NEET-UG 2026 Paper Leak: वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने और बार-बार हो रहे पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। मंगलवार को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने इसे प्रणालीगत विफलता (Systemic Failure) करार देते हुए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
NEET-UG 2026 Paper Leak: पेपर लीक बना राष्ट्रीय संकट
सिबल ने कहा कि परीक्षाएं होते ही प्रश्नपत्र लीक होना एक ट्रेंड बन गया है। यह देखना भी दिलचस्प है कि ये लीक कहां हो रही हैं। बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात और उत्तराखंड में प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं, ये सभी राज्य भाजपा शासित हैं। आखिर प्रश्नपत्र केवल भाजपा सरकारों के शासनकाल में ही क्यों लीक हो रहे हैं?
सिबल ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले हर राज्य के शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफे की भी मांग की, और कहा कि उन्हें सजा के तौर पर अपने पद छोड़ देने चाहिए। पिछले कई वर्षों में हुई बार-बार की घटनाओं का हवाला देते हुए, उन्होंने पिछली जांचों पर सवाल उठाए। (NEET-UG 2026 Paper Leak)
2016 से 2026 तक: हर बार सवालों के घेरे में परीक्षा व्यवस्था
सिबल ने हालिया आरोपों के सामने आने के बाद कार्रवाई में देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2016, 2019, 2021, 2024 और अब 2026 में दस्तावेज़ लीक हुए। क्या पिछली जांचों से कोई नतीजा निकला? सत्ता में बैठे लोगों की सहमति के बिना ऐसा नहीं होगा। सिबल ने हालिया आरोपों के सामने आने के बाद कार्रवाई में देरी पर सवाल उठाते हुए कहा।
CBI जांच में देरी पर सिब्बल ने उठाए गंभीर सवाल
राज्यसभा सांसद ने सवाल किया कि यह खबर दो-तीन दिन पुरानी है, तो उन्होंने इतना लंबा इंतजार क्यों किया? तुरंत एफआईआर दर्ज करके सीबीआई को जांच के लिए सौंप देनी चाहिए। उनके पास राजस्थान सरकार और सीबीआई दोनों हैं, फिर भी वे दोषियों को नहीं पकड़ पा रहे हैं। क्या किसी को छात्रों की चिंता है?। (NEET-UG 2026 Paper Leak)
शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफे की मांग ने बढ़ाई राजनीतिक गर्मी
उम्मीदवारों पर पड़ने वाले प्रभाव को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि बाहर से लोग आते हैं, और यहां तक कि गरीब परिवारों के बच्चे भी परीक्षा देने आते हैं, और अब उन्हें फिर से कड़ी मेहनत करनी होगी। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में जिम्मेदार पदों पर आसीन लोगों से इस्तीफे की मांग की। सिब्बल ने कहा कि जिन विभागों में यह सब हो रहा है, उन सभी के मंत्रियों और शिक्षा मंत्रियों को इस्तीफा दे देना चाहिए। जब अनपढ़ लोग मुख्यमंत्री बनते हैं, तो कागजात लीक होना तय है।
NEET रद्द होने से छात्रों का भविष्य फिर अधर में
केंद्र सरकार द्वारा कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द करने के फैसले के बाद तेज हुई राजनीतिक बहस के बीच उनकी यह टिप्पणी आई है। इससे पहले दिन में, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भारतीय न्याय संहिता, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के विभिन्न प्रावधानों के तहत इस मामले में एफआईआर दर्ज की। (NEET-UG 2026 Paper Leak)
शिक्षा मंत्रालय की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी, और जांच के लिए सीबीआई की विशेष टीमों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया था। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने पहले कहा था कि केंद्रीय एजेंसियों से परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर चिंताएं उठाए जाने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी और घोषणा की थी कि बाद में दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी।









