Prateek Yadav Death Mystery: समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव का 38 वर्ष की आयु में लखनऊ में आकस्मिक निधन हो गया है। बुधवार, सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन के बाद यादव परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है।
सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कि सुबह करीब 5 बजे उनकी तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलने पर डॉक्टरों को उनके घर भेजा गया। उन्हें अस्पताल लाया गया और सुबह 5:55 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। (Prateek Yadav Death Mystery)
Prateek Yadav Death Mystery: कारोबारी विवाद और करोड़ों की धोखाधड़ी के आरोपों से जुड़े थे प्रतीक यादव
जानकारी के मुताबिक, पिछले साल अखिलेश यादव के भाई ने कथित व्यापारिक विवाद को लेकर धोखाधड़ी और जबरन वसूली का मामला दर्ज कराया था। धोखाधड़ी और जबरन वसूली के आरोपों से जुड़े एक व्यापारिक विवाद के बाद प्रतीक यादव कथित तौर पर मानसिक तनाव में थे। जुलाई 2025 में दर्ज शिकायत में प्रतीक यादव ने आरोप लगाया था कि चिनहट निवासी कृष्णानंद पांडे ने उन्हें एक रियल एस्टेट परियोजना में करोड़ों रुपये निवेश करने के लिए राजी किया था।
प्रतीक यादव और रियल एस्टेट कारोबारी कृष्णानंद पांडेय की मुलाकात 2011-12 में हुई थी। कृष्णानंद ने शहीद पथ के पास आवासीय योजना में भारी मुनाफे का झांसा देकर 25 मई 2015 को ‘मोनाल इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से एक कंपनी बनाई। इसमें प्रतीक को प्रमोटर और खुद को निदेशक बनाया। साथ ही उनसे करोड़ों रुपये का निवेश करा लिया। (Prateek Yadav Death Mystery)
शिकायत के अनुसार, कई जमीनों की बिक्री के बावजूद प्रतीक यादव को कोई वित्तीय लेखा-जोखा (अकाउंटिंग) या मुनाफे का हिस्सा नहीं दिया गया। जब प्रतीक यादव ने अपने निवेश के पैसे वापस मांगे, तो कृष्णानंद ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। दबाव बनाने पर आरोपी ने प्रतीक को गंभीर पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी।
आरोपी ने प्रतीक के परिवार को बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया पर फर्जी ऑडियो क्लिप वायरल करने की धमकी दी और मामले को रफा-दफा करने के एवज में ₹4 करोड़ से ₹5 करोड़ की रंगदारी (Extortion) मांगी। इस लगातार मिल रही ब्लैकमेलिंग, वित्तीय धोखाधड़ी और झूठे मुकदमों की धमकियों के कारण प्रतीक यादव लंबे समय से अत्यधिक मानसिक तनाव में चल रहे थे। (Prateek Yadav Death Mystery)
इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत जबरन वसूली व धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की थी।
लखनऊ में पोस्टमार्टम के बाद अंतिम दर्शन की तैयारियां, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
सूत्रों के मुताबिक, प्रतीक यादव का पोस्टमार्टम लखनऊ में संपन्न हो गया है। केजीएमयू पोस्टमार्टम हाउस में डॉक्टरों की एक टीम ने करीब 45 मिनट से एक घंटे तक पोस्टमार्टम किया। अधिकारियों ने शव को परिवार को सौंपने की तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रतीक यादव के पार्थिव शरीर को शीघ्र ही उनकी पत्नी अपर्णा यादव के लखनऊ स्थित आवास पर ले जाया जाएगा। इलाके में और आसपास भारी सुरक्षा व्यवस्था बनी हुई है। (Prateek Yadav Death Mystery)
राजनीति से दूरी, फिटनेस और पशु कल्याण के कार्यों में सक्रिय थे प्रतीक यादव
प्रतीक यादव समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। देश के सबसे प्रमुख राजनीतिक परिवारों में से एक से संबंध रखने के बावजूद, प्रतीक यादव सक्रिय राजनीति से काफी हद तक दूर रहे।
प्रतीक ने ब्रिटेन के लीड्स विश्वविद्यालय से पढ़ाई की थी और वे रियल एस्टेट और फिटनेस व्यवसायों से जुड़े थे। उन्होंने लखनऊ में ‘द फिटनेस प्लैनेट’ नाम से एक जिम भी चलाया और फिटनेस उद्योग में सक्रिय रहे। वह ‘जीव आश्रय’ नामक एक संगठन के माध्यम से पशु कल्याण गतिविधियों में भी शामिल थे, जो आवारा कुत्तों के बचाव, उपचार, भोजन और देखभाल के लिए काम करता था। (Prateek Yadav Death Mystery)









