समूचे उत्तर प्रदेश में ठंड के सितम जारी है।सर्दी की वजह से यातायात और आम लोंगो का जीवन को अस्तव्यस्त हो गया है। इस बार बताया जा रहा है कि यूपी में सर्दी ने 13 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पहाड़ों पर बर्फबारी और वहां से आ रही सर्द पछुआ हवाओं के साथ घने कोहरे ने यूपी में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दूसरी तरफ सर्दी के सितम से उत्तर प्रदेश शासन और प्रशासन की तरफ से सचुल में छुट्टी का ऐलान कर दिया है।
अगले 3 दिन तक मौसम खराब रहने की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक गलन और कोहरे से राहत की संभावना नहीं है। वहीं, सहारनपुर, बिजनौर और मुजफ्फरनगर में रविवार का दिन सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। मेरठ में ठंड ने 13 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मेरठ नैनीताल से भी ठंडा रहा।

लखनऊ में डीएम का सख्त आदेश
लखनऊ के जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि राजधानी में शीतलहर का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। सुबह के समय घना कोहरा और गलन भरी ठंड के कारण दृश्यता बेहद कम हो जा रही है, जिससे बच्चों के स्कूल आने-जाने में गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। डीएम ने आदेश दिया है कि कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे। आदेश सभी बोर्डों पर समान रूप से लागू होगा। किसी भी विद्यालय द्वारा आदेश की अवहेलना किए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और मौसम की स्थिति की समीक्षा के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।

क्यों जरूरी हुआ स्कूल बंद करने का फैसला
पिछले कई दिनों से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में न्यूनतम तापमान 5–7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। घने कोहरे के कारण दृश्यता शून्य के करीब है। ठंडी पछुआ हवाओं से गलन और ठिठुरन बढ़ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की सर्दी में बच्चों में सर्दी–खांसी,बुखार,निमोनिया,सांस संबंधी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यहीं काऱण है कि यूपी के सभी स्कूलों बंद कर दिया गया है।









