NEET-UG 2026 Paper Leak: नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने मंगलवार को NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कड़ी मेहनत करने वाले छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा, एनटीए (NTA) पर प्रतिबंध और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है। नीट की तैयारी करने वाले छात्र देशभर में सड़कों पर उतर आए हैं, जिसके बाद विनोद जाखड़ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
NEET-UG 2026 Paper Leak: छात्रों का देशव्यापी प्रदर्शन, सरकार पर गंभीर आरोप
जाखड़ ने सरकार और प्रशासन के लोगों की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए इसे छात्रों के भविष्य को बेचने जैसा बताया। उन्होंने कहा कि देश के कोने-कोने से छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। NEET परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। सरकार कहां है? आज उन लोगों का भविष्य बेच दिया गया है, जिन्होंने NEET परीक्षा की तैयारी पूरी लगन और ईमानदारी से की थी। मैं सरकार से मांग करता हूं कि वह दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करे और यह सुनिश्चित करे कि इस साजिश में शामिल हर व्यक्ति को कड़ी सजा मिले।
धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग, सरकार पर मिलीभगत के आरोप
जाखड़ ने आगे मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पेपर लीक की पूरी जिम्मेदारी लें और अपना इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन के कुछ व्यक्ति इस मामले में संलिप्त हैं। सरकार, विशेष रूप से धर्मेंद्र प्रधान को इस विफलता के लिए जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए और उन्हें अपना इस्तीफा दे देना चाहिए। मामले की गहन जांच की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिक मांग है कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) पर प्रतिबंध लगाया जाए। हम मांग करते हैं कि जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में की जाए। ऐसा इसलिए है क्योंकि हमें सरकार पर कोई भरोसा नहीं है। (NEET-UG 2026 Paper Leak)
‘पेपर माफिया’ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उठी आवाज
एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि यह लगातार तीसरी बार है जब NEET परीक्षा का पेपर लीक हुआ है। उन्होंने सरकार से ‘पेपर माफिया’ के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह पेपर पिछले साल भी लीक हुआ था और उससे पहले भी। यह लगातार तीसरी बार हुआ है। हमारा विरोध सरकार और पेपर माफिया के खिलाफ है। पेपर को रद्द करना समाधान नहीं है। पेपर को रद्द करने के बजाय, केंद्र सरकार को पेपर माफिया का सफाया करके इस समस्या की जड़ को खत्म करना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई 2026 को आयोजित हुई NEET UG 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया है। यह फैसला केंद्रीय एजेंसियों से मिले इनपुट और परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लिया गया है। 12 मई 2026 को आधिकारिक रूप से घोषणा की गई कि 3 मई को हुई परीक्षा अब मान्य नहीं होगी। केंद्र सरकार ने इस पूरे मामले की जांच सीबीआई (CBI) को सौंप दी है ताकि पेपर लीक के पीछे की गहरी साजिश का पता लगाया जा सके। (NEET-UG 2026 Paper Leak)
CBI जांच में सामने आए पेपर लीक के चौंकाने वाले खुलासे
परीक्षा फिर से आयोजित की जाएगी। हालांकि, नई तारीखों की घोषणा अभी नहीं की गई है, लेकिन NTA ने कहा है कि इसे जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा। जांच में सामने आया है कि परीक्षा से करीब 42 घंटे पहले 400 से अधिक प्रश्नों वाला एक ‘गेस पेपर’ सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर पब्लिश हुआ था। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने इस मामले में अब तक कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। जिन 22-25 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी, उन्हें फिर से पंजीकरण (Registration) करने की आवश्यकता नहीं होगी। उनके एडमिट कार्ड नए सिरे से जारी किए जाएंगे।









