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INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन पर ओपी राजभर का हमला, बोले- ‘वोट बटोरने और गुमराह करने का राजनीतिक ढोंग’

Om Prakash Rajbhar

Om Prakash Rajbhar: नई दिल्ली में 6 अक्टूबर 2026 को विपक्ष के ‘इंडिया ब्लॉक’ के सांसदों द्वारा निर्वाचन सदन की तरफ निकाले गए विरोध मार्च ने देश की सियासत में भारी उबाल ला दिया है। चुनाव आयोग (ECI) की ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष सड़कों पर उतरा। इस पूरे घटनाक्रम और ड्रामे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने विपक्षी गठबंधन पर करारा हमला बोला है।

Om Prakash Rajbhar का विपक्ष के प्रदर्शन पर हमला, बोले- सरकार को बदनाम करने का राजनीतिक ढोंग

राजभर ने दिल्ली में विपक्ष के इस प्रदर्शन को पूरी तरह से एक राजनीतिक ढोंग करार दिया। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने साफ तौर पर कहा, “ये लोग जो विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, वे सिर्फ वोट बटोरने और समाज को गुमराह करने के लिए हैं… वे सरकार को बदनाम करने के लिए झूठा प्रचार कर रहे हैं। ज्ञानेश कुमार को पद पर आए हुए सिर्फ दो साल हुए हैं; उनके कार्यकाल से पहले हुए सभी चुनावों में हुई धांधली का क्या?”

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के ट्वीट पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, “हाल तक वे ये शोर मचा रहे थे कि अगर उनका उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरेगा तो भाजपा पूरे देश में स्तब्ध रह जाएगी। खैर, उन्होंने झटका तो दिया, लेकिन एक अलग अंदाज में। उम्मीदवार भाजपा के चार बार के राज्यसभा सांसद हैं, जिनके बेटे को चौथी बार टिकट दिया गया है। यह भाजपा के कहने पर हुआ क्योंकि उन्हें वहां जगह नहीं मिल पा रही थी, इसलिए भाजपा ने उनके लिए यहां टिकट का इंतजाम किया। जब भाजपा ने तीसरा उम्मीदवार न उतारने को कहा, तो उन्होंने ट्वीट के जरिए घोषणा की कि वे भी तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारेंगे और इसके बजाय चार-तीन सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।” (Om Prakash Rajbhar)

राजभर पहले भी ‘इंडिया’ ब्लॉक को एक ‘नाकाम गठबंधन’ कह चुके हैं। उनका तर्क है कि इस गठबंधन के विभिन्न सहयोगियों का प्रभाव केवल अपने-अपने राज्यों तक सीमित है और राष्ट्रीय स्तर पर यह पूरी तरह प्रभावहीन है। हाल ही में उन्होंने विपक्षी एकजुटता पर चुटकी लेते हुए इसे दगे हुए कारतूसों का जमावड़ा भी कहा था

दिल्ली में ‘इंडिया’ ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन और हंगामा

‘इंडिया’ ब्लॉक के दलों ने 6 अक्टूबर 2026 को संसद भवन के मकर द्वार से भारत निर्वाचन आयोग के मुख्यालय तक एक बड़े मार्च का आह्वान किया था। विपक्ष का आरोप है कि बिहार और अन्य राज्यों में मतदाता सूचियों के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) की आड़ में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है। इसके साथ ही हालिया लोकसभा चुनावों में विपक्ष ने ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।

दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन के लिए अनुमति न होने का हवाला देते हुए ट्रांसपोर्ट भवन और आकाशवाणी भवन के पास भारी बैरिकेडिंग कर दी थी। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा समेत कई दिग्गज नेता बैरिकेड्स पर चढ़कर नारेबाजी करते नजर आए। (Om Prakash Rajbhar)

    मार्च रोके जाने के बाद राहुल और प्रियंका गांधी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। बाद में पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य विपक्षी सांसदों को हिरासत में ले लिया, जिन्हें कुछ समय बाद रिहा किया गया। इस दौरान विपक्षी नेताओं ने ‘SIR’ और ‘वोट चोरी’ लिखे हुए क्रॉस वाले सफेद कैप पहन रखे थे।

    चुनावी राजनीति और 2027 का रण

    राजभर का यह आक्रामक रुख उत्तर प्रदेश और देश की जमीनी राजनीति से भी जुड़ा है। जहाँ एक तरफ अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था, बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दों पर सरकार को घेरने में जुटे हैं और 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए हुंकार भर रहे हैं, वहीं राजभर एनडीए (NDA) के एक मजबूत सहयोगी के रूप में विपक्ष के हर वार को कुंद करने में लगे हैं।

    दिल्ली में जहां विपक्ष खुद को ‘संविधान बचाने’ और ‘पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया’ की लड़ाई का मसीहा साबित करने की कोशिश कर रहा है, वहीं राजभर जैसे जमीन से जुड़े नेता इसे सिर्फ “अहंकार और जनता को गुमराह करने का ड्रामा” बताकर जनता के बीच विपक्ष की विश्वसनीयता को कम करने की रणनीति अपना रहे हैं। (Om Prakash Rajbhar)

    दिल्ली की सड़कों पर हुआ यह सियासी संग्राम और उस पर ओम प्रकाश राजभर का तीखा बयान यह साफ करता है कि देश में चुनावी निष्पक्षता और संस्थागत पारदर्शिता को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच की खाई बहुत गहरी हो चुकी है। जहां विपक्ष इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक एक बड़ा राष्ट्रीय आंदोलन बनाने की फिराक में है, वहीं एनडीए खेमा इसे जनता के बीच एक ‘फ्लॉप शो’ और सिर्फ ‘वोट बटोरने का जरिया’ साबित करने में पूरी ताकत से जुट गया है।

    Vaishali
    Author: Vaishali

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