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“48 घंटे के अंदर PM मोदी और गौतम अडानी…”, अहमदाबाद कोर्ट ने कांग्रेस नेताओं को दिया ‘डीपफेक’ वीडियो हटाने का आदेश

PM Modi Gautam Adani Deepfake video

PM Modi Gautam Adani Deepfake video: गुजरात के अहमदाबाद स्थित एक अदालत ने कांग्रेस पार्टी और उसके चार वरिष्ठ नेताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति गौतम अडानी को दर्शाने वाले कथित तौर पर “डीपफेक” और मानहानिकारक वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि इसका निरंतर प्रसार पार्टी की प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंचा सकता है।

अदालत ने विवादित वीडियो हटाने का दिया निर्देश (PM Modi Gautam Adani Deepfake video)

अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड द्वारा दायर मानहानि के दीवानी मुकदमे की सुनवाई के दौरान अतिरिक्त दीवानी न्यायाधीश श्रीकांत शर्मा की अदालत ने 18 दिसंबर को अंतरिम आदेश पारित किया। अदालत ने कांग्रेस और उसके नेताओं जयराम रमेश, सुप्रिया श्रीनाते, पवन खेड़ा और उदय भानु चिब को आदेश की तिथि से 48 घंटे के भीतर सभी पोर्टलों, प्लेटफार्मों और डिजिटल मीडिया से विवादित वीडियो हटाने का निर्देश दिया।

विवादित वीडियो को कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक x (पूर्व में द्विटर) हैंडल पर 17 दिसंबर को अपलोड किया गया था। इसमें प्रधानमंत्री मोदी और गौतम अडानी के बीच बातचीत दिखाई गई है, जिसके साथ कैप्शन दिया गया है, “मोदी-अडानी भाई भाई, देश बेचकर खाई मलाई” (मोदी और अडानी भाई जैसे हैं, देश बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं)। (PM Modi Gautam Adani Deepfake video)

प्रतिष्ठा का अधिकार: संविधान के अनुच्छेद 21 का महत्व

वादी के अनुसार, वीडियो डीपफेक है और इसमें अडानी समूह और उसके प्रमोटर के खिलाफ आपराधिक गतिविधि, भ्रष्टाचार, राजनीतिक प्रभाव का दुरुपयोग और अन्य गंभीर आरोपों से जुड़े झूठे और दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाए गए हैं। अडानी एंटरप्राइजेज ने तर्क दिया कि सामग्री मनगढ़ंत, निराधार और जानबूझकर दशकों से मेहनत से बनाई गई प्रतिष्ठा और सद्भावना को नुकसान पहुंचाने के लिए प्रसारित की गई थी।

शिकायत, आवेदन और रिकॉर्ड पर रखे गए दस्तावेजी सामग्री का अध्ययन करने के बाद अदालत ने पाया कि सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित विवादित सामग्री में प्रथम दृष्टया मानहानिकारक बयान शामिल हैं, जो समाज में वादी की प्रतिष्ठा को धूमिल करने में सक्षम हैं। (PM Modi Gautam Adani Deepfake video)

अदालत ने पाया कि अदानी समूह में कई सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनियां शामिल हैं जिनकी अखिल भारतीय और वैश्विक उपस्थिति है और इस तरह की सामग्री का अनियंत्रित प्रसार जनता और हितधारकों को गुमराह कर सकता है और दीर्घकालिक नुकसान पहुंचा सकता है।

खुशवंत सिंह बनाम मेनका गांधी, मॉर्गन स्टेनली म्यूचुअल फंड बनाम कार्तिक दास और सुब्रमण्यम स्वामी बनाम भारत संघ जैसे सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व निर्णयों पर भरोसा करते हुए, न्यायालय ने दोहराया कि मानहानि के मामलों में निषेधाज्ञाएँ बहुत कम ही दी जानी चाहिए, लेकिन न्यायालय असाधारण मामलों में हस्तक्षेप करने के लिए सशक्त हैं जहाँ सामग्री स्पष्ट रूप से मानहानिकारक, स्पष्ट रूप से असत्य हो और जिससे अपूरणीय क्षति होने की संभावना हो। (PM Modi Gautam Adani Deepfake video)

न्यायालय ने कहा कि प्रतिष्ठा का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 का एक पहलू है। आंशिक राहत देते हुए, अदालत ने आदेश दिया कि विवादित वीडियो को अगली सुनवाई की तारीख, जो 29 दिसंबर, 2025 को तय की गई है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि यदि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता 48 घंटों के भीतर अनुपालन करने में विफल रहते हैं, तो सोशल मीडिया मध्यस्थ एक्स कॉर्प और गूगल, जिन्हें प्रतिवादी बनाया गया है, 72 घंटों के भीतर सामग्री को हटा देंगे।

अदालत ने अनुपालन न होने की स्थिति में वादी को सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया नैतिकता संहिता) नियम, 2021 के तहत संबंधित मध्यस्थों से संपर्क करने की स्वतंत्रता भी दी, जिससे ऑनलाइन प्लेटफार्मों को नियंत्रित करने वाले नियामक ढांचे को सुदृढ़ किया जा सके। (PM Modi Gautam Adani Deepfake video)

यह आदेश सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश XXXIX, नियम 1 और 2 के तहत एकतरफा अंतरिम निषेधाज्ञा का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य मानहानि मुकदमे के निपटारे के दौरान विवादित सामग्री के आगे प्रसार को रोकना है। न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि वायरल डिजिटल सामग्री के माध्यम से एक बार मानहानि होने पर उसकी भरपाई मौद्रिक क्षतिपूर्ति से पर्याप्त रूप से नहीं की जा सकती है और इसलिए उचित मामलों में तत्काल निवारक राहत आवश्यक है।

अगली सुनवाई की तिथि

इस मामले की अगली सुनवाई 29 दिसंबर को होगी, जब आरोपियों को जवाब देने और यह बताने का निर्देश दिया गया है कि अंतरिम राहत को क्यों जारी नहीं रखा जाना चाहिए। (PM Modi Gautam Adani Deepfake video)


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