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Azam Khan Case: आजम खां और अब्दुल्ला भेजे गए जेल, MP-MLA कोर्ट ने पैन कार्ड मामले में सुनाई 7-7 साल की सजा

Azam Khan Case

Azam Khan Case: सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को रामपुर की एक विशेष MP/MLA कोर्ट ने दो पैन कार्ड रखने के मामले में 7-7 साल कैद की सजा सुनाई है। यह मामला अब्दुल्ला आजम खान द्वारा चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम आयु पूरी न होने पर दो अलग-अलग जन्मतिथि वाले दो पैन कार्ड बनवाने से संबंधित था।

आरोप था कि आजम खान ने भी इस कूटरचना में उनका साथ दिया। अदालत ने दोनों को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की जेल की सजा सुनाई है। सजा के साथ ही दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह फैसला आजम खान के लिए एक और बड़ा कानूनी झटका है, जो हाल ही में लगभग 55 दिनों पहले ही जमानत पर रिहा हुए थे।

फैसले के तुरंत बाद, दोनों को पुलिस हिरासत में ले लिया गया और रामपुर जेल भेज दिया गया। दोनों बाप-बेटे को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट से एक किमी दूर गाड़ी से रामपुर जेल लेकर गई। जेल ले जाए जाने के दौरान जब मीडिया ने आजम खान से फैसले पर प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने कहा, ‘अब क्या कहना है, कोर्ट का निर्णय है।’ कोर्ट के 7 साल की सजा सुनाने पर उन्होंने आगे कहा, ‘बेहतर है, गुनहगार समझा तो सजा सुनाई है।’ (Azam Khan Case)

Rampur

Azam Khan Case: क्या है मामला?

यह मामला वर्ष 2019 का है, जब रामपुर के मौजूदा विधायक आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस थाने में अब्दुल्ला आजम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि अब्दुल्ला ने अलग-अलग जन्म तिथियों वाले दो जन्म प्रमाण पत्रों का उपयोग करके दो पैन कार्ड तैयार करवाए।

शिकायत में कहा गया था कि उन्होंने चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु पूरी न होने के बावजूद विधायक बनने के लिए यह पूरा फर्जीवाड़ा किया। बताते चलें कि एक पैनकार्ड में अब्दुल्लाह की जन्मतिथि जनवरी 1993 है जबकि, दूसरे में जन्मतिथि 30 सितंबर 1990 दर्ज है। इस मामले की जांच के दौरान कई दस्तावेज और गवाह पेश किए गए, जिनके आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी माना। (Azam Khan Case)

7 साल की सजा का ऐलान

इस मामले में बाप-बेटे को दोषी पाए जाने के बाद रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोनों को 7 साल की जेल की सजा सुनाई है। विशेष जज शोभित बंसल की अदालत ने सभी धाराओं में अलग-अलग सजा सुनाई, जिसमें सबसे भारी सजा धारा 467 (मूल्यवान सुरक्षा दस्तावेज की जालसाजी) के तहत 7 साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना है। इस मामले में दोनों को 7 साल तक जेल जाना होगा।

कुछ दिनों पहले ही जेल से रिहा हुए हैं आजम खान

गौरतलब है कि आजम खान हाल ही में 23 सितंबर को सीतापुर जेल से जमानत पर रिहा हुए थे। कई पुराने मामलों में राहत मिलने के बावजूद यह नया फैसला उनकी मुश्किलें बढ़ा सकता है। अब्दुल्लाह आजम भी जेल जाने के कगार पर हैं। (Azam Khan Case)

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