Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की पुलिस लाइंस में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर एक भावुक पल देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और नागरिकों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले उत्तर प्रदेश के छह बलिदानी पुलिस एवं अग्निशमन सेवा कर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस विशेष अवसर पर स्मृति परेड का भव्य आयोजन किया गया, जहां शस्त्र झुकाकर अमर शहीदों को नमन किया गया।

मुख्यमंत्री ने न केवल वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान को याद किया, बल्कि कर्तव्य पथ पर जान गंवाने वाले इन छह जांबाजों के परिजनों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना, उन्हें सम्मानित किया और हर संभव सहायता व पूर्ण सहयोग का अटूट भरोसा दिलाया।
Uttar Pradesh: कर्तव्य की वेदी पर यूपी के 6 जांबाजों का सर्वोच्च बलिदान
1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच पूरे देश में ड्यूटी करते समय कुल 154 पुलिसकर्मियों ने अपनी जान गंवाई। इनमें उत्तर प्रदेश पुलिस के 6 जवान शामिल हैं।
1. फायर सर्विस चालक (स्वर्गीय) तीर्थपाल सिंह (गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट): 4 अगस्त 2026 को ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-तृतीय क्षेत्र में एक इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी में भीषण आग लग गई थी। आग बुझाते समय एक दीवार गिर गई, जिसकी चपेट में आने से तीर्थपाल सिंह की मृत्यु हो गई।
2. फायरमैन (स्वर्गीय) रोहित यादव (गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट): रोहित यादव भी उसी आग को बुझाने के अभियान में शामिल थे। लोगों की जान और संपत्ति बचाने के दौरान उन्होंने भी अपनी जान गंवा दी।
3. उपनिरीक्षक (स्वर्गीय) मोहित कुमार यादव (जालौन): मोहित कुमार यादव एक अपहरण के मामले में अगवा किए गए युवक को सुरक्षित वापस लाने के लिए सरकारी काम से जा रहे थे। (Uttar Pradesh)
4. उपनिरीक्षक (स्वर्गीय) सत्यभान सिंह (जालौन): सत्यभान सिंह भी मोहित कुमार यादव के साथ पुलिस टीम में शामिल थे। वे अपहरण के मामले में कार्रवाई करने के लिए हरियाणा जा रहे थे।
5. आरक्षी (स्वर्गीय) अशोक कुमार (जालौन): अशोक कुमार अपहरण के मामले की जांच कर रहे थे और अगवा किए गए युवक की तलाश में पुलिस टीम के साथ ड्यूटी पर थे।
6. आरक्षी (स्वर्गीय) प्रदीप कुमार (जालौन): प्रदीप कुमार भी जालौन पुलिस की उसी टीम का हिस्सा थे। वे सरकारी काम के सिलसिले में टीम के साथ यात्रा कर रहे थे। (Uttar Pradesh)
जालौन पुलिस के ये चारों जवान दो उपनिरीक्षक और दो आरक्षी हरियाणा के नूंह जिले में केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल) हाईवे के पास पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी सरकारी स्कॉर्पियो गाड़ी की एक ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। इस दर्दनाक हादसे में चारों पुलिसकर्मियों की मृत्यु हो गई। वे अपनी ड्यूटी निभाते हुए शहीद हो गए।
परिजनों से मिले सीएम योगी
स्मृति परेड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी छह शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने बेहद संवेदनशील होकर परिजनों की समस्याओं और मांगों को सुना। शहीद प्रदीप कुमार की पत्नी मयूरी वर्मा ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग से सहायता राशि मिल चुकी है और उनकी पेंशन भी शुरू हो गई है। उन्होंने अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए आवेदन किया है, जिस पर मुख्यमंत्री ने त्वरित कार्रवाई और भविष्य में किसी भी संकट के समय पूरी मदद का आश्वासन दिया है। (Uttar Pradesh)
शहीद रोहित यादव की पत्नी निशा यादव ने भी कहा कि मुख्यमंत्री ने उनके पूरे परिवार की बात को बेहद सम्मान के साथ सुना और ढांढस बंधाया कि सरकार इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ी है। सीएम योगी ने साफ किया कि इन वीर पुलिसकर्मियों का बलिदान केवल उनके परिवारों की क्षति नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश की क्षति है और सरकार उनके आश्रितों के पुनर्वास और सम्मान में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
कानून का कड़ा संदेश और पुलिस कल्याणकारी घोषणाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून के शासन को सर्वोपरि बताते हुए अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की प्रतिबद्धता दोहराई। पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने मोटरसाइकिल, मोबाइल, यूनिफॉर्म भत्तों के साथ-साथ कैशलेस चिकित्सा सुविधाओं में बढ़ोतरी के प्रबंध किए हैं। (Uttar Pradesh)









