Jaiprakash Narayan Birth Anniversary: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2025 को लोकनायक जयप्रकाश नारायण को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने उन्हें लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की सबसे निडर आवाजों में से एक बताया।
पीएम ने कहा कि लोकनायक जेपी ने अपना जीवन आम नागरिकों को सशक्त बनाने और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए समर्पित कर दिया।
Jaiprakash Narayan Birth Anniversary: पीएम ने दी श्रद्धांजलि
पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “संपूर्ण क्रांति के उनके आह्वान ने एक सामाजिक आंदोलन को प्रज्वलित किया, जिसमें समानता, नैतिकता और सुशासन पर आधारित राष्ट्र की परिकल्पना की गई। उन्होंने अनेक जन आंदोलनों को प्रेरित किया।
विशेष रूप से बिहार और गुजरात में, जिससे पूरे भारत में सामाजिक-राजनीतिक जागृति आई। इन आंदोलनों ने केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार को हिलाकर रख दिया, जिसने आगे चलकर आपातकाल लागू किया और हमारे संविधान को कुचल दिया।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत की अंतरात्मा की सबसे निर्भीक आवाजों में से एक और लोकतंत्र एवं सामाजिक न्याय के अथक समर्थक लोकनायक जेपी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि।”
‘जेल डायरी’ के अंश (Jaiprakash Narayan Birth Anniversary)
प्रधानमंत्री ने आपातकाल के दौरान जेल में रहते हुए लिखी अपनी किताब के पन्ने भी साझा किए, जिसमें उन्होंने लोकतंत्र के लिए उनके अटूट विश्वास का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “लोकनायक जेपी की जयंती पर अभिलेखागार से एक दुर्लभ झलक, यहाँ आपातकाल के दौरान लिखी गई उनकी किताब, “प्रिज़न डायरी” के पन्ने हैं। उनकी जेल डायरी में उनकी पीड़ा और लोकतंत्र में अटूट विश्वास झलकता है।”
जयप्रकाश नारायण का जीवन और राजनीतिक यात्रा
जयप्रकाश नारायण, जिन्हें ‘लोकनायक’ के नाम से भी जाना जाता है, एक महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनेता थे। वे अपनी ‘संपूर्ण क्रांति’ के आह्वान के लिए सबसे अधिक जाने जाते हैं, जो 1970 के दशक के मध्य में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ एक प्रमुख आंदोलन था।
जयप्रकाश नारायण का जन्म 11 अक्टूबर, 1902 को बिहार के सिताब दियारा गाँव में हुआ था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका की यात्रा की, जहाँ वे कार्ल मार्क्स की विचारधारा से प्रभावित हुए। (Jaiprakash Narayan Birth Anniversary)
स्वतंत्रता संग्राम
1929 में भारत लौटने पर, वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रूप से भाग लिया और कई बार जेल गए। वे एक प्रमुख समाजवादी विचारक थे। महात्मा गांधी भी उनके विचारों से प्रभावित थे।
आपातकाल के खिलाफ आंदोलन
1975 में आपातकाल के दौरान, उन्होंने सरकार के खिलाफ एक विशाल जन आंदोलन का नेतृत्व किया और लोकतंत्र को बहाल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी दौरान वे गिरफ्तार भी किए गए। उन्होंने “संपूर्ण क्रांति” का नारा दिया, जिसका उद्देश्य एक ऐसा समाज बनाना था जहाँ समानता, नैतिकता और सुशासन हो।
भारत रत्न से सम्मानित
1999 में, मरणोपरांत उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उन्हें समाज सेवा के लिए 1965 में रेमन मैगसेसे पुरस्कार भी मिला था। पटना हवाई अड्डे और दिल्ली के सबसे बड़े अस्पताल ‘लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल’ का नाम उन्हीं के नाम पर रखा गया है। (Jaiprakash Narayan Birth Anniversary)









