विश्व हिंदू परिषद (VHP) के प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को दिल्ली में बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर पुलिस के साथ झड़प की और बैरिकेड तोड़ दिए। ये प्रदर्शनकारी बांग्लादेश में एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। स्थिति पर नज़र रखने और उसे नियंत्रित करने के लिए बांग्लादेश उच्चायोग के पास भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेशी अधिकारियों से जवाबदेही की मांग की, जिनमें से कुछ ने न्याय और अल्पसंख्यकों के संरक्षण की मांग की। जिसमें भारत को भी टार्गेट किया जा रहा है. बांग्लादेश के हालात देखते हुए भारत ने चटगांव स्थित इंडियन वीजा एप्लीकेशन सेंटर में वीजा सर्विसेज रोक दी थी. इसके बाद बांग्लादेश ने भी कांसुलर और वीजा सर्विसेंज अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया है.

दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव पर रूस ने दी प्रतिक्रिया
ढाका में रूस के राजदूत अलेक्जेंडर ग्रिगोरियेविच खोजिन ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव कम होना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि 1971 में बांग्लादेश की आजादी में भारत की बड़ी भूमिका रही थी और उस समय रूस ने भी समर्थन दिया था। उन्होंने कहा कि भारत, बांग्लादेश और रूस ने कंधे से कंधा मिलाकर साथ काम किया है। रूसी राजदूत ने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में तनाव और बढ़ना ठीक नहीं होगा। रूस के राजदूत ने साफ किया कि उनका देश भारत और बांग्लादेश के आपसी मामलों में दखल नहीं दे रहा है, लेकिन उनका मानना है कि दोनों देशों को समझदारी से काम लेना चाहिए ताकि मौजूदा तनाव और न बढ़े।
रूसी राजदूत ने कहा कि संबंध आपसी विश्वास और भरोसे पर आधारित होने चाहिए। रूसी राजदूत की यह टिप्पणी अहम है, क्योंकि भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते तनाव में रूस अब तक चुप था।दरअसल बांग्लादेश में पश्चिमी देशों के दूतावास जब युवा नेता उस्मान हादी की मौत पर संवेदना जता रहे हैं, तब रूस ने बांग्लादेश की आज़ादी में भारत की भूमिका का उल्लेख किया है।

बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर झड़प
दिल्ली में बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई, जब वे इमारत की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए, लेकिन पुलिस और अर्धसैनिक बलों से युक्त बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे ने उन्हें रोक दिया। ये प्रदर्शनकारी बांग्लादेश में एक हिंदू युवक की हत्या के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे।
सर्वो भारतीय हिंदी बंगाली संगठन, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के सदस्यों ने दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन के पास विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और बांग्लादेश के हिंदुओं और उनकी सुरक्षा के बारे में नारे लगाए। (Bangladesh Violence)
प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ द्वारा सुरक्षा बैरिकेड्स को धकेलने के बाद तनाव बढ़ गया। प्रदर्शनकारी “भारत माता की जय”, “यूनुस सरकार होश में आओ” और “हिंदू हटिया बंद करो” के नारे लगा रहे थे। वहीं, एक प्रदर्शनकारी ने चिल्लाकर कहा कि हिंदू खतरे में हैं और यह देश भगवान राम का है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा, “हिंदुओं का नरसंहार हो रहा है। यह देश भगवान राम का है। यह देश भगवान कृष्ण का है। हम यहां किसी का वध नहीं करते, लेकिन हमारी बहनों और बेटियों की गरिमा खतरे में है।” (Bangladesh Violence)
इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या करने की दुखद घटना के खिलाफ कार्रवाई की मांग करना है, जो कथित तौर पर ईशनिंदा के आरोप पर की गई थी। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा के विरोध में भारत भर में कई विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए।









