Para Asian Games 2026: भारत के स्टार पैरा एथलीट रिंकू हुड्डा ने इतिहास रचते हुए 5वें पैरा एशियाई खेल 2026 में पुरुषों की भाला फेंक (F46) स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। रिंकू ने जापान के आइची-नागोया में चल रहे इन खेलों के पहले ही दिन 65.11 मीटर के सनसनीखेज थ्रो के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा में भारत का दबदबा इस कदर रहा कि देश को ‘वन-टू’ फिनिश मिली, जिसमें रिंकू के हमवतन अजीत सिंह यादव ने 65.02 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक पर कब्जा जमाया।
यह जीत सिर्फ खेल के मैदान पर एक बड़ी उपलब्धि नहीं है, बल्कि रिंकू हुड्डा के अदम्य साहस, भावनात्मक संघर्ष और कभी न हार मानने वाले जज्बे की एक दर्दभरी लेकिन बेहद खूबसूरत कहानी है। पदक जीतने के बाद भावुक हुए रिंकू ने इस ऐतिहासिक सफलता को अपनी दिवंगत मां को समर्पित करते हुए कहा, “हर पदक मेरी मां के लिए है”।
Para Asian Games 2026: दुखों का पहाड़ और मां को खोने का गम
रिंकू हुड्डा के लिए पोडियम के शीर्ष तक पहुँचने का यह सफर कांटों भरा रहा है। इस साल की शुरुआत में उन्होंने अपनी मां को खो दिया था। मां के निधन के गहरे सदमे और मानसिक दुख के बीच खेल पर ध्यान केंद्रित करना उनके लिए सबसे कठिन चुनौती थी। मैदान पर उतरते समय उनके दिल में मां की यादें थीं और उन्होंने अपनी इस ऐतिहासिक जीत को पूरी तरह से अपनी मां के आशीर्वाद का प्रतिफल बताया।
चोट की दोहरी मार और सीमित तैयारी
भावनात्मक संकट के साथ-साथ रिंकू को शारीरिक बाधाओं से भी जूझना पड़ा। प्रतियोगिता से ठीक एक-डेढ़ महीने पहले उनके कंधे में गंभीर दर्द शुरू हो गया, जिसने उनकी तैयारियों पर ब्रेक लगा दिया था। चोट के कारण स्थिति इतनी गंभीर थी कि डॉक्टरों और कोचों की सलाह पर रिंकू को लगभग 15 से 20 दिनों तक पूरी तरह से आराम करना पड़ा। (Para Asian Games 2026)
इस दौरान वह भाला फेंकना तो दूर, कोई भी अपर-बॉडी वर्कआउट नहीं कर पा रहे थे। अपनी फिटनेस को बनाए रखने के लिए वह केवल रनिंग और सामान्य जिम सेशन्स पर निर्भर थे। सीमित तैयारी और गंभीर दर्द के बावजूद जब वह मैदान पर उतरे, तो उनका इरादा सिर्फ और सिर्फ तिरंगे का मान बढ़ाना था।
रजत से स्वर्ण तक का शानदार सफर
पैरा एशियाई खेलों में रिंकू का ग्राफ लगातार ऊपर की ओर बढ़ा है। उन्होंने साल 2018 के एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था, जिसके बाद 2022 के हांगझू खेलों में उन्होंने 67.08 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक हासिल किया था। इस बार आइची-नागोया 2026 में, उन्होंने अपने पदक का रंग बदलते हुए आखिरकार स्वर्ण पदक पर मुहर लगा दी। (Para Asian Games 2026)
भारत की ऐतिहासिक शुरुआत
रिंकू हुड्डा के इस स्वर्ण पदक के साथ ही भारत ने पैरा एशियाई खेल 2026 के पहले ही दिन कुल 11 मेडल (जिसमें 4 स्वर्ण शामिल हैं) जीतकर पदक तालिका में धमाकेदार शुरुआत की है। भारत के प्रधानमंत्री, खेल मंत्रालय और भारतीय पैरालंपिक समिति ने रिंकू और अजीत की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है।









