UP BJP New Working Committee 2026: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उत्तर प्रदेश में मिशन 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपनी नई जंबोजेट प्रदेश कार्यसमिति-2026 की घोषणा कर दी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी द्वारा जारी की गई इस भारी-भरकम लिस्ट में कुल 548 कार्यसमिति सदस्य शामिल किए गए हैं।
इसके साथ ही संगठन को वैचारिक और रणनीतिक मजबूती देने के लिए 30 स्थायी आमंत्रित सदस्यों और 134 विशेष आमंत्रित सदस्यों के नामों का भी ऐलान किया गया है। इस हाई-प्रोफाइल लिस्ट में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, और देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत पार्टी के तमाम कद्दावर और दिग्गज नेताओं के नाम शामिल हैं।
UP BJP New Working Committee 2026: कार्यसमिति में केंद्र और यूपी के दिग्गज नेताओं को जगह
भाजपा ने अपनी कार्यसमिति के जरिए केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश की है। 30 स्थायी आमंत्रित सदस्यों की सूची में राष्ट्रीय नेताओं और उत्तर प्रदेश के प्रमुख नेताओं को जगह दी गई है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (काशी क्षेत्र से), केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मुरली मनोहर जोशी शामिल हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (गोरखपुर क्षेत्र से), उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक को स्थान मिला है।
केंद्रीय मंत्रियों और राष्ट्रीय पदाधिकारियों में हरदीप सिंह पुरी, जितिन प्रसाद, बीएल वर्मा, कमलेश पासवान, एसपी सिंह बघेल, कीर्तिवर्धन सिंह, साध्वी निरंजन ज्योति, स्मृति ईरानी, रेखा वर्मा, तारिक मंसूर और हरीश द्विवेदी के नाम शामिल हैं। इसके अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं में स्वतंत्र देव सिंह, भूपेंद्र सिंह चौधरी, डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय, सूर्य प्रताप शाही, डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, विनय कटियार, डॉ. रमापति राम त्रिपाठी, ओमप्रकाश सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को भी जगह दी गई है। वहीं, ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरपाल मौर्य और अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर बासित अली भी इस सूची में शामिल हैं।
जंबोजेट समिति का भौगोलिक और सामाजिक समीकरण
भाजपा की इस नई लिस्ट को ‘जंबोजेट’ कार्यसमिति इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि इसमें 548 मुख्य सदस्य और 134 विशेष आमंत्रित सदस्यों को जगह देकर समाज के हर वर्ग और प्रदेश के हर कोने को साधने की कोशिश की गई है। संगठन के स्तर पर उत्तर प्रदेश के सभी छह क्षेत्रों को व्यापक प्रतिनिधित्व मिला है। (UP BJP New Working Committee 2026)
| संगठनात्मक क्षेत्र | कार्यसमिति में सदस्यों की संख्या | मुख्य केंद्र / प्रभाव क्षेत्र |
| गोरखपुर क्षेत्र | 120 सदस्य | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक गढ़ |
| काशी क्षेत्र | 108 सदस्य | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र (वाराणसी) |
| अवध क्षेत्र | 104 सदस्य | राजधानी लखनऊ और अयोध्या का प्रभाव क्षेत्र |
| कानपुर क्षेत्र | 79 सदस्य | औद्योगिक बेल्ट और बुंदेलखंड का हिस्सा |
| पश्चिम क्षेत्र | 70 सदस्य | जाट और किसान बाहुल्य राजनीतिक बेल्ट |
| ब्रज क्षेत्र | 67 सदस्य | सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से अहम क्षेत्र |
इस बार भाजपा ने अपनी सूची के जरिए सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का संदेश देने की कोशिश की है। सूची में सात मुस्लिम नेताओं को शामिल किया गया है, ताकि अल्पसंख्यक समुदाय के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ सके। इसके अलावा, पिछड़े वर्ग (OBC) और दलित (SC) नेताओं को भी संगठन में जगह दी गई है। इससे पार्टी को जमीनी स्तर पर सभी वर्गों का समर्थन बढ़ाने और नाराजगी कम करने में मदद मिल सकती है।
30-31 अक्टूबर को लखनऊ में महामंथन
इस नई कार्यसमिति के ऐलान के ठीक बाद 30 और 31 अक्टूबर को राजधानी लखनऊ में दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की एक बड़ी बैठक आयोजित होने जा रही है। इस बैठक का मुख्य आकर्षण भाजपा के केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह होंगे, जो बतौर मुख्य अतिथि शामिल होकर आगामी राजनीतिक लड़ाई की रूपरेखा तैयार करेंगे। इस दो दिवसीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और कार्यसमिति के सभी नए सदस्य शामिल होंगे। बैठक में पार्टी संगठन को मजबूत बनाने, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और विपक्ष की सामाजिक मुद्दों से जुड़ी रणनीति का जवाब देने पर चर्चा होगी। (UP BJP New Working Committee 2026)
“मिशन 2027” का शंखनाद
उत्तर प्रदेश की राजनीति को देश की सत्ता का मुख्य द्वार माना जाता है। इस नई कार्यसमिति के गठन का सबसे मुख्य उद्देश्य ‘मिशन 2027’ यानी आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अभेद्य दुर्ग तैयार करना है।पार्टी के भीतर अंदरूनी तालमेल को बेहतर करने और कार्यकर्ताओं में नया जोश फूंकने के इरादे से यह बदलाव काफी समय से प्रतीक्षित था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चेहरों को स्थायी सूची के शीर्ष पर बनाए रखकर पार्टी ने यह साफ कर दिया है कि वह अपने विकासपरक शासन और मजबूत संगठनात्मक ढांचे के बल पर उत्तर प्रदेश में तीसरी बार लगातार ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।









