UP Police On High Alert: नेपाल में जारी अशांति के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस प्रशासन को राज्य के सीमावर्ती जिलों में हर समय हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने पुलिस को 24 घंटे हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया है।
यूपी के सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है।
नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की मदद के लिए लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में एक विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसमें तीन हेल्पलाइन नंबर 24×7 उपलब्ध हैं:
- 0522-2390257
- 0522-2724010
- 9454401674
पुलिस की सोशल मीडिया इकाई को नेपाल से संबंधित संवेदनशील सूचनाओं और पोस्ट पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
नेपाल के राष्ट्रपति प्रदर्शनकारियों से की अपील
नेपाल के राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने मंगलवार को प्रदर्शनकारी नागरिकों से बातचीत के माध्यम से चल रहे ‘जेन जेड’ आंदोलन का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का आह्वान किया। राष्ट्रपति पौडेल ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली का इस्तीफा पहले ही स्वीकार कर लिया गया है, इसलिए राष्ट्र को बिना किसी और रक्तपात या विनाश के संकट को हल करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
नेपाल सेना ने भी एक सार्वजनिक अनुरोध जारी कर नागरिकों, विशेषकर युवाओं से संयम बरतने और देश की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करने का आग्रह किया है।
जेन जेड के प्रदर्शनों में तेजी से वृद्धि
पिछले कुछ दिनों में, जेन जेड के प्रदर्शनों में तेजी से वृद्धि हुई है, जिसके कारण संघीय संसद और काठमांडू के अन्य हिस्सों में हुई झड़पों में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 500 से अधिक लोग घायल हो गए। सरकार द्वारा कर राजस्व और साइबर सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद 8 सितंबर को काठमांडू और पोखरा, बुटवल और बीरगंज सहित अन्य प्रमुख शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।
प्रदर्शनकारी संस्थागत भ्रष्टाचार और शासन में पक्षपात को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि सरकार अपनी निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक जवाबदेह और पारदर्शी हो। प्रदर्शनकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगे प्रतिबंध को हटाने की भी मांग कर रहे हैं, जिसे वे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने का प्रयास मानते हैं।
काठमांडू समेत कई शहरों में लगा कर्फ्यू
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए काठमांडू समेत कई शहरों में कर्फ्यू लगा दिया गया। सरकार ने गलत सूचनाओं की चिंता और नियामक अनुपालन की आवश्यकता का हवाला देते हुए फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और यूट्यूब समेत 26 प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगा दिया। नागरिकों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला और असहमति को दबाने का एक तरीका माना।









