JPSC Student Protest: रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के 14वें दिन, छात्र प्रतिनिधिमंडल और झारखंड सरकार के बीच पहली औपचारिक बातचीत सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई है। बैठक के बाद छात्र नेता रविंद्र पासवान ने बताया कि बातचीत बेहद सकारात्मक और परिवार जैसी रही, और छात्रों को पूरी उम्मीद है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेंगे।
JPSC Student Protest: ‘परिवार जैसा माहौल रहा’, सरकार से पहली बैठक के बाद बोले छात्र नेता रविंद्र पासवान
पासवान ने कहा, “यह हमारी पहली मुलाकात थी। यह बहुत सकारात्मक रही। सबके साथ बैठकर ऐसा लगा जैसे हम परिवार का हिस्सा हों। यह वाकई एक सकारात्मक बैठक थी। हमें पूरा भरोसा है कि सरकार, मुख्यमंत्री और सभी मंत्री हमारी मांगों को वास्तविक मानेंगे।” इससे पहले, बैठक के लिए रवाना होने से पहले, पासवान ने चेतावनी दी थी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। पासवान ने कहा, “हमारी सभी मांगें जरूरी हैं। अगर इनमें से एक भी मांग स्वीकार नहीं की जाती है तो हम बातचीत को सफल नहीं मानेंगे और अपना विरोध जारी रखेंगे।”
छात्रों ने दिया 10 अगस्त का अल्टीमेटम
इसी के साथ छात्र डेलिगेशन ने सरकार को 10 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है। अगर 10 अगस्त तक छात्रों की मांगें पूरी नहीं होती है तो विधानसभा घेराव करेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में रवींद्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवींद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार शामिल थे। वहीं, बातचीत करने वाली सरकारी टीम में मंत्री दीपिका पांडे सिंह, सुदिव्या कुमार सोनू, चमरा लिंडा, संजय प्रसाद और अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अजय कुमार सिंह शामिल थे। (JPSC Student Protest)
CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़े छात्र
छात्रों के अनुसार, राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई इस पहली बैठक में सरकार ने उनकी अधिकांश मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया है। आंदोलन की मुख्य मांग यानी पूरे मामले की CBI जांच कराने पर इस बैठक में अंतिम सहमति नहीं बन सकी है। CBI जांच के मुख्य मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेने के लिए छात्र प्रतिनिधिमंडल की अगले दौर की सीधी बैठक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ प्रस्तावित है। जब तक मुख्यमंत्री के साथ बैठक में CBI जांच और परीक्षा रद्द करने पर कोई ठोस और लिखित फैसला नहीं होता, तब तक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का अनशन और धरना जारी रहेगा।
छात्रों की प्रमुख मांगें
- JPSC 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) को पूरी तरह रद्द किया जाए।
- भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित धांधली और पेपर लीक मामलों की स्वतंत्र CBI जांच कराई जाए।
- परीक्षा आयोजित करने वाली बाहरी एजेंसियों के कामकाज की समीक्षा हो और पूरी चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए। (JPSC Student Protest)
इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान मिला है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से फोन पर बात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि वे छात्रों की इन जायज मांगों को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बात करेंगे। वहीं, मुख्यमंत्री ने भी सार्वजनिक बयान जारी कर कहा है कि सरकार छात्रों को न्याय दिलाने और इस समस्या का एक ठोस व स्थायी समाधान निकालने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।









