Ayodhya Deepotsav 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 अक्टूबर 2026 को अपने सरकारी आवास पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें आगामी 7 नवंबर 2026 को अयोध्या में आयोजित होने वाले भव्य दीपोत्सव की तैयारियों की समीक्षा की गई। इस साल का यह आयोजन इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि यह योगी सरकार द्वारा आयोजित किया जाने वाला 10वां दीपोत्सव होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि इस भव्य आयोजन को सनातन संस्कृति और जनआस्था के महापर्व के रूप में पूरी गरिमा, सांस्कृतिक परंपरा और भव्यता के साथ संपन्न कराया जाए।
Ayodhya Deepotsav 2026: इस बार के दीपोत्सव के प्रमुख आकर्षण
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के अनुसार, इस 10वें दीपोत्सव को अब तक का सबसे दिव्य और भव्य रूप दिया जा रहा है। अयोध्या के सरयू तट के सभी 56 घाटों पर इस वर्ष 30 लाख से अधिक मिट्टी के पारंपरिक दीये जलाकर नया रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 33 लाख से अधिक दीये मंगवाए जा रहे हैं। इस बार का सबसे बड़ा डिजिटल आकर्षण आकाश में होने वाला भव्य शो होगा। पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से बने 2,100 ड्रोनों के माध्यम से आसमान में रामायण आधारित प्रसंगों और आकाशीय कलाकृतियों का प्रदर्शन किया जाएगा।
सरयू नदी के तट पर 2,147 प्रतिभागियों द्वारा एक साथ भव्य सरयू आरती की जाएगी। इसके साथ ही राम की पैड़ी पर अत्याधुनिक 3D प्रोजेक्शन मैपिंग और डिजिटल लेजर शो का आयोजन होगा। उत्सव को राष्ट्रीय स्वरूप देने के लिए देश के विभिन्न राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक, झारखंड, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, असम, राजस्थान, बिहार, केरल, गोवा और तेलंगाना से लगभग 1,000 लोक कलाकार अयोध्या पहुंचेंगे। वे देश की विविध नृत्य और लोक परंपराओं का प्रदर्शन करेंगे। (Ayodhya Deepotsav 2026)
तैयारियों का रोडमैप और जमीनी स्तर पर काम
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रशासन को श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधा को सर्वोपरि रखने के निर्देश दिए हैं। इस महा-आयोजन में दीपों को बिछाने और उन्हें एक साथ प्रज्वलित करने के लिए डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय और विभिन्न शिक्षण संस्थानों के 35,000 से अधिक वालंटियर्स को जिम्मेदारी दी गई है। दीपोत्सव के निर्विघ्न संपन्न होने की कामना के लिए 23 अक्टूबर 2026 को ही सुबह सरयू तट के घाट संख्या 10 पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन का अनुष्ठान किया गया।
इस बार राम जन्मभूमि परिसर में भी विशेष दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। गर्भगृह और मंदिर के पत्थरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रकार के दीयों और गाय के गोबर से बने दीपकों का उपयोग किया जाएगा ताकि पत्थरों पर कालिख या तेल के निशान न पड़ें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय व्यापारियों, संतों और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के पदाधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए हैं ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन और सुरक्षा का बेहतर माहौल मिल सके। (Ayodhya Deepotsav 2026)









