UP Rajya Sabha Election: उत्तर प्रदेश की राजनीति में मंगलवार का दिन गहमागहमी भरा रहा। आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सभी आठ उम्मीदवारों ने लखनऊ स्थित विधान भवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। नामांकन दाखिल करने की इस प्रक्रिया के दौरान भाजपा ने अपनी मजबूत राजनीतिक एकजुटता और चुनावी ताकत का जबरदस्त प्रदर्शन किया।
राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाले इस द्विवार्षिक चुनाव में मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) द्वारा तीसरा उम्मीदवार न उतारे जाने के फैसले के बाद अब भाजपा के सभी आठ और सपा के दोनों उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत पूरी तरह तय मानी जा रही है।
UP Rajya Sabha Election: मुख्यमंत्री और शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में ‘शक्ति प्रदर्शन’
लखनऊ में भाजपा का माहौल पूरी तरह उत्सव जैसा रहा। नामांकन दाखिल करने से पहले सभी आठों प्रत्याशी विधानसभा के सामने स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहाँ वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद सभी प्रत्याशी मंत्रियों और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ मार्च करते हुए विधान भवन पहुंचे।
निर्वाचन अधिकारी अजीत वर्मा के समक्ष पर्चा दाखिल करने के समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा योगी सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, जेपीएस राठौर, राकेश सचान और गठबंधन सहयोगी डॉ. संजय निषाद व आशीष पटेल भी प्रत्याशियों का हौसला बढ़ाने पहुंचे। (UP Rajya Sabha Election)
सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों का सटीक संतुलन
भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने इस बार उत्तर प्रदेश से पुराने किसी भी राज्यसभा सदस्य को दोबारा मौका न देकर पूरी तरह नए और कद्दावर स्थानीय चेहरों पर दांव लगाया है। पार्टी ने आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए जातिगत और सामाजिक समीकरणों का एक बेहद संतुलित गुलदस्ता तैयार किया है।
- अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) – 3 उम्मीदवार: उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह (लोधी), भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल (पाल) और झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की बेटी श्रुति गंगवार (कुर्मी)।
- दलित समुदाय – 2 उम्मीदवार: पूर्व लोकसभा सांसद विद्यासागर सोनकर और बाराबंकी की पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत।
- सामान्य वर्ग – 3 उम्मीदवार: वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा (ब्राह्मण), कद्दावर नेता गोपी कृष्ण पांडेय (ब्राह्मण) और राम प्रताप सिंह चौहान (ठाकुर/राजपूत)।
पार्टी ने इस सूची में दो महिला उम्मीदवारों (प्रियंका सिंह रावत और श्रुति गंगवार) को शामिल करके महिला प्रतिनिधित्व को भी मजबूती दी है। (UP Rajya Sabha Election)
दिग्गजों की छुट्टी और नए चेहरों को मौका
इस चुनाव में भाजपा ने कई चौंकाने वाले फैसले भी लिए हैं। पार्टी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बी.एल. वर्मा जैसे बड़े नामों को इस बार उत्तर प्रदेश से राज्यसभा नहीं भेजा है। इसके बजाय, पार्टी ने संगठन के लिए काम करने वाले जमीनी कार्यकर्ताओं और जातीय समीकरणों में फिट बैठने वाले नेताओं को प्राथमिकता दी है। यह साफ संकेत है कि पार्टी का फोकस अब पूरी तरह से ‘मिशन 2027’ पर है।
निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर सदस्यों का कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त हो रहा है, जिसके चलते यह चुनाव कराए जा रहे हैं। संख्या बल के हिसाब से भाजपा के आठों उम्मीदवारों की राह बेहद आसान है। समाजवादी पार्टी की ओर से केवल दो उम्मीदवारों वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज के कार्यकारी धनराज परिमल नाथवानी ने ही अपना नामांकन दाखिल किया है। (UP Rajya Sabha Election)
चुनावी गणित और निर्विरोध निर्वाचन के आसार
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। संख्या बल के हिसाब से भाजपा के 7 और समाजवादी पार्टी के 3 उम्मीदवारों की जीत पक्की मानी जा रही थी। हालांकि, भाजपा ने 8वां उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बनाने का संकेत दिया था, लेकिन समाजवादी पार्टी ने केवल दो ही उम्मीदवार रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी मैदान में उतारे।
सपा द्वारा तीसरा प्रत्याशी न उतारे जाने के कारण अब कुल 10 सीटों के लिए केवल 10 उम्मीदवार (भाजपा के 8 और सपा के 2) ही मैदान में हैं। ऐसे में मतदान की नौबत आने की संभावना न के बराबर है और सभी उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है। (UP Rajya Sabha Election)
पहले अटकलें थीं कि सपा चुनाव को दिलचस्प बनाने के लिए तीसरा उम्मीदवार उतार सकती है, लेकिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने साफ किया कि उनका ध्यान फिलहाल आगामी विधानसभा चुनावों पर केंद्रित है। सपा के इस कदम पर तंज कसते हुए उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि विपक्ष ने अभी से ही 2027 के चुनावों के लिए अपनी हार स्वीकार कर ली है।
नामांकन प्रक्रिया पूरी, 7 अक्टूबर को जांच; 16 अक्टूबर को मतदान और मतगणना
चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर 2026 थी, जो अब समाप्त हो चुकी है। नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर 2026 को होगी, जबकि उम्मीदवार 9 अक्टूबर 2026 तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। यदि मतदान आवश्यक हुआ, तो 16 अक्टूबर 2026 को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग कराई जाएगी। इसके बाद इसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे। (UP Rajya Sabha Election)









