UP MLC Elections 2026: UP MLC चुनाव में गड़बड़ी और बूथ कैप्चरिंग की शिकायतों के बाद भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने सख्त कार्रवाई की है। आयोग ने आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में लापरवाही बरतने और मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व निगरानी ठीक से नहीं करने के आरोप में छह अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया है। इसके अलावा, पांच मतदान अधिकारियों और 16 पुलिसकर्मियों समेत 21 अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भी विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
आगरा खंड शिक्षक MLC चुनाव में गड़बड़ी और बूथ कैप्चरिंग के आरोपों के बाद छह बड़े अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें दो सेक्टर मजिस्ट्रेट, दो पुलिस इंस्पेक्टर या अतिरिक्त निरीक्षक और दो सब-इंस्पेक्टर शामिल हैं। यह कार्रवाई बूथ संख्या 21 और 26 पर मतदान के दौरान सही तरीके से निगरानी और नियंत्रण न कर पाने के कारण की गई।
इसके अलावा, पांच मतदान अधिकारियों और 16 पुलिसकर्मियों समेत कुल 21 कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। गड़बड़ी के कारण इन दोनों बूथों पर 23 अक्टूबर को हुआ मतदान रद्द कर दिया गया और 26 अक्टूबर को दोबारा मतदान कराया गया।
UP MLC Elections 2026: जब कैमरे के सामने रो पड़े थे सपा प्रत्याशी
यह पूरा मामला 23 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश में हुए विधान परिषद (MLC) की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों के द्विवार्षिक चुनाव से जुड़ा हुआ है। मतदान के दिन आगरा खंड शिक्षक सीट से समाजवादी पार्टी (SP) के प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे। वह मीडिया के कैमरों के सामने रो पड़े थे और आरोप लगाया था कि सैंया और फतेहाबाद ब्लॉक के कई बूथों पर खुलेआम ‘बूथ कैप्चरिंग’ की जा रही है और उनके समर्थकों व मतदाताओं को डरा-धमकाकर भगाया जा रहा है।
मामला गरमाने के बाद विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की, जिसके बाद आयोग ने संभागीय आयुक्त को मामले की विस्तृत जांच सौंपते हुए रिपोर्ट तलब की थी। प्राथमिक रिपोर्ट में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद आयोग ने तुरंत कदम उठाते हुए तीन बूथों (बूथ नंबर 20, 21 और 26) पर 23 अक्टूबर को हुए मतदान को पूरी तरह से रद्द कर दिया था और 26 अक्टूबर (सोमवार) को दोबारा वोटिंग कराने का आदेश दिया था। (UP MLC Elections 2026)
चुनाव आयोग की गाज: किन अधिकारियों पर गिरी बिजली?
सोमवार, 26 अक्टूबर को दोबारा मतदान शांतिपूर्वक पूरा होने के कुछ ही देर बाद चुनाव आयोग के सचिव सुमन कुमार दास ने यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा को पत्र लिखा। पत्र में कहा गया कि जिम्मेदार अधिकारी मतदान केंद्रों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सही निगरानी करने में नाकाम रहे। आयोग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए दोनों बूथों पर तैनात छह अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया।
बूथ नंबर-21 (सैंया ब्लॉक, क्षेत्र पंचायत कार्यालय)
- ओ.पी. चक – सेक्टर मजिस्ट्रेट (सह जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी)
- हरिशरण सिंह (या हरिशरण दास) – सेक्टर पुलिस अधिकारी व क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर
- संदीप कुमार – सब-इंस्पेक्टर (एत्माद्दौला थाना)
बूथ नंबर-26 (फतेहाबाद ब्लॉक, क्षेत्र पंचायत कार्यालय)
- विशाल राठौर – सेक्टर मजिस्ट्रेट (एवं क्षेत्रीय वन अधिकारी)
- पुरषोत्तम पाल – अतिरिक्त निरीक्षक (फतेहाबाद थाना)
- सुमित त्यागी – सब-इंस्पेक्टर (एकता थाना)
चुनाव आयोग ने इन सभी 6 अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने के साथ-साथ अगले 10 दिनों के भीतर इनके खिलाफ चार्जशीट का ड्रॉफ्ट तैयार कर आयोग को भेजने का निर्देश दिया है, ताकि आगे की बड़ी सजा का प्रावधान तय किया जा सके। (UP MLC Elections 2026)
21 अन्य पोलिंग स्टाफ और पुलिसकर्मियों पर भी शिकंजा
कमिश्नर की जांच रिपोर्ट के आधार पर बड़े अधिकारियों के साथ-साथ अन्य कर्मचारियों पर भी कार्रवाई शुरू की गई है। चुनाव आयोग ने बूथ संख्या 21 और 26 पर तैनात 21 कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। इनमें पांच मतदान कर्मचारी शामिल हैं, जिनमें दो पीठासीन अधिकारी और तीन पोलिंग अधिकारी हैं। इसके अलावा, बूथों की सुरक्षा में तैनात 16 पुलिसकर्मियों, जिनमें पांच हेड कांस्टेबल और 11 कांस्टेबल शामिल हैं, के खिलाफ भी जांच की जाएगी।









