Ayodhya Deepotsav 2026: अयोध्या में भव्य दीपोत्सव 2026 की तैयारियां बेहद युद्धस्तर पर शुरू हो चुकी हैं, जिसमें स्थानीय प्रशासन ने इस बार सुरक्षा और स्वच्छता को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया है। हर साल की तरह इस बार भी मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी एक नया इतिहास रचने की ओर अग्रसर है।
उत्तर प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशन में जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस विभाग मिलकर इस वैश्विक उत्सव को अभूतपूर्व बनाने के लिए दिन-रात जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत इस साल राम की पैड़ी और सरयू के विभिन्न घाटों पर 26 लाख से अधिक दीये जलाने का एक नया रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
Ayodhya Deepotsav 2026: सुरक्षा का अचूक चक्रव्यूह, चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर
लाखों श्रद्धालुओं और देश-विदेश से आने वाले विशिष्ट अतिथियों की आमद को देखते हुए अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन वर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा का एक कड़ा खाका तैयार किया है। संपूर्ण मेला क्षेत्र, राम जन्मभूमि परिसर, राम की पैड़ी और प्रमुख घाटों पर सैकड़ों हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। एटीएस (ATS), जल पुलिस, अग्निशमन दल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की टीमों को स्थानों पर मुस्तैद किया गया है। सरयू नदी में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मोटर बोट्स और कुशल गोताखोर तैनात रहेंगे।
त्योहार के दौरान आम जनता और श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए डायवर्जन प्लान तैयार किया गया है। शहर के बाहरी हिस्सों में विशाल पार्किंग स्थलों को चिह्नित किया गया है, जहां से बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए गोल्फ कार्ट तथा विशेष बसों की व्यवस्था की जाएगी। (Ayodhya Deepotsav 2026)
स्वच्छता पर विशेष अभियान
प्रशासन का मानना है कि भव्यता के साथ-साथ दिव्यता तभी संभव है जब शहर पूरी तरह स्वच्छ हो। मंडलायुक्त राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई समन्वय बैठक के बाद पूरे शहर में एक मेगा स्वच्छता अभियान की शुरुआत की गई है। राम की पैड़ी और सरयू के सभी प्रमुख घाटों की नियमित सफाई की जा रही है। दीपोत्सव से पहले घाटों के आसपास चल रहे सभी निर्माण कार्यों को समय से पहले पूरा करने का सख्त आदेश दिया गया है।
श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य और सुविधा को ध्यान में रखते हुए जगह-जगह मोबाइल टॉयलेट्स और शुद्ध पेयजल के एटीएम लगाए जा रहे हैं। दीपोत्सव के मुख्य आयोजनों (5 से 8 नवंबर 2026) के दौरान और दीये जलने के बाद बचे हुए अवशेषों को हटाने के लिए नगर निगम ने विशेष सफाई कर्मियों की चौबीसों घंटे की शिफ्ट तय की है। (Ayodhya Deepotsav 2026)
दीपोत्सव 2026 का मुख्य आकर्षण और कार्यक्रम
इस बार का दीपोत्सव 5 नवंबर से शुरू होकर 8 नवंबर 2026 तक चलेगा। चार दिनों तक चलने वाले इस सांस्कृतिक महाकुंभ में कई अद्भुत कार्यक्रम आयोजित होंगे। भगवान राम के जीवन प्रसंगों पर आधारित डिजिटल और पारंपरिक झांकियां निकाली जाएंगी। भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशी कलाकारों द्वारा रामलीला का मंचन किया जाएगा। सरयू नदी के न्यू घाट पर लेजर शो और संगीत की धुनों के बीच अलौकिक आरती होगी। अवध विश्वविद्यालय के हजारों छात्र-छात्राएं और स्वयंसेवक घाटों पर दीयों को सहेजने और उन्हें प्रज्वलित करने का जिम्मा संभालेंगे।
परिक्रमा मेला और बुनियादी ढांचा समीक्षा
दीपोत्सव के तुरंत बाद होने वाली 14-कोसी और 5-कोसी परिक्रमा की तैयारियों को भी इसी प्रशासनिक खाके में शामिल किया गया है। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के अनुसार, परिक्रमा मार्गों की मरम्मत, लाइटिंग व्यवस्था, और रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा घेरा मजबूत करने के निर्देश दिए जा चुके हैं ताकि आने वाले करोड़ों भक्तों को एक सुगम, सुरक्षित और आध्यात्मिक वातावरण मिल सके। (Ayodhya Deepotsav 2026)
अयोध्या इस समय केवल दीयों की रोशनी से नहीं, बल्कि अपनी प्रशासनिक मुस्तैदी और सांस्कृतिक गौरव से भी जगमगा रही है। सुरक्षा, स्वच्छता और जन-सुविधाओं का यह अनूठा त्रिवेणी संगम दीपोत्सव 2026 को इतिहास के पन्नों में अमर बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।









