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सीएम मोहन यादव ने इस इंटरनेशनल क्रिकेटर को दिए वादे को निभाया, पिता को वापस दिलाई पुलिस की वर्दी, डिटेल में जाने क्या था मामला

यह कहानी है एक ऐसी बेटी की, जिसने क्रिकेट के मैदान पर तो दुनिया को अपनी ताकत दिखाई ही, लेकिन अपनी ज़िंदगी की सबसे बड़ी पारी उसने अपने पिता के सम्मान को वापस दिलाने के लिए खेली। अंतर्राष्ट्रीय महिला क्रिकेटर क्रांति गौड़ (Kranti Gaur) के परिवार के लिए पिछला डेढ़ दशक किसी अंधकार से कम नहीं था, लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Mohan Yadav) के एक संवेदनशील फैसले ने 17 साल (17Years) से चले आ रहे उस ‘वनवास’ को खत्म कर दिया।मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर अपने ‘संवेदनशील प्रशासन’ का परिचय दिया है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय महिला क्रिकेटर क्रांति गौड़ (Kranti Gaur) से किया अपना वादा निभाते हुए उनके पिता को सम्मान के साथ पुलिस की वर्दी वापस दिलाई है। यह मामला न केवल एक बेटी के संघर्ष की जीत है, बल्कि शासन के मानवीय चेहरे को भी दर्शाता है।

बेटी का संघर्ष और मुख्यमंत्री से मुलाकात

क्रांति गौड़, जिन्होंने क्रिकेट की दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाया, उन्होंने ठान लिया था कि वे अपने पिता पर लगे दाग को धोकर रहेंगी। पिछले दिनों एक कार्यक्रम के दौरान क्रांति की मुलाकात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से हुई। क्रांति ने अपनी उपलब्धियों के साथ-साथ अपने पिता के साथ हुए अन्याय की बात मुख्यमंत्री के सामने रखी।

सीएम मोहन यादव का एक्शन

मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। गृह विभाग की समीक्षा के बाद यह पाया गया कि सुरेंद्र सिंह गौड़ की बर्खास्तगी की कार्रवाई में कुछ तकनीकी खामियां थीं और वे बहाली के पात्र थे। सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि “एक अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी की भावनाओं और न्याय का सम्मान होना चाहिए।”

मुख्यमंत्री ने वादा निभाया- मंत्री विश्वास सारंग

मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने बताया है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने क्रिकेटर क्रांति गौड़ से किया गया अपना वादा पूरा किया है। उन्होंने क्रिकेटर के पिता मुन्ना सिंह की सेवा बहाल करने के निर्देश दिए थे। सीएम के निर्देश के बाद मध्य प्रदेश के पुलिस मुख्यालय ने कार्रवाई की और मुन्ना सिंह की सेवा वापस से बहाल कर दी है। मंत्री विश्वास सारंग ने कहा- “इस फैसले से न सिर्फ परिवार को राहत मिली है, बल्कि यह खिलाड़ियों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता, सम्मान और न्यायपूर्ण दृष्टिकोण का भी उदाहरण है।”

सीएम मोहन यादव ने किया था वादा

जानकारी के मुताबिक, भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जब वनडे वर्ल्ड कप 2025 में जीत हासिल की थी, तब जीत के बाद सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। इसी दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव क्रिकेटर क्रांति गौड़ को आश्वासन दिया था की उनके पिता मुन्ना सिंह की नौकरी को वापस बहाल किया जाएगा। राज्य सरकार में मंत्री विश्वास सारंग ने कहा- “इस फैसले से न सिर्फ क्रांति गौड़ के परिवार को आर्थिक और सामाजिक संबल मिला है, बल्कि क्रांति का यह सपना भी पूरा हुआ है कि उनके पिता पुलिस की वर्दी में सम्मानपूर्वक रिटायर हों।”

क्या था पूरा मामला?

क्रांति गौड़ के पिता सुरेंद्र सिंह गौड़ (Surendra gaur, Father) मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) पुलिस में प्रधान आरक्षक (Head Constable) के पद पर तैनात थे। करीब 17 साल पहले एक अनुशासनात्मक कार्रवाई के चलते उन्हें पुलिस सेवा से बर्खास्त (Dismiss) कर दिया गया था। इसके बाद परिवार गहरे आर्थिक और मानसिक संकट में आ गया।

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