Deputy CM Keshav Prasad Maurya: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने फर्रुखाबाद के संकिसा में बुद्ध महोत्सव के दौरान अयोध्या और काशी की तर्ज पर ‘संकिसा धार्मिक कॉरिडोर’ बनाने का ऐतिहासिक ऐलान किया है। यह नया कॉरिडोर फर्रुखाबाद, मैनपुरी और एटा जिलों के संकिसा से जुड़े हिस्सों को मिलाकर विकसित किया जाएगा, जिससे इस पावन बौद्ध तीर्थस्थल को विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में नई पहचान मिलेगी।
Deputy CM Keshav Prasad Maurya: संकिसा बुद्ध महोत्सव में डिप्टी सीएम का आगमन
26 अक्टूबर 2026 को फर्रुखाबाद जिले के संकिसा स्थित धम्मा लोको बुद्ध विहार परिसर में आयोजित हो रहे बुद्ध महोत्सव के दूसरे दिन प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम स्थल पर पहुँचते ही डिप्टी सीएम सबसे पहले ऐतिहासिक बौद्ध स्तूप परिसर गए, जहाँ उन्होंने बौद्ध भिक्षुओं की उपस्थिति में बौद्ध रीति-रिवाजों के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और स्तूप की परिक्रमा कर आशीर्वाद लिया।
बौद्ध भिक्षुओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्र के विकास के लिए रखी गई मांगों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए उपमुख्यमंत्री ने संकिसा को एक भव्य धार्मिक और आध्यात्मिक कॉरिडोर के रूप में बदलने की आधिकारिक घोषणा की।

तीन जिलों को जोड़कर बनेगा ‘धम्मा धार्मिक कॉरिडोर’
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि संकिसा की भौगोलिक स्थिति तीन जिलों की सीमाओं से जुड़ी हुई है। सरकार की योजना के तहत फर्रुखाबाद, मैनपुरी और एटा के संकिसा से जुड़े क्षेत्रों को मिलाकर एक भव्य कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस पूरे क्षेत्र को ‘धम्मा धार्मिक कॉरिडोर’ के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि भगवान बुद्ध के अनुयायियों और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को यहां घूमने और धार्मिक स्थलों के दर्शन करने में आसानी हो। (Deputy CM Keshav Prasad Maurya)
बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी का कायाकल्प
संकिसा को अयोध्या के ‘श्री राम जन्मभूमि कॉरिडोर’ और वाराणसी के ‘काशी विश्वनाथ कॉरिडोर’ जैसा भव्य रूप देने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणा की गई है। संकिसा और प्रसिद्ध नीम करौली धाम की ओर जाने वाली वर्तमान दो-लेन की सभी सड़कों को चौड़ा करके फोर-लेन में बदला जाएगा। इससे भारी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं का आवागमन बेहद सुगम हो जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय एयर कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए फर्रुखाबाद की मोहम्मदाबाद हवाई पट्टी को बड़ा करने की योजना शेयर की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में हवाई पट्टी की स्थिति ठीक न होने के कारण उन्हें पड़ोसी जिले इटावा के सैफई हवाई पट्टी पर उतरकर सड़क मार्ग से संकिसा आना पड़ा। सरकार का लक्ष्य है कि अगली बार वीआईपी और पर्यटक सीधे मोहम्मदाबाद हवाई पट्टी पर ही लैंड कर सकें। (Deputy CM Keshav Prasad Maurya)
फर्रुखाबाद के सांसद मुकेश राजपूत की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए डिप्टी सीएम ने संकिसा को स्वतंत्र प्रशासनिक ब्लॉक (विकास खंड) बनाने का भी ऐलान किया, जिसकी फाइल तैयार हो चुकी है।

सौंदर्यीकरण और वैश्विक पर्यटन को बढ़ावा
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के बौद्ध स्थलों को दुनिया भर में पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि संकिसा भगवान बुद्ध से जुड़ा एक पवित्र स्थान है। यहां बनने वाले कॉरिडोर के तहत बौद्ध स्तूप के आसपास के इलाके को सुंदर बनाया जाएगा। पर्यटकों की सुविधा के लिए आधुनिक विश्राम गृह, गाइड सेंटर, डिजिटल संग्रहालय, पार्क और अन्य जरूरी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
विपक्ष पर तीखा हमला और राजनीतिक संदेश
बुद्ध महोत्सव में केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्षी दलों की भी आलोचना की। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य विपक्षी नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत माता-पिता के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों पर दुख जताया और इसे गलत बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार का डर होने के कारण विपक्षी नेता अपना आपा खो रहे हैं और मर्यादा भूलकर गलत भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। (Deputy CM Keshav Prasad Maurya)
मौर्य ने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ता इसका जवाब देने में सक्षम हैं, लेकिन वे संयम बनाए रखेंगे क्योंकि उत्तर प्रदेश और देश की जनता ही आगामी चुनावों में विपक्ष को अपने वोटों से इसका मुंहतोड़ जवाब देगी। उन्होंने विश्वास जताया कि समाजवादी पार्टी (सपा) की गुंडागर्दी का अंत हो चुका है और आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों में भारी बहुमत के साथ भाजपा दोबारा सरकार बनाएगी।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का यह ऐलान फर्रुखाबाद और उसके आसपास के जनपदों के लिए एक बड़ा गेम-चेंजर साबित होने वाला है। संकिसा कॉरिडोर के निर्माण से न केवल इस ऐतिहासिक बौद्ध स्थल का सांस्कृतिक गौरव वापस लौटेगा, बल्कि बड़े पैमाने पर बुनियादी विकास होने से स्थानीय रोजगार, व्यापार और धार्मिक पर्यटन को भी गति मिलेगी।









