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Nagpur Gas Leak: नागपुर में क्लोरीन गैस लीक से हड़कंप, 56 लोग बीमार; 8 की हालत गंभीर

Nagpur Gas Leak

Nagpur Gas Leak: महाराष्ट्र के नागपुर शहर से एक बेहद डरावनी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। शहर के एक प्रमुख वाटर प्यूरीफिकेशन प्लांट में अचानक क्लोरीन गैस का रिसाव होने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। इस गैस की चपेट में आने से स्थानीय निवासियों और वहां काम करने वाले कर्मचारियों सहित कुल 56 लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं। सभी प्रभावितों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से 8 लोगों की हालत नाजुक बताई जा रही है और वे इस समय आईसीयू (ICU) में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।

Nagpur Gas Leak: कैसे और कहां हुआ यह हादसा?

यह दर्दनाक घटना नागपुर के गोधनी इलाके में सोमवार को वाटर प्यूरीफिकेशन प्लांट में घटित हुई। रोज की तरह प्लांट में पानी को साफ करने की प्रक्रिया चल रही थी। पानी को कीटाणुरहित करने के लिए बड़े-बड़े सिलेंडरों में रखी क्लोरीन गैस का इस्तेमाल किया जा रहा था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक एक स्टोरेज टैंक या पाइपलाइन के वॉल्व में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके बाद तेजी से तीखी और दम घोटने वाली क्लोरीन गैस हवा में फैलने लगी। चूंकि प्लांट के आसपास रिहायशी इलाका है, इसलिए कुछ ही मिनटों में गैस हवा के रुख के साथ घरों तक पहुंच गई। देखते ही देखते लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी, आंखों में तेज जलन होने लगी और इलाके में चीख-पुकार मच गई। (Nagpur Gas Leak)

56 लोग अस्पताल में भर्ती, 8 की हालत गंभीर

गैस रिसाव की खबर मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें एम्बुलेंस के साथ मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। बेहोश और तड़प रहे लोगों को तुरंत गाड़ियों में लादकर मेडिकल कॉलेज और स्थानीय अस्पतालों में पहुंचाया गया। अब तक 56 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराए जाने की पुष्टि हुई है।

अस्पताल में भर्ती ज्यादातर मरीजों को सांस लेने में भारी दिक्कत, लगातार खांसी, सीने में दर्द, चक्कर आना और आंखों में तेज जलन की शिकायत है। डॉक्टरों के मुताबिक, 8 लोगों ने बहुत अधिक मात्रा में गैस सांस के जरिए अंदर खींच ली थी, जिससे उनके फेफड़ों पर गंभीर असर पड़ा है। उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें आईसीयू में वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम चौबीसों घंटे उनकी निगरानी कर रही है। (Nagpur Gas Leak)

प्रशासन और फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई

हादसे के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का काम शुरू किया। फायर फाइटर्स ने विशेष सुरक्षात्मक सूट पहनकर प्लांट के अंदर प्रवेश किया और कड़ी मशक्कत के बाद उस वॉल्व या लीकेज पॉइंट को पूरी तरह बंद किया, जहां से गैस निकल रही थी। हवा में फैली गैस के असर को कम करने के लिए पूरे परिसर और आसपास के रास्तों पर पानी का भारी छिड़काव किया गया, क्योंकि पानी क्लोरीन के प्रभाव को काफी हद तक कम कर देता है। सुरक्षा के लिहाज से एहतियातन आसपास के कुछ घरों को खाली कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।

जांच के आदेश और सुरक्षा पर सवाल

इस गंभीर लापरवाही के बाद स्थानीय प्रशासन और सरकार ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। नागपुर के जिला अधिकारी और नगर निगम के आला अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया। हादसे के कारणों की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इस घटना ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों के पास स्थित औद्योगिक और रासायनिक प्लांटों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है और वे मांग कर रहे हैं कि सुरक्षा मानकों में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों और प्लांट प्रबंधन के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। (Nagpur Gas Leak)


Vaishali
Author: Vaishali

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