UP Election 2027: ‘इस बार भाजपा 300 पार…’, यूपी चुनाव से पहले डिप्टी सीएम केशव मौर्य का बड़ा दावा UP को मिलेंगे 4 नए लिंक एक्सप्रेसवे… रोबोटिक्स पार्क और साइबर सेंटर को मंजूरी; योगी सरकार ने 22 प्रस्तावों पर लगाई मुहर UP Election 2027: ‘ओवैसी यूपी के लिए बहुत उत्तम, योगी को फायदा होगा’, बाबा रामदेव के बयान से प्रदेश की सियासत में हलचल यूपी में Cyclone Arnab का खतरा! 40-50 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, इन जिलों में IMD का अलर्ट; किसानों को दी गई खास सलाह Microsoft का बड़ा फैसला! 60,000 कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का ऑफर, भारत पर भी पड़ सकता है असर MLC Election Result 2026: यूपी, बिहार समेत 4 राज्यों की 28 सीटों पर मतगणना, जानें कहां किसके बीच मुकाबला
UP Election 2027: ‘इस बार भाजपा 300 पार…’, यूपी चुनाव से पहले डिप्टी सीएम केशव मौर्य का बड़ा दावा UP को मिलेंगे 4 नए लिंक एक्सप्रेसवे… रोबोटिक्स पार्क और साइबर सेंटर को मंजूरी; योगी सरकार ने 22 प्रस्तावों पर लगाई मुहर UP Election 2027: ‘ओवैसी यूपी के लिए बहुत उत्तम, योगी को फायदा होगा’, बाबा रामदेव के बयान से प्रदेश की सियासत में हलचल यूपी में Cyclone Arnab का खतरा! 40-50 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, इन जिलों में IMD का अलर्ट; किसानों को दी गई खास सलाह Microsoft का बड़ा फैसला! 60,000 कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का ऑफर, भारत पर भी पड़ सकता है असर MLC Election Result 2026: यूपी, बिहार समेत 4 राज्यों की 28 सीटों पर मतगणना, जानें कहां किसके बीच मुकाबला

Parliament Winter Session: “प्रधानमंत्री का बयान महज़ पाखंड…”, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ‘ड्रामा नहीं, डिलीवरी’ वाले बयान पर PM मोदी की आलोचना की

Parliament Winter Session

Parliament Winter Session: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सोमवार को संसद के शीतकालीन सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर उनके ड्रामा नहीं, डिलीवरी वाले बयान को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री को सबसे बड़ा ड्रामेबाज़ कहा और उन पर संसद को व्यवस्थित रूप से कमजोर करने का आरोप लगाया।

Parliament Winter Session: जयराम रमेश का आरोप

एक्स पर लिखे गए एक कड़े शब्दों वाले पोस्ट में राज्यसभा सांसद ने प्रधानमंत्री पर संसदीय चर्चाओं में भाग न लेने और प्रत्येक सत्र से पहले संसद भवन के बाहर बड़े-बड़े बयान देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री कभी संसद नहीं आते और लगातार इसके महत्व को कम आंकते हैं।

वह कभी विपक्ष के साथ बातचीत नहीं करते। फिर भी, हर सत्र शुरू होने से पहले, वह संसद भवन के बाहर खड़े होकर बड़े-बड़े बयान देते हैं और देश से अपील करते हैं कि विपक्ष रचनात्मक सहयोग प्रदान करे ताकि लोकसभा और राज्यसभा सुचारू रूप से चल सकें।”

रमेश ने आगे कहा कि यदि संसद सुचारू रूप से नहीं चलती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री की है, क्योंकि उनकी हठ विपक्ष को महत्वपूर्ण सार्वजनिक मुद्दे उठाने से रोकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री की सत्र-पूर्व टिप्पणी को पाखंड के अलावा कुछ नहीं बताते हुए खारिज कर दिया। (Parliament Winter Session)

उन्होंने पोस्ट में लिखा, “अगर संसद सुचारू रूप से नहीं चलती है, तो इसकी पूरी ज़िम्मेदारी प्रधानमंत्री की है, क्योंकि अपनी ज़िद के चलते वे विपक्ष को जनता के ज़रूरी मुद्दों पर बोलने का मौका ही नहीं देते। वे हमेशा हर फ़ैसला अपनी मर्जी से करवाना चाहते हैं, और विपक्ष को अपना पक्ष रखने का न्यूनतम मौक़ा भी नहीं देते। संसद शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री का बयान महज़ पाखंड है। सबसे बड़ा ड्रामेबाज़ ही यहाँ ड्रामे की बात कर रहा है।”

कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी संसद के शीतकालीन सत्र से पहले प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन की पृष्ठभूमि में आई है, जिसमें उन्होंने विपक्षी दलों से लोगों के लिए एक उत्पादक सत्र आयोजित करने पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया था।

विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार चुनावों में हालिया हार के कारण वे अशांत दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने विपक्ष से मतभेदों को भुलाकर संसद में ठोस नीतियों और कानूनों को पारित कराने के लिए काम करने का आह्वान किया ताकि मानसून सत्र की बर्बादी जैसी स्थिति न आए। (Parliament Winter Session)

पीएम मोदी ने शीतकालीन संसद सत्र से पहले कहा, “मैं सभी से अनुरोध करूंगा कि वे अपने मुद्दों के बारे में सोचें। नाटक करने के लिए बहुत सारी जगहें हैं, जो कोई भी नाटक करना चाहता है, वह कर सकता है। यहां नाटक नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए (यहां नाटक नहीं होना चाहिए)। जो कोई भी नारे लगाना चाहता है, पूरा देश वहां है, आप बिहार चुनावों की हार के दौरान पहले ही यह कह चुके हैं। लेकिन यहां जोर नीति पर होना चाहिए, नारों पर नहीं।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “यह संभव है कि राजनीति में नकारात्मकता काम करे, लेकिन राष्ट्र निर्माण के लिए सकारात्मक सोच की आवश्यकता होती है। नकारात्मकता को किनारे रखकर राष्ट्र निर्माण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।” (Parliament Winter Session)


Comments are closed.

और पढ़ें