Tiger Shroff Firing Case: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए जानलेवा हमले के मामले में सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। मुंबई के जुहू इलाके में 18 अक्टूबर 2026 शाम को हुई इस सनसनीखेज फायरिंग की घटना के महज 24 घंटे के भीतर, राजस्थान की कोटा पुलिस और मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक संयुक्त ऑपरेशन में तीन मुख्य संदिग्ध शूटरों को दबोच लिया। सोमवार को इन आरोपियों को कोटा की एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहाँ से मुंबई पुलिस को इन आरोपियों की 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मिल गई है।
Tiger Shroff Firing Case: कोटा रेलवे स्टेशन पर 15 मिनट का हाई-वोल्टेज ड्रामा
मुंबई में वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी एसवी रोड से विले पार्ले और अंधेरी की तरफ भागे। उन्होंने अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास अपनी मोटरसाइकिल छोड़ी और ट्रेन पकड़कर गुजरात के रास्ते भाग निकले। मुंबई पुलिस से मिले इनपुट और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर राजस्थान की कोटा सिटी पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई।
जैसे ही पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस कोटा रेलवे स्टेशन पहुंची, पुलिस ने महज 15 मिनट के भीतर एक बेहद सटीक और त्वरित ऑपरेशन चलाकर तीनों संदिग्धों को ट्रेन की बोगी से दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रेहान (निवासी सोनीपत, हरियाणा), ऋतिक उर्फ रोशन (निवासी बिहार) और एक अन्य आरोपी के रूप में हुई है। (Tiger Shroff Firing Case)
अदालत की कार्रवाई और ट्रांजिट रिमांड
गिरफ्तारी के बाद तीनों संदिग्धों को सुरक्षा घेरे में कोटा के MBS अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका मेडिकल टेस्ट कराया गया। इसके बाद कोटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) सुभाष चंद्र मिश्रा की देखरेख में आरोपियों को स्थानीय जज के सामने पेश किया गया।
मुंबई पुलिस की अर्जी पर अदालत ने कानून व्यवस्था और जांच की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की, ताकि उन्हें कानूनी तौर पर महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई ले जाकर गहन पूछताछ की जा सके। रेलवे कॉलोनी थाने के SHO रामस्वरूप मीणा ने पुष्टि की कि पकड़े गए संदिग्धों से प्राथमिक पूछताछ के बाद उन्हें औपचारिक रूप से मुंबई पुलिस की कस्टडी में सौंप दिया गया है। (Tiger Shroff Firing Case)
सुरक्षा चिंताओं के कारण पुलिस टीम को लौटना पड़ा वापस
सोमवार शाम को जब मुंबई पुलिस की टीम ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद तीनों आरोपियों को लेकर मुंबई के लिए रवाना हुई, तो एक नया मोड़ आ गया। सूत्रों के मुताबिक, रास्ते में पुलिस टीम को यह अंदेशा हुआ कि कुछ संदिग्ध गाड़ियाँ उनका पीछा कर रही हैं। सुरक्षा से जुड़े गंभीर खतरों और गैंगवार की आशंका को देखते हुए मुंबई पुलिस की टीम बीच रास्ते से ही वापस कोटा लौट आई और रात में सुरक्षा घेरे के बीच कोटा में ही रुकी। अब राजस्थान पुलिस की स्पेशल एस्कॉर्ट टीम की मदद से इन्हें बेहद कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच मुंबई ले जाया जा रहा है।
क्या थी पूरी घटना और रेकी की इनसाइड स्टोरी?
यह हमला रविवार शाम करीब 7 बजे मुंबई के जुहू इलाके में स्थित पुष्पा नरसी पार्क के बाहर हुआ था। टाइगर श्रॉफ वहां फुटबॉल खेलकर अपनी BMW कार में बैठ रहे थे, तभी बाइक सवार हमलावरों ने उनकी कार को निशाना बनाकर 5 से 6 राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बच गए, लेकिन उनके ड्राइवर को गोली लग गई। ड्राइवर के घायल होने के बाद टाइगर ने खुद कार की कमान संभाली और घायल ड्राइवर को लेकर अस्पताल पहुंचे। (Tiger Shroff Firing Case)
मुंबई पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, ये शूटर पिछले 10 दिनों से मुंबई में डेरा डाले हुए थे। उन्होंने टाइगर श्रॉफ के घर, जिम और आने-जाने के रास्तों की बाकायदा रेकी की थी। वे सोशल मीडिया पर पैपराजी के वीडियो और ब्लॉगर्स के पोस्ट के जरिए अभिनेता के पल-पल के रूटीन पर नजर रख रहे थे। फोरेंसिक और बैलिस्टिक जांच में पता चला है कि हमलावरों ने कुल 7 राउंड लोड किए थे। मौके से खाली खोखे और कुछ जिंदा कारतूस मिले हैं, जिससे संकेत मिलता है कि क्लोज-रेंज हमले के दौरान शूटरों का हथियार बार-बार जाम हो गया था, जिस वजह से टाइगर श्रॉफ की जान बच सकी।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग और ‘अनिल पंडित’ का कनेक्शन
इस पूरे हमले के पीछे अंडरवर्ल्ड और कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हरियाणा के शूटर रेहान को अमेरिका में बैठे गैंगस्टर अनिल पंडित ने इस काम के लिए तैयार किया था। अनिल पंडित को लॉरेंस बिश्नोई का बेहद करीबी गुर्गा माना जाता है।
फायरिंग के ठीक बाद सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप और पोस्ट के जरिए अनिल पंडित ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। इस पोस्ट में न सिर्फ हमले की बात कही गई, बल्कि अभिनेता सलमान खान को भी दोबारा धमकी देते हुए लॉरेंस बिश्नोई से माफी मांगने को कहा गया है। मुंबई पुलिस की साइबर सेल और क्राइम ब्रांच इन सोशल मीडिया दावों की तकनीकी जांच कर रही हैं। (Tiger Shroff Firing Case)
राजनीतिक प्रतिक्रिया और बॉलीवुड में दहशत
इस हाई-प्रोफाइल फायरिंग कांड के बाद महाराष्ट्र की सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बयान जारी कर इस घटना को बेहद गंभीर और निंदनीय बताया है। उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस इस मामले में सख्त कार्रवाई कर रही है और किसी भी प्रकार के गैंगवार को पनपने नहीं दिया जाएगा। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने टाइगर श्रॉफ और उनके परिवार से मुलाकात कर सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाया है।
फिलहाल, मुंबई पुलिस की टीम इन संदिग्धों को मुंबई के किला कोर्ट में पेश कर कस्टोडियल रिमांड मांगेगी, जिसके बाद इस बात का पूरी तरह पर्दाफाश हो सकेगा कि बॉलीवुड के इस एक्शन स्टार को निशाना बनाने के पीछे मुख्य मास्टरमाइंड कौन था और इसके पीछे फिरौती का क्या एंगल है। (Tiger Shroff Firing Case)









