उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ( REKHA ARYA) के पति गिरधारी लाल साहू (GIRDHARI LAL SAHU) के एक विवादित वीडियो ने बिहार की राजनीति में उबाल ला दिया है। बिहार की महिलाओं पर की गई ‘खरीद-फरोख्त’ वाली टिप्पणी ने भाजपा और जदयू गठबंधन (NDA) के लिए बड़ी असहज स्थिति पैदा कर दी है।
“क्या महिलाओं का सम्मान केवल चुनावी भाषणों तक सीमित है? उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण मंत्री के घर से जब बिहार की बेटियों को ‘बाजार की वस्तु’ समझने वाला बयान आता है, तो राजनीति का गिरता स्तर साफ दिखाई देता है। गिरधारी लाल साहू के ’25 हजार में लड़की’ वाले बयान ने न केवल बिहार के आत्मसम्मान को ललकारा है, बल्कि नीतीश कुमार (NITISH KUMAR) और भाजपा के गठबंधन को बैकफुट पर धकेल दिया है। देखिए कैसे एक बयान ने दो राज्यों के बीच सियासी जंग छेड़ दी है।”

उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया है। इस वीडियो में वह कथित तौर पर बिहार की महिलाओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं।
क्या है विवादित बयान?
अल्मोड़ा के सोमेश्वर इलाके के बताए जा रहे इस वीडियो में गिरधारी लाल साहू एक व्यक्ति से बात करते हुए कह रहे हैं कि “अगर तुम्हारी शादी नहीं हो रही है, तो चिंता मत करो। चलो बिहार, वहां 20-25 हजार रुपये में लड़की मिल जाती है। तुम्हारा ब्याह करा देंगे।” कथित तौर पर यह बयान 23 दिसंबर को अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत स्याहीदेवी मंडल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया बताया जा रहा है।
इस विवाद ने सियासी गलियारों में भी भूचाल ला दिया है। बिहार की महिलाओं को लेकर की गई इस टिप्पणी पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने भाजपा और उसके सहयोगियों पर सीधा हमला बोला है।

RJD का तीखा पलटवार
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लिया और बीजेपी-जदयू गठबंधन पर चौतरफा हमला बोला। राजद प्रवक्ता ने कहा:
“BJP-JDU के मुंह पर ताला”: राजद ने तंज कसा कि जो नीतीश कुमार ‘महिला सशक्तिकरण’ की बात करते हैं और जो बीजेपी ‘बेटी बचाओ’ का नारा देती है, वे अब अपने ही मंत्री के परिवार की इस ‘बीमार मानसिकता’ पर खामोश क्यों हैं?
अस्मिता का सवाल: राजद ने इसे बिहार की 6 करोड़ महिलाओं का अपमान बताया और मांग की कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तुरंत रेखा आर्य को कैबिनेट से बर्खास्त करें।

गिरधारी लाल साहू की सफाई
विवाद बढ़ता देख गिरधारी लाल साहू ने एक स्पष्टीकरण जारी किया है। उनका कहना है कि वीडियो को ‘संदर्भ से बाहर’ (Out of context) पेश किया जा रहा है। वह केवल एक गरीब व्यक्ति की मदद की बात कर रहे थे और उनके शब्दों का गलत अर्थ निकाला गया है। हालांकि, विपक्ष का कहना है कि महिलाओं की ‘कीमत’ तय करना किसी भी संदर्भ में सही नहीं हो सकता।
पुराने विवादों से भी है गिरधारी का नाता
यह पहली बार नहीं है जब गिरधारी लाल साहू विवादों में हैं। उन पर पहले भी किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़े गंभीर आरोप और अन्य आपराधिक मामलों में नाम आने की चर्चाएं रही हैं। वर्तमान घटना ने उत्तराखंड सरकार के लिए ‘महिला सशक्तिकरण’ के दावों पर सवालिया निशान लगा दिया है।









