Brics Summit 2026: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आज 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंच गए हैं। उनका विमान ‘एयर चाइना’ (बोइंग 747) आज दोपहर करीब 11:30 बजे दिल्ली के पालम एयरफोर्स स्टेशन पर उतरा। चीनी राष्ट्रपति का यह भारत दौरा बेहद ऐतिहासिक और कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि 2019 के बाद शी जिनपिंग का यह पहला भारत दौरा है।
2020 में गलवान घाटी की हिंसक झड़प के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बना हुआ था। पूरे 7 साल के लंबे अंतराल के बाद भारतीय धरती पर कदम रखने वाले चीनी राष्ट्रपति 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए एक उच्च स्तरीय 67 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ आए हैं।
Brics Summit 2026: पालम एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत
चीनी राष्ट्रपति का विशेष विमान जैसे ही भारतीय वायु सीमा में दाखिल हुआ, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर थीं। पालम एयरफोर्स स्टेशन के टेक्निकल एरिया में विमान की लैंडिंग के बाद, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने उनकी अगवानी की। हवाई अड्डे पर पारंपरिक स्वागत के बाद, शी जिनपिंग अपने काफिले के साथ होटल के लिए रवाना हुए। वे अपनी इस यात्रा के दौरान नई दिल्ली के प्रतिष्ठित ताज होटल में ठहरेंगे।
दिल्ली बनी अभेद्य किला: सुरक्षा के कड़े इंतजाम
शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जैसे वैश्विक नेताओं की मौजूदगी के कारण राजधानी दिल्ली को सुरक्षा के लिहाज से एक छावनी में तब्दील कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के लगभग 15,000 से 30,000 जवान तैनात किए गए हैं।
पालम टेक्निकल एयरपोर्ट के बाहरी रास्तों को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया है। धौला कुआं से लेकर होटल और भारत मंडपम तक के रास्तों पर कड़े ट्रैफिक डायवर्जन लागू हैं। ताज होटल, जहां जिनपिंग रुके हैं, वहां मल्टी-लेयर सिक्योरिटी है। चीनी सुरक्षा एजेंट्स और भारतीय कमांडो होटल के हर फ्लोर पर तैनात हैं। (Brics Summit 2026)
क्यों अहम है यह दौरा?
यह दौरा भारत-चीन संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। 2019 के बाद शी जिनपिंग का यह पहला भारत दौरा है। 2020 में गलवान घाटी की हिंसक झड़प के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बना हुआ था। सूत्रों के अनुसार, आज शनिवार शाम लगभग 5:45 बजे भारत मंडपम के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक होने जा रही है।
खबरों के मुताबिक, हाल ही में डेपसांग और डेमचोक जैसे विवादित सीमा क्षेत्रों में दोनों देशों की सेनाओं के पीछे हटने के बाद यह पहली आधिकारिक उच्च स्तरीय वार्ता होगी। इस बैठक के मुख्य एजेंडे में 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर स्थायी शांति स्थापित करना, सीमा पर स्थिरता लाना और दोनों देशों के बीच सीधे विमान परिचालन व कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से सुचारू रूप से शुरू करने जैसे द्विपक्षीय मुद्दे शामिल हैं। (Brics Summit 2026)









