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‘राम ने यादव को मारा’, तो कहीं पिता का नाम B.Com; यूपी की वोटर लिस्ट में अजीबोगरीब नामों पर बवाल, चुनाव आयोग ने दी सफाई

UP MLC Election 2026

UP MLC Election 2026: उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (MLC) चुनाव के ठीक पहले मतदाता सूची में एक ऐसा अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हर किसी को हैरान कर दिया है। इलाहाबाद-झांसी स्नातक खंड निर्वाचन क्षेत्र की वोटर लिस्ट में एक मतदाता का नाम ‘राम ने यादव को मारा’ दर्ज पाया गया।

इस नाम को देखकर लोग चौंक गए और इंटरनेट पर यह सवाल तैरने लगा कि आखिर ‘राम हित यादव को किसने मारा?’ विवाद बढ़ने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिनवा ने इस पर आधिकारिक सफाई दी है, जो अब जमकर वायरल हो रही है।

UP MLC Election 2026: कैसे शुरू हुआ ‘राम हित यादव’ का यह विवाद?

यह पूरा मामला तब सामने आया, जब समाजवादी पार्टी के सिटिंग एमएलसी और उम्मीदवार डॉ. मान सिंह यादव ने वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगाए। उन्होंने पाया कि मतदाता सूची में कई मतदाताओं और उनके पिताओं के नाम बेहद आपत्तिजनक और हास्यास्पद तरीके से बदले हुए थे। इस सूची में केवल एक नहीं, बल्कि कई अजब-गजब नाम देखने को मिले।

‘राम ने यादव को मारा’ वास्तविक मतदाता का नाम रामहित यादव था। पिता का नाम ‘B.Com’। एक अन्य मतदाता के पिता के नाम वाले कॉलम में डिग्री का नाम ‘B.Com’ छप गया था। ‘राम ने शर्मा को मारा’ इसी तरह की एक और त्रुटि के कारण दूसरा नाम भी बदल गया। ‘मूर्खचंद यादव’ और ‘मोहम्मद पागल रेहान’ कुछ जगहों पर इस तरह के नाम भी दर्ज मिले, जिससे मतदाता सूची की गंभीरता पर सवाल उठने लगे। (UP MLC Election 2026)

आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह सहित कई विपक्षी नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और पूछा कि आखिर देश के सबसे बड़े राज्य की मतदाता सूची में इतनी लापरवाही कैसे हो सकती है?

चुनाव आयोग ने क्या दी सफाई?

मामला तूल पकड़ने के बाद उत्तर प्रदेश मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने साफ किया कि कुल 14.81 लाख मतदाताओं में से केवल 158 प्रविष्टियों में ही इस तरह की अजीबोगरीब त्रुटियां पाई गई हैं।
आयोग ने इसके पीछे मुख्य रूप से ‘सॉफ्टवेयर ट्रांसलेशन एरर’ और मानवीय चूक को जिम्मेदार ठहराया है।

आयोग के मुताबिक, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के दौरान मतदाताओं ने अपने नाम अंग्रेजी में लिखे। सॉफ्टवेयर को इन नामों को अंग्रेजी से हिंदी में उसी तरह लिखना था, जैसे ‘Ramhit’ को ‘रामहित’ लिखना। लेकिन सॉफ्टवेयर ने नामों को गलत तरीके से अलग-अलग शब्दों में बांटकर उनका हिंदी में अर्थ बदल दिया। (UP MLC Election 2026)

मतदाता का नाम ‘Ramhit Yadav’ था। डेटा एंट्री या टाइपिंग के दौरान गलती से इसे ‘Ram hit Yadav’ (राम हिट यादव) लिख दिया गया। सॉफ्टवेयर ने ‘Hit’ शब्द को मारने के रूप में लिया और पूरे नाम का अनुवाद करके उसे ‘राम ने यादव को मारा’ बना दिया। पिता के नाम की जगह ‘B.Com’ लिखे होने के पीछे आयोग ने विशुद्ध रूप से डेटा ऑपरेटर की मानवीय चूक को कारण माना, जहाँ योग्यता वाले कॉलम का डेटा पिता के नाम वाले कॉलम में फीड हो गया था।

निर्वाचन आयोग का सख्त एक्शन

भले ही चुनाव आयोग ने इसे तकनीकी खामी बताया हो, लेकिन इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने झांसी और प्रयागराज के मंडलायुक्तों, जो इस चुनाव के लिए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी यानी ERO हैं, उनसे इस पूरी लापरवाही पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से जवाब मांगा है और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि दोषी कंप्यूटर ऑपरेटरों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए। (UP MLC Election 2026)

    सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़

    चुनाव आयोग का यह तकनीकी स्पष्टीकरण आते ही इंटरनेट यूजर्स ने इस पर मजेदार मीम्स बनाने शुरू कर दिए हैं। कोई इसे गूगल ट्रांसलेट का सबसे खतरनाक शिकार बता रहा है, तो कोई लिख रहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस दौर में असली इंटेलिजेंस गायब हो गई है।

    बहरहाल, डिजिटल मतदाता सूची प्रणाली को त्रुटिहीन बनाने के दावों के बीच, इस ‘अजब कारनामे’ ने यह साबित कर दिया है कि बिना सटीक मानवीय वेरिफिकेशन के तकनीक कभी-कभी बड़े-बड़े झटके दे सकती है। फिलहाल आयोग इन सभी 158 प्रभावित नामों को सुधारने की प्रक्रिया में जुट गया है। (UP MLC Election 2026)

    
    
    
    
    

    Vaishali
    Author: Vaishali

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