उत्तर प्रदेश में इस समय मौसम में काफी ज़्यादा सर्दी बढ़ चुकी हैं, लेकिन दूसरी तरफ ठंड के मौसम में राजनीतिक तापमान बढ़ता हुआ नज़र आ रहा हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया मोड़ देखने को मिला है। यूपी की बात करें तो यहां मौसम कोई भी हो लेकिन राजनीतक तापमान हमेशा गरम ही रहता हैं। आने वाले वक़्त में यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव होने हैं और सभी राजनीतिक पार्टियां अभी से ही पूरी तरह से चुनावी मोड़ में आ चुकी हैं।
यूपी में मौजूदा समय में विधानसभा सत्र जारी हैं इन सबके बीच विधायकों की अलग ही गोलबंदी देखने को मिल रही है। आपको बता दें कि ,अगस्त 2025 में ठाकुर विधायकों की ‘कुटुंब’ बैठक हुई थी और अब ब्राह्मण विधायकों ने लखनऊ में एकजुटता दिखाई है। जिसमे बीजेपी समेत और भी दल के विधायक इस बैठक में मौजूद रहे।
“सहभोज बैठक” का दिया गया नाम
यूपी विधानसभा के शीतकालीन सत्र के बीच ब्राह्मण विधायकों की बड़ी बैठक हुई। ये मीटिंग मंगलवार की शाम कुशीनगर के भाजपा विधायक पीएन पाठक (पंचानंद पाठक) के लखनऊ आवास पर हुई। इसमें बड़ी संख्या में विधायक और एमएलसी शामिल हुए। इस मीटिंग को सहभोज नाम दिया गया। पत्रकार से विधायक बने शलभमणि त्रिपाठी भी बैठक मे पहुंचे थे। इस मीटिंग को करने में मिर्जापुर से विधायक रत्नाकर मिश्रा और एमएलसी उमेश द्विवेदी की मुख्य भूमिका रही। बैठक में विपक्ष के विधायकों के शामिल होने की जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है।
विधायक रत्नाकर मिश्रा का बैठक पर बयान
इसे लेकर मिर्जापुर नगर विधानसभा सीट से विधायक रत्नाकर मिश्रा का बयान आया है। बता दें कि इसमें लगभग चार दर्जन ब्राह्मण विधायक शामिल थे। इस पूरी बैठक को लेकर विधायक रत्नाकर मिश्रा ने कहा कि इस दौरान कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई थी। हम सब लोग बस बैठते हैं, भोजन का आयोजन था। मिर्जापुर नगर विधायक रत्नाकर मिश्रा ने यह भी कहा है कि हम सभी ने बस खाना खाया और इसके बाद वहां से सभी चले गए।









