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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने क्वालिटी बार जमीन मामले में सपा नेता Azam Khan को जमानत दी

Azam Khan

Azam Khan: समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से क्वालिटी बार भूमि मामले में जमानत मिल गई है। उनके वकील मोहम्मद खालिद ने बताया कि इस जमानत के बाद अब उन्हें जेल में रखने के लिए कोई लंबित मामला नहीं है, जिससे उनकी जल्द रिहाई की संभावना बढ़ गई है।

क्वालिटी बार भूमि मामले की व्याख्या करते हुए खालिद ने कहा कि आरोपों में दावा किया गया है कि आजम खान ने 2013 में कैबिनेट मंत्री के रूप में अपने परिवार के सदस्य को जमीन आवंटित करने के लिए अपनी शक्ति का दुरुपयोग किया था।

क्या है क्वालिटी बार मामला ?

खालिद ने आगे कहा, “यह मामला एक सोसाइटी से जुड़ा था, जिसके पास क्वालिटी बार नाम की एक इमारत और कुछ ज़मीन थी। आरोप यह था कि 2013 में जब खान साहब कैबिनेट मंत्री थे, तो उन्होंने अपनी शक्ति का दुरुपयोग किया और सोसाइटी पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके इस ज़मीन को अपने परिवार के एक सदस्य को लीज़ पर आवंटित कर दिया।”

खालिद ने कहा, “जबकि तथ्य कुछ और थे, सोसाइटी स्वतंत्र थी, उसने एक टेंडर जारी किया था, और सबसे ज़्यादा बोली लगाने वाली उनकी पारिवारिक सदस्य उनकी पत्नी थीं, इसलिए उन्हें ज़मीन आवंटित कर दी गई। यह 2013 का मामला है। 2019 में एक एफ़आईआर दर्ज की गई और 2024 में आगे की जाँच की गई, जिसमें खान साहब को एक आरोपी के रूप में नामित किया गया। हमने ये सभी तथ्य अदालत में पेश किए, इसलिए आज आख़िरकार इसमें भी ज़मानत मिल गई।”

Azam Khan की जमानत

इससे पहले 16 मई को आजम खान के वकील नासिर सुल्तान ने कहा था कि एमपी-एमएलए अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विवेक कुमार ने सबूतों के अभाव में आजम और सात अन्य को बरी कर दिया। उन्होंने कहा, “वर्ष 2016 के डूंगरपुर कांड में आज़म और अन्य के खिलाफ लगभग एक दर्जन एफआईआर दर्ज की गई थीं, जिसमें सपा सरकार के दौरान आसरा योजना के कार्यान्वयन के लिए घरों को तोड़ा गया था। इनमें से एक मामला 2019 में शफीक बानो द्वारा दर्ज कराया गया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने 2012 में खरीदी गई जमीन पर एक घर बनाया है।”

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