Bahraich Violence: बहराइच की एक अदालत ने 2024 के रामगोपाल मिश्रा हत्याकांड और सांप्रदायिक हिंसा मामले में मुख्य आरोपी सरफराज उर्फ रिंकू को मौत की सजा सुनाई है, जबकि नौ अन्य दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी गई है।
बहराइच कोर्ट ने मंगलवार को 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था। फैसले की खबर न्यायालय से बाहर आते ही अफरा-तफरी का माहौल है। कोई अराजकता न फैले, इसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
Bahraich Violence: उम्रकैद की सजा पाने वाले दोषियों की सूची
कोर्ट ने जिन 9 गुनहगारों को उम्रकैद की सजा दी है, उनके नाम फहीम, सैफ अली, जावेद खान, अब्दुल हमीद, तालिब उर्फ सबलू, ईसान, सुएब खान, ननकऊ और मारूफ हैं। बहराइच हिंसा मामले के 10 दोषियों में अब्दुल हमीद, उसके तीन बेटे और छह अन्य लोग शामिल हैं। मंगलवार को कोर्ट ने तीन आरोपियों- शकील अहमद, बबलू अफजल उर्फ कल्लू और खुर्शीद को दोषमुक्त कर दिया था।
विसर्जन यात्रा के दौरान भड़की हिंसा?
हरदी इलाके के महाराजगंज बाजार में 13 अक्टूबर 2024 को दुर्गा मूर्ति विसर्जन के समय यात्रा निकल रही थी। उसी दौरान डीजे पर गाना बजाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। इस दौरान 22 वर्षीय रामगोपाल मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। (Bahraich Violence)
इसके बाद इलाके में हिंसा भड़क उठी और कई दुकानों व घरों में आग लगा दी गई थी। इस हिंसा के दौरान कई अन्य लोग घायल भी हो गए। हिंसा के दौरान भीड़ बेकाबू हो गई। मकानों, दुकानों, अस्पताल, मोटरसाइकिलों और कारों को आग लगा दी गई। संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
सभी दोषियों पर एक लाख रुपये का अर्थदंड
हरदी पुलिस ने उसी दिन हत्या के आरोप में 13 लोगों के खिलाफ धारा 103/2 के तहत मामला दर्ज किया था। 13 अक्टूबर, 2024 को हुई हिंसा और रामगोपाल मिश्र की गोली मारकर हत्या के मामले में गुरुवार को न्यायालय ने दो दिन पहले दोषी करार दिए गए सरफराज को फांसी और अन्य नौ दोषियों को उम्र कैद की सजा सुनाई। (Bahraich Violence)
गुरुवार की शाम प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा द्वितीय ने फैसला सुनाया। मुख्य दोषी सरफराज को फांसी व अन्य नौ को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। सभी दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगा है।









