मऊ जिले की घोषी विधानसभा सीट पर सपा नें इस उम्मीदवार के नाम का किया ऐलान, बीजेपी की बढ़ी टेंशन

उत्तर प्रदेश में सर्दी अपने चरम पर है, लेकिन वहीँ दूसरी तरफ सियासी तापमान बढ़ता जा रहा है। यूपी में विधानसभा चुनाव 2027 में होंगे, लेकिन उससे पहले सारी पार्टियां अपनी राजनीतक गोटियों को चौसर पर सेट करने में लगी है। हम बात कर रहे हैं मऊ जिले की घोषी विधानसभा सीट की, जहां पर सपा विधायक सुधाकर सिंह की मौत के बाद ये सीट रिक्त हो गई थी। जिस पर चुनाव आयोग को 6 महीने के अंदर चुनाव करवाना था। अब इसी को लेकर सपा ने अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है।

सपा ने उपचुनाव के लिए उम्मीदवार के नाम का किया ऐलान

समाजवादी पार्टी ने मऊ जिले की घोसी विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने दिवंगत विधायक सुधाकर सिंह के बेटे सुजीत सिंह को प्रत्याशी बनाया है। सुजीत के नाम का ऐलान सपा का राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने किया। घोसी से विधायक रहे सुधाकर सिंह का 20 नवंबर, 2025 को लखनऊ के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया था। सुजीत कुमार युवा नेता हैं और पिता के निधन के बाद बाद सियासी कमान अब उनके कंधों पर आ गई है।

उम्मीदवार के ऐलान के बाद शिवपाल यादव का बयान

शिवपाल यादव ने कहा कि सुजीत सिंह ही घोसी के लिए काम करेंगे। समाजवादी पार्टी और कार्यकर्ता उपचुनाव में सुजीत सिंह को जिताने में मदद करेंगे। समाजवादी पार्टी का आशीर्वाद सुजीत सिंह के साथ है। गौरतलब है कि सुधाकर सिंह 2023 के उपचुनाव में बीजेपी के दारा सिंह चौहान को हराकर विधायक बने थे।

विधानसभा सचिवालय ने सीट रिक्त घोषित कर दिया है

सुधाकर सिंह के विधायक के निधन के बाद विधानसभा सचिवालय ने घोसी सीट को रिक्त घोषित कर दिया था। ऐसी स्थिति में 6 महीने के भीतर उपचुनाव कराना अनिवार्य हो जाता है। माना ये भी जा रहा है कि अप्रैल 2026  तक इस सीट पर उपचुनाव हो सकते हैं।

सपा ने खेला बड़ा सियासी दांव

समाजवादी पार्टी ने सीट पर उपचुनाव के ऐलान से पहले सुधाकर सिंह के बेटे के नाम का ऐलान करके बड़ा सियासी दांव खेल दिया है। सुधाकर के बेटे सुजीत के लिए यह चुनाव इसलिए एक उम्मीद है क्योंकि पिता के निधन के बाद बेटे को एक सिम्पैथी मिलने की उम्मीद है। आपको बताते चलें कि सुधाकर सिंह की घोषी विधानसभा में वोटरों के बीच अच्छी पैठ मानी जाती है, जिसका फायदा भी उनके बेटे को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

 बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती

सपा नें सुजीत के नाम का ऐलान के बाद अब बीजेपी के लिए इसको एक बड़ी चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। क्योंकि बीजेपी को अब एक ऐसे उम्मीदवार की दरकार है जो सुधाकर सिंह की राजनीतिक ज़मींन में सेँधमारी कर सके। हालांकि 2023 में बीजेपी को उपचुनाव में शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। तो इस बार बीजेपी उसका बदला लेना चाहेगी।

हिंदी में एक कहावत कहते है कि- “दूध का जला, मट्ठा भी फूंक-फूंक के पीता है”। ये कहावत बीजेपी के ऊपर पूरी तरह से सटीक बैठती है। बीजेपी को इस सीट पर पहले भी हार मिली है और अब वो उस घाव को भरना चाहेगी। लेकिन ये तो आने वाला वक्त बताएगा कि बीजेपी किसे अपना कैंडिडेट बनाती है और जनता एक बार फिर से किसको जीत का ताज पहनाती है।

Comments are closed.

और पढ़ें