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ईरान-अमेरिका वार्ता रद्द: क्या दुनिया महायुद्ध की ओर? स्ट्रैट ऑफ होर्मुज बंद होने से तेल संकट का खतरा

Iran US Islamabad Talks 2026: पूरी दुनिया की नजरें इस समय इस्लामाबाद पर टिकी हुई हैं। हालांकि, शांति की जो उम्मीद दिखाई दे रही थी, वह अब लगभग खत्म होती नजर आ रही है। दरअसल, 21 अप्रैल को होने वाली महत्वपूर्ण शांति वार्ता पर शुरू होने से पहले ही ब्रेक लग गया है।


ईरान क्यों हटा पीछे? होर्मुज बना ‘इकोनॉमिक लाइफलाइन’

बातचीत रुकने की सबसे बड़ी वजह स्ट्रैट ऑफ होर्मुज का विवाद है। दरअसल, दुनिया का लगभग एक-तिहाई तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है।

  • तनाव की शुरुआत: फरवरी में ईरान ने इस स्ट्रैट को पूरी तरह बंद कर दिया था।
  • ईरान की कड़ी शर्त: ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका ‘नेवल ब्लॉकेड’ नहीं हटाता, बातचीत संभव नहीं है।
  • आजादी का सवाल: ईरान इसे अपनी संप्रभुता पर हमला मान रहा है। यही वजह है कि उनके नेता दबाव में झुकने को तैयार नहीं हैं।

[Image Suggestion: स्ट्रैट ऑफ होर्मुज का मैप और वहां तैनात ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की गश्ती नौकाओं की फोटो यहाँ लगाएं]


डोनाल्ड ट्रंप की खुली चेतावनी: ‘पावर प्लांट्स’ पर निशाना?

दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख बेहद आक्रामक है। परिणामस्वरूप, युद्ध का खतरा और बढ़ गया है।

  1. बड़ी मांग: ट्रंप चाहते हैं कि ईरान अपना 440 किलो समृद्ध यूरेनियम अमेरिका को सौंप दे।
  2. ईरान का इनकार: राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने इसे अपना कानूनी अधिकार बताते हुए मना कर दिया है।
  3. ट्रंप की धमकी: ट्रंप ने साफ कहा है कि बात न मानने पर वे ईरान के पावर प्लांट्स को निशाना बना सकते हैं।

दरअसल, ट्रंप का अंदाज हमेशा की तरह ‘अनप्रेडिक्टेबल’ बना हुआ है। यही नहीं, अमेरिका के अंदर भी वाइस प्रेसिडेंट की भूमिका को लेकर काफी कंफ्यूजन दिखाई दे रहा है।


$200 प्रति बैरल: आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर

अगर यह विवाद नहीं सुलझा, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। दरअसल, स्ट्रैट ऑफ होर्मुज में इस समय सन्नाटा पसरा है।

  • शिपिंग का संकट: ईरान ने चेतावनी दी है कि बिना अनुमति गुजरने वाले जहाज ‘दुश्मन’ माने जाएंगे।
  • तेल की कीमतें: एक्सपर्ट्स का मानना है कि कच्चा तेल 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है।
  • महंगाई का कहर: इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छूएंगी। परिणामस्वरूप, पूरी दुनिया आर्थिक मंदी की तरफ जा सकती है।


अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण

इस्लामाबाद में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और होटलों के बाहर सशस्त्र गार्ड तैनात हैं। हालांकि, पाकिस्तान मध्यस्थ बनने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उम्मीदें बहुत कम हैं। अंततः, 22 अप्रैल को सीजफायर खत्म हो रहा है। यही वजह है कि दुनिया एक ऐसे टर्निंग पॉइंट पर है, जहाँ एक गलत फैसला बड़े संकट में बदल सकता है। अब सबकी नजरें इसी पर हैं कि क्या कूटनीति काम करेगी? Iran US Islamabad Talks 2026

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