Premanand Maharaj Shishya Death: वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के एक 25 वर्षीय युवा शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरी धर्मनगरी सहित देश भर के श्रद्धालुओं को झकझोर कर रख दिया है। 25 सितंबर 2026 को वृंदावन के वराह घाट स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम परिसर में घटित इस दर्दनाक घटना को शुरुआती तौर पर एक सामान्य आत्महत्या माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच में सामने आए खौफनाक तथ्यों ने इसे एक गहरे रहस्य में बदल दिया है। आइए जानते हैं कि इस घटना की पूरी ‘इनसाइड स्टोरी’ क्या है, सीसीटीवी में क्या दिखा, और पुलिस की तफ्तीश किस दिशा में आगे बढ़ रही है।
Premanand Maharaj Shishya Death: कौन थे मृतक शिष्य?
मृतक साधक का नाम दीपक लोधी था और वह मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। करीब दो साल पहले उन्होंने आध्यात्मिक मार्ग पर चलने का फैसला लिया और प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी। दीक्षा ग्रहण करने के बाद उन्हें आश्रम में रसिक दुलारी शरण नाम दिया गया था। वे राधा केली कुंज आश्रम से जुड़ी एक बिल्डिंग (गुरुकृपा कुंज) के कमरे में रहकर भक्ति और साधना कर रहे थे।
25 सितंबर की सुबह और CCTV का सच
पुलिस द्वारा जुटाई गई जानकारी और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, 25 सितंबर 2026 की सुबह करीब 10:25 बजे रसिक दुलारी शरण अपने कमरे से बाहर निकले। फुटेज में यह देखा गया कि उनके कपड़ों पर खून के गहरे धब्बे थे। कमरे से बाहर आने के बाद वे कुछ देर तक गैलरी और सीढ़ियों के पास टहलते रहे। इसके बाद वे तीसरी मंजिल से होते हुए चौथी मंजिल की छत पर गए। छत पर पहुंचने के बाद वह लगभग 10 सेकंड के लिए जमीन पर लेटे और फिर अचानक उठकर सुबह 10:36 बजे उन्होंने छत से नीचे छलांग लगा दी। नीचे गिरने के बाद उन्हें आनन-फानन में नजदीकी सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। (Premanand Maharaj Shishya Death)
इनसाइड स्टोरी: कमरे की तलाशी में उड़े पुलिस के होश
जब पुलिस और फॉरेंसिक टीमों ने रसिक दुलारी शरण के कमरे की जांच की, तो वहां की स्थिति देखकर हर कोई हैरान रह गया। कमरे के अंदर काफी खून बिखरा हुआ था। दीपक के कमरे से टाइल्स और मार्बल काटने वाला एक इलेक्ट्रॉनिक ग्राइंडर बरामद हुआ, जिस पर खून के निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डॉक्टरों की शुरुआती जांच में यह सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि छत से कूदने से पहले ही दीपक का प्राइवेट पार्ट बुरी तरह कटा हुआ था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, शरीर पर कई जगह फ्रैक्चर और अंदरूनी चोटों के अलावा मौत का एक मुख्य कारण शरीर से बहुत ज्यादा खून बह जाना भी था। पुलिस सूत्रों और प्रारंभिक फॉरेंसिक रिपोर्टों के अनुसार, यह आशंका जताई जा रही है कि दीपक ने छत से कूदने से पहले अपने ही कमरे में रखे ग्राइंडर से खुद के गुप्तांग को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया और उसके बाद लहूलुहान हालत में जाकर छत से छलांग लगा दी। (Premanand Maharaj Shishya Death)
पुलिस तफ्तीश के 4 मुख्य बिंदु: हत्या या आत्महत्या?
हालांकि सीसीटीवी फुटेज में दीपक खुद छत से कूदते हुए दिखाई दे रहे हैं, लेकिन ब्रज के कई संतों और आम जनता के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर एक युवा साधक ने इतना आत्मघाती और दर्दनाक कदम क्यों उठाया? पुलिस कई पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है। पुलिस ने दीपक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उसे डेटा रिकवरी के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से ठीक पहले मोबाइल से कोई चैट, वीडियो, फोटो या डेटा डिलीट तो नहीं किया गया था, जिससे उन पर बने किसी मानसिक दबाव का पता चल सके।
कुछ सामाजिक और धार्मिक विश्लेषकों का मानना है कि आध्यात्मिक कठोरता, कड़ी साधना, और ब्रह्मचर्य के नियमों के पालन को लेकर मन में उपजे किसी आंतरिक द्वंद्व या अवसाद के कारण भी साधक चरम कदम उठा लेते हैं, हालांकि इस मामले में अभी कुछ भी पुष्ट नहीं है। मथुरा पुलिस अब आश्रम में रहने वाले अन्य शिष्यों और दीपक के करीबियों की कुंडली खंगाल रही है। उनके नाम-पते का वेरिफिकेशन किया जा रहा है और आश्रम के जिम्मेदारों से भी लगातार सवाल-जवाब किए जा रहे हैं ताकि यह जाना जा सके कि दीपक का किसी से कोई विवाद तो नहीं था। (Premanand Maharaj Shishya Death)
दीपक के साले और परिजनों का कहना है कि जब से दीपक ने गुरु दीक्षा ली थी, तब से परिवार के लिए उनसे मिलना बेहद मुश्किल हो गया था। वे कई बार आश्रम आए लेकिन उन्हें इंतजार कराया जाता था और ठीक से मिलने नहीं दिया जाता था। परिजनों ने मौत की पूरी सच्चाई सामने लाने की मांग की है।
ब्रज के साधु-संतों में आक्रोश
इस घटना के बाद से ही वृंदावन के संतों में भारी रोष देखा जा रहा है। परिक्रमा मार्ग स्थित ललित कुंज आश्रम में धर्म रक्षा संघ के बैनर तले संतों की एक आपात बैठक बुलाई गई। बैठक में महंत गंगादास जी महाराज और अन्य संतों ने इस घटना की एक उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है। संतों का कहना है कि इस घटना के पीछे की पूरी सच्चाई देश के सामने आनी चाहिए ताकि सनातन संस्कृति और संतों की छवि पर कोई आंच न आए। फिलहाल, मथुरा-वृंदावन पुलिस तमाम वैज्ञानिक साक्ष्यों, मोबाइल फॉरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों को जोड़कर इस रहस्यमयी मौत का अंतिम सच तलाशने में जुटी हुई है। (Premanand Maharaj Shishya Death)









