कहते हैं न कि कुर्सी का मोह ऐसा होता है कट्टर दुश्मन को भी एक कर देते है। ऐसा ही आज महाराष्ट्र की राजनीति में देखने को मिला। कुर्सी का मोह इतना हो गया की आज दो दशक के बाद दो भाई एक हो गए. हम बात कर रहें हैं उद्धव और राज ठाकरे की। राज और उद्धव ठाकरे का साथ आना केवल दो भाइयों का मिलन ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ी हलचल का संकेत है। दोनों भाइयों ने कहा कि हम साथ रहने के लिए साथ आए हैं। इसके साथ ही ऐलान किया कि दोनों पार्टियां साथ मिलकर बीएमसी चुनाव लड़ेंगी। यदि यह गठबंधन जमीन पर सही ढंग से उतरता है, तो BMC चुनाव में बाजी पलट सकते हैं। पिछले तीन दशक से शिवसेना(यूबीटी) बीएमसी पर काबिज है, लेकिन महाराष्ट्र निकाय चुनाव के नतीजों से इस बार स्थिति बदलती हुई दिख रही थी। अब ठाकरे ब्रदर्स ने एक साथ आने का ऐलान कर फिर दोबारा बाजी को पलट दिया। बीएमसी चुनाव में दोनों भाइयों को साथ आने का फायदा मिल सकता है। अब बीएमसी का रण काफी दिलचस्प होगा, क्योंकि ठाकरे ब्रदर्स के सामने भाजपा, एकनाथ शिंदे और अजित पवार जैसा शक्तिशाली ‘महायुति’ गठबंधन खड़ा है।

उद्धव और राज ठाकरे पर सीएम देवेंद्र फडणवीस का बयान

इसी पर अब महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस का पहला बयान सामने आ गया है। उद्धव और राज ठाकरे के गठबंधन की घोषणा पर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- “एक साथ आए इसका मुझे आनंद है, लेकिन साथ आने से कुछ होगा, ये सोचते हैं तो ऐसा नहीं है। कुछ चैनल तो ऐसे दिखा रहे थे कि जैसे रशिया और यूक्रेन एक साथ आ रहे है। इनके साथ आने से बहुत कुछ होने वाला नहीं है। कोई साथ नहीं आएगा। पहले भी कहा है, फिर कहता हूं उनका मतलब मुंबई नहीं है, उनका मतलब मराठी नहीं है। मैंने कहा था कि अगर उद्धव जी ने विकास के मुद्दे पर बोला तो हजार रुपए देंगे, फिर बच गए। पूरी दुनिया को पता है।

‘देवेंद्र फडणवीस हिंदू पैदा हुआ और हिंदू ही मरेगा’

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने आगे कहा- “देवेंद्र फडणवीस हिंदू पैदा हुआ और हिंदू ही मरेगा। मुंबई और महाराष्ट्र हिंदुत्ववादी है। जो लोग हिंदुत्व का फायदा लेने की कोशिश करते हैं उनका क्या हुआ यह सभी ने विधानसभा में देख लिया है। हम हिंदुत्ववादी हैं लेकिन हमारा हिंदुत्व संकुचित नहीं है और केवल पूजा पाठ पर आधारित नहीं है। हमारा हिंदू तो भारतीय संस्कृति पर आधारित है। श्री राम केवल भगवान नहीं हमारी विचारधारा है। हमने ना कभी हिंदू को छोड़ा न छोड़ेंगे।

दोनों भाई अपना अस्तित्व बचाने के लिए साथ आए- फडणवीस

देवेंद्र फडणवीस ने कहा- “जिन पार्टियों ने अपना अस्तित्व खो दिया, बार-बार अपनी भूमिका बदलकर भरोसा खो दिया, जिन्होंने तुष्टिकरण की भूमिका को अपनाकर अपना वोट बैंक खो दिया वह दो पार्टियां साथ आई हैं। उनके साथ आने से क्या होगा। दोनों अपना अस्तित्व बचाने के लिए साथ आए हैं, ऐसा करने से चुनाव नहीं जीता जाता। उद्धव ठाकरे निराशा और फ्रस्ट्रेटेड प्रकार के व्यक्ति हैं। इसलिए उनकी बात पर ध्यान मत दीजिए और मेरा भी समय बर्बाद मत करिए। मुझे ऐसा लगता है कि स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे के बाद राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के पास कोई विचार नहीं बचा। उन्होंने विचारों की राजनीति को दफना दिया है और अवसरवाद की राजनीति करते हैं।”

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