UP Politics: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर के बिठूर में विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने अयोध्या के विकास में जानबूझकर रोड़े अटकाए। 26 अक्टूबर 2026 को महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर बिठूर में ₹411 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों और मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े किए।
बिठूर के नाना राव पेशवा स्मारक पार्क से जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह भाषण आगामी राजनीतिक समीकरणों और उत्तर प्रदेश के विकास-बनाम-विरासत की बहस को एक नई दिशा देने वाला साबित हुआ है।
UP Politics: अयोध्या के विकास पर तीखा प्रहार- “संस्कार ही गंदगी और अंधेरे का था”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या धाम का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की सरकारों ने इस प्रसिद्ध धार्मिक स्थल की अनदेखी की। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “जो कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के संस्कार हैं गंदगी में रहने की आदत, गंदे काम करने की आदत और अंधेरे में डकैती डालने की जो आदत थी। वही उन्होंने अयोध्या में भी किया। उन्होंने अयोध्या को बिजली नहीं दी, वहां विकास नहीं किया और जब भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अयोध्या के विकास की वृहद कार्ययोजना बनाई, तो इन लोगों ने उसमें रोड़े अटकाने शुरू कर दिए।”
सीएम योगी ने अतीत की बदहाली का जिक्र करते हुए कहा कि अयोध्या जैसे विश्वप्रसिद्ध धाम में पहले बमुश्किल तीन घंटे बिजली मिलती थी, वह भी कभी दिन तो कभी रात में। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भाजपा सरकार ने सड़कों के चौड़ीकरण और रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण का काम शुरू किया, तो समाजवादी पार्टी ने इसके विरोध में आंदोलन खड़े किए। विपक्ष पर हमलावर होते हुए उन्होंने कहा कि ये दल न तो अयोध्या में चौड़ी सड़कें चाहते थे और न ही आधुनिक रेलवे स्टेशन। (UP Politics)
‘विरासत में गद्दी मिल सकती है, बुद्धि नहीं मिल सकती’
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव का नाम लिए बिना उन पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा, “विरासत में गद्दी मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं मिल सकती।” उन्होंने आगे कहा कि जिन लोगों के लिए पहले केवल उनका अपना ‘परिवार ही प्रदेश’ हुआ करता था, वे भला राज्य का विकास क्या कराएंगे।
राजनीतिक हलकों में हलचल मचाते हुए सीएम योगी ने दोनों नेताओं को ‘बड़े मियां और छोटे मियां’ की संज्ञा दी। उन्होंने आरोप लगाया, “देश में दो मियां हैं एक बड़े मियां और एक छोटे मियां। इन दोनों को बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठियों से गहरा प्रेम है। ये उन्हें गले लगाते हैं और उनके राशन कार्ड बनवाकर गरीबों के हक पर डाका डालते हैं। घुसपैठियों की चिंता करने वाले इन नेताओं को देश के दलितों, वंचितों, पिछड़ों, किसानों और युवाओं के अधिकारों की कोई परवाह नहीं है।” (UP Politics)
2017 से पहले का उत्तर प्रदेश- अपराध, दंगे और बदहाली
अपने भाषण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले की सपा सरकार के दौरान कानून-व्यवस्था और आर्थिक हालात पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उस समय मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, मेरठ और बुलंदशहर जैसे जिलों में दंगे होते थे। सीएम योगी ने पिछली सरकारों की कमियों का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में अन्नदाता किसान आत्महत्या करने को मजबूर था, गरीब भूख से तड़पता था और युवाओं को नौकरियां नहीं मिलती थीं। नौकरियों के नाम पर युवाओं के हक पर सरेआम डकैती डाली जाती थी।
सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के गुंडे खुद महिला सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए थे। वे व्यापारियों और गरीबों की जमीनों पर अवैध कब्जे करते थे, जबकि तत्कालीन सरकार दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास पर बुलाकर सम्मानित करती थी। (UP Politics)
विकास और विरासत का नया मॉडल- त्रेतायुगीन अयोध्या और भव्य काशी
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का खाका खींचते हुए कहा कि भाजपा सरकार ‘विकास के साथ विरासत’ के संरक्षण के सिद्धांत पर काम कर रही है। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम का उदाहरण देते हुए कहा कि 2017 से पहले जहां महज 20 श्रद्धालु एक साथ दर्शन नहीं कर पाते थे, आज वहां 20,000 श्रद्धालु एक साथ सुगमता से दर्शन कर सकते हैं।
उन्होंने संकल्प दोहराया कि डबल इंजन की सरकार अयोध्या को वापस उसके गौरवशाली ‘त्रेतायुगीन’ कलेवर में ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही मथुरा-वृंदावन का भव्य विकास, प्रयागराज में दिव्य महाकुंभ का आयोजन, मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर, शुकतीर्थ और नैमिषारण्य का कायाकल्प इसी कड़ी का हिस्सा हैं। (UP Politics)
महापुरुषों के स्थलों के सुंदरीकरण का ऐतिहासिक ऐलान
महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर सीएम योगी ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर, सद्गुरु रविदास जी महाराज और भगवान महर्षि वाल्मीकि से जुड़े प्रदेश के सभी पवित्र स्थलों को संरक्षित करने का निर्णय लिया है। सरकार ऐसे लगभग 4,000 स्थलों पर बाउंड्री वॉल बनाने, सुरक्षा पुख्ता करने, सुंदरीकरण करने और जहां छत नहीं है वहां कैनोपी की व्यवस्था करने का कार्य जल्द ही शुरू करने जा रही है।
कानपुर के बिठूर से दिया गया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान केवल एक विकास परियोजना का उद्घाटन भाषण नहीं था, बल्कि यह विपक्ष के खिलाफ एक मजबूत राजनीतिक चार्जशीट थी। अयोध्या के विकास में रोड़े अटकाने, तुष्टिकरण की राजनीति करने और राष्ट्र की सुरक्षा से खिलवाड़ करने के आरोपों के जरिए सीएम योगी ने साफ कर दिया है कि भाजपा आने वाले चुनावों में ‘विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत’ को ही अपना मुख्य एजेंडा बनाए रखेगी। (UP Politics)









