उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से आ रही है, जहां पावन ‘पौष पूर्णिमा’ के साथ माघ मेला 2026 का भव्य शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद संगम तट की मनमोहक तस्वीरें साझा कर देशवासियों को बधाई दी है। हर-हर गंगे! प्रयागराज की रेती पर फिर लगा आस्था का मेला। जहाँ सुबह की पहली किरण के साथ लाखों भक्तों ने संगम में लगाई डुबकी। जो बता रही हैं कि क्यों प्रयागराज को तीर्थों का राजा कहा जाता है!
माघ मेला का शुभारंभ
प्रयागराज (Prayagraj) के त्रिवेणी संगम पर पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व के साथ माघ (Magh Mela) मेला 2026 आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है। सुबह 4:00 बजे (ब्रह्म मुहूर्त) से ही श्रद्धालुओं का रेला घाटों पर उमड़ पड़ा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ट्वीट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘X’ पर संगम की विहंगम तस्वीरें साझा करते हुए लिखा “तीर्थराज प्रयाग में पावन पौष पूर्णिमा के पवित्र स्नान के साथ माघ मेला-2026 का मंगलमय शुभारंभ हो रहा है। सभी श्रद्धालुओं, कल्पवासियों और संतों का हार्दिक स्वागत है। माँ गंगा, यमुना और सरस्वती की कृपा सभी पर बनी रहे।”

प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंध
इस बार मेला क्षेत्र का दायरा बढ़ाकर 800 हेक्टेयर कर दिया गया है। वहीं सुरक्षा की बात करें तो पूरे मेला क्षेत्र में 400 से अधिक AI-युक्तCCTV कैमरे लगाए गए हैं। NDRF, SDRF और जल पुलिस की टीमें हर घाट पर तैनात हैं।
VIP प्रोटोकॉल पर रोक:
सीएम योगी के निर्देशानुसार, प्रमुख स्नान पर्वों पर किसी भी तरह का VIP मूवमेंट या प्रोटोकॉल लागू नहीं किया गया है ताकि आम श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। दूसरी तरफ माघ मेला में भक्तों को दी जाने वाली सुविधाएओं पर भी विशेष रुप से ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि गंगा पर 9 पांटून पुल बनाए गए हैं और स्वच्छ भारत अभियान के तहत ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्ज’ मॉडल लागू किया गया है।

महिलाओं की सुरक्षा पर सख्त निर्देश
महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। मेला क्षेत्र और सार्वजनिक स्थानों पर संदिग्ध तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी महिला को भय या असुविधा का सामना नहीं करना चाहिए। कड़ाके की ठंड को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने रैन बसेरों की पर्याप्त व्यवस्था, अलाव जलाने और रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड व सार्वजनिक स्थलों पर रोशनी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर न हो। सुरक्षा के लिए मेला क्षेत्र में 17 थाने, 42 चौकियां, जल पुलिस थाना, फायर टेंडर और वॉच टावर तैनात किए गए हैं। 400 एआई युक्त सीसीटीवी कैमरों से क्राउड मैनेजमेंट और निगरानी की जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 42 स्थानों पर पार्किंग और 3800 रोडवेज बसों की व्यवस्था की गई है।
आने वाले प्रमुख स्नान पर्व: माघ मेला 2026 कुल 44 दिनों तक चलेगा और 15 फरवरी (महाशिवरात्रि) को समाप्त होगा:
मकर संक्रांति: 14 जनवरी 2026
मौनी अमावस्या: 18 जनवरी 2026
बसंत पंचमी: 23 जनवरी 2026
माघी पूर्णिमा: 1 फरवरी 2026
महाशिवरात्रि: 15 फरवरी 2026









